रेवंत रेड्डी की राहुल गांधी से मुलाकात, मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद पर हुई चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार, 12 जून 2026 को नई दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई जब कांग्रेस नेता और तेलंगाना मामलों की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन का मध्य प्रदेश से राज्यसभा नामांकन खारिज होने के बाद पार्टी के भीतर राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा
रेवंत रेड्डी ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा, 'अपने नेता राहुल गांधी से मिलना हमेशा प्रेरणादायक रहता है। मैंने उनके साथ तेलंगाना के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उनकी दूरदर्शी सलाह और मार्गदर्शन हम सभी के लिए आगे की दिशा तय करने में मददगार साबित होंगे।' सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने नटराजन के नामांकन विवाद को गंभीरता से लिया है, क्योंकि नटराजन राज्यसभा चुनाव के लिए उनकी पसंद मानी जा रही थीं।
नामांकन खारिज होने की वजह
रिटर्निंग अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन इस आधार पर निरस्त किया कि उन्होंने अपने हलफनामे में तेलंगाना हाईकोर्ट में लंबित एक मामले का उल्लेख नहीं किया था। इसके बाद मध्य प्रदेश भाजपा (BJP) नेताओं ने दावा किया कि इस मामले से जुड़े दस्तावेज उन्हें तेलंगाना कांग्रेस के ही एक नेता के माध्यम से प्राप्त हुए थे।
कांग्रेस की आंतरिक जांच
कांग्रेस आलाकमान ने इस कथित आंतरिक साजिश को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए एक समिति गठित की है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) को भी यह पता लगाने के निर्देश दिए हैं कि पार्टी के भीतर से दस्तावेज कैसे लीक हुए। इसी बीच AICC ने नटराजन को पंजाब के लिए पार्टी पर्यवेक्षकों में भी शामिल किया है।
उत्पीड़न मामले का संदर्भ
मीनाक्षी नटराजन हैदराबाद की एक महिला कांग्रेस नेता द्वारा दर्ज उत्पीड़न मामले में सात प्रतिवादियों में शामिल हैं। पिछले वर्ष चौथे अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी (ACMM) अदालत ने उन्हें नोटिस जारी कर निजी शिकायत पर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे। यह नोटिस राज्य कांग्रेस मुख्यालय गांधी भवन में तामील हुआ था और नामांकन खारिज होने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
शिकायतकर्ता का दावा
शिकायत दर्ज कराने वाली पूर्व महिला पार्षद ने नटराजन का नामांकन खारिज होने पर दुख जताया और दावा किया कि 6 जून को कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का निजी सहायक अदालत पहुंचकर इस मामले से जुड़े दस्तावेज ले गया था। उन्होंने संबंधित नेता का नाम बताने से इनकार किया, लेकिन कहा कि अदालत परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच से इसकी पुष्टि की जा सकती है। महिला ने अपनी शिकायत में कांग्रेस नेता कुंभम शिवकुमार रेड्डी के खिलाफ कार्रवाई न करने को लेकर नटराजन समेत सात कांग्रेस नेताओं को प्रतिवादी बनाया था। नटराजन ने अपने हलफनामे में कहा था कि उन्हें दुर्भावनापूर्ण मंशा के तहत मामले में पक्षकार बनाया गया है।