कल्याण बनर्जी फिर बने TMC के लोकसभा मुख्य सचेतक, ममता ने नौ महीने बाद बहाल किया

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कल्याण बनर्जी फिर बने TMC के लोकसभा मुख्य सचेतक, ममता ने नौ महीने बाद बहाल किया

सारांश

नौ महीने पहले महुआ मोइत्रा से विवाद के बाद इस्तीफा देने वाले कल्याण बनर्जी को ममता बनर्जी ने एक बार फिर TMC का लोकसभा मुख्य सचेतक बना दिया। सुप्रीम कोर्ट में SIR मामलों में उनकी कानूनी भूमिका को श्रेय दिया जा रहा है। पार्टी के भीतर यह वापसी संगठनात्मक पुनर्गठन का हिस्सा मानी जा रही है।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी ने 14 मई 2026 को कल्याण बनर्जी को लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल का मुख्य सचेतक फिर से नियुक्त किया।
कल्याण बनर्जी ने अगस्त 2025 में इस पद से इस्तीफा दिया था — नौ महीने बाद उनकी पुनर्बहाली हुई।
उनकी जगह काकोली घोष दस्तीदार ( बारासात , उत्तर 24 परगना) को मुख्य सचेतक बनाया गया था, जिन्हें अब हटाया गया।
ममता ने सर्वोच्च न्यायालय में SIR मामलों में कल्याण बनर्जी की कानूनी भूमिका की सराहना की।
बैठक में ममता ने सांसदों को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हार से उबरकर जनसंपर्क बढ़ाने का निर्देश दिया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 14 मई 2026 को कल्याण बनर्जी को एक बार फिर लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल का मुख्य सचेतक नियुक्त किया। हुगली जिले के श्रीरामपुर निर्वाचन क्षेत्र से चार बार के सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने लगभग नौ महीने पहले इसी पद से इस्तीफा दिया था — और अब उन्हें वही पद वापस मिल गया है।

बैठक में हुई घोषणा

कोलकाता के कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास पर गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा के तृणमूल कांग्रेस सांसदों की एक बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता स्वयं ममता बनर्जी ने की। इसी बैठक में उन्होंने कल्याण बनर्जी की पुनर्नियुक्ति की औपचारिक घोषणा की। बैठक में उपस्थित पार्टी सांसदों ने इस फैसले के पीछे के कारणों पर चुप्पी बनाए रखी।

नौ महीने पहले क्यों दिया था इस्तीफा

अगस्त 2025 में कल्याण बनर्जी ने तृणमूल के लोकसभा मुख्य सचेतक पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था, जिसे ममता बनर्जी ने तत्काल स्वीकार कर लिया था। उस समय वे नादिया जिले के कृष्णानगर निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा के साथ सार्वजनिक विवाद को लेकर चर्चा में थे। इस्तीफे के बाद उत्तर 24 परगना जिले के बारासात से चार बार की सांसद काकोली घोष दस्तीदार को मुख्य सचेतक बनाया गया था।

अभिषेक बनर्जी की नियुक्ति का संदर्भ

उसी दौर में ममता बनर्जी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता सुदीप बनर्जी की जगह अपने भतीजे और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल का नेता भी नियुक्त किया था। यह ऐसे समय में आया था जब पार्टी के भीतर नेतृत्व पुनर्गठन की चर्चाएँ तेज थीं।

ममता ने की कल्याण की तारीफ

गुरुवार की बैठक में ममता बनर्जी ने सर्वोच्च न्यायालय में पश्चिम बंगाल के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मामलों को संभालने में कल्याण बनर्जी की वकील के रूप में भूमिका की खुलकर सराहना की। पार्टी के भीतर यह माना जा रहा है कि इस कानूनी योगदान ने उनकी पुनर्बहाली में अहम भूमिका निभाई।

विधानसभा चुनाव हार पर ममता का संदेश

बैठक में ममता बनर्जी ने पार्टी सांसदों को हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार से निराश न होने की हिदायत दी। उन्होंने सांसदों से अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क को और अधिक गहन करने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। यह संकेत देता है कि पार्टी नेतृत्व चुनावी झटके के बावजूद संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में सक्रिय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बहाली भी। यह ध्यान देने योग्य है कि जिस महुआ मोइत्रा विवाद की आँच में कल्याण बनर्जी ने पद छोड़ा था, उस पर पार्टी ने आज तक कोई स्पष्ट सार्वजनिक स्थिति नहीं ली। SIR मामलों में कानूनी योगदान को पुनर्बहाली का आधार बताना दर्शाता है कि पार्टी में संसदीय क्षमता अब पहले से अधिक मूल्यवान है — लेकिन यह भी कि आंतरिक अनुशासन की कीमत पारदर्शिता से चुकाई जाती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कल्याण बनर्जी को TMC का लोकसभा मुख्य सचेतक क्यों हटाया गया था?
अगस्त 2025 में कल्याण बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय वे तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा के साथ सार्वजनिक विवाद को लेकर चर्चा में थे और ममता बनर्जी ने तत्काल उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया था।
कल्याण बनर्जी की जगह किसे TMC का मुख्य सचेतक बनाया गया था?
कल्याण बनर्जी के इस्तीफे के बाद उत्तर 24 परगना जिले के बारासात निर्वाचन क्षेत्र से चार बार की तृणमूल सांसद काकोली घोष दस्तीदार को लोकसभा में TMC का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया था। अब 14 मई 2026 को कल्याण बनर्जी की पुनर्नियुक्ति के साथ उनका कार्यकाल समाप्त हो गया।
ममता बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को फिर से क्यों नियुक्त किया?
ममता बनर्जी ने सर्वोच्च न्यायालय में पश्चिम बंगाल के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामलों को संभालने में कल्याण बनर्जी की वकील के रूप में भूमिका की सराहना की। इसे उनकी पुनर्बहाली का प्रमुख कारण बताया जा रहा है, हालाँकि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर विस्तृत कारण नहीं बताए।
कालीघाट बैठक में और क्या निर्णय लिए गए?
14 मई 2026 की बैठक में ममता बनर्जी ने पार्टी सांसदों को हाल के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में TMC की हार से निराश न होने और अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क को मजबूत करने का निर्देश दिया। बैठक में लोकसभा और राज्यसभा दोनों के TMC सांसद उपस्थित थे।
अभिषेक बनर्जी TMC संसदीय दल के नेता कब बने?
अगस्त 2025 में कल्याण बनर्जी के इस्तीफे के समय ही ममता बनर्जी ने वरिष्ठ नेता सुदीप बनर्जी की जगह अपने भतीजे और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल का नेता नियुक्त किया था।
राष्ट्र प्रेस
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