बंगाल चुनाव: कल्याण बनर्जी ने आयोग के फैसले को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की

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बंगाल चुनाव: कल्याण बनर्जी ने आयोग के फैसले को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की

सारांश

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के अधिकारियों के तबादलों को चुनौती देने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारों पर सवाल उठाए हैं। क्या यह कदम प्रशासनिक कामकाज को प्रभावित करेगा?

Key Takeaways

  • कल्याण बनर्जी ने याचिका दायर की है।
  • चुनाव आयोग के कार्यों पर सवाल उठाए गए हैं।
  • मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी आयोग को पत्र लिखकर आपत्ति जताई।

कोलकाता, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के अन्य राज्यों में तबादलों को चुनौती देने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट से याचिका दायर करने की अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का मुख्य कार्य चुनाव कराना है और उसके पास प्रशासन के सभी विभागों के उच्च पदस्थ अधिकारियों को अन्य राज्यों में तबादलों के लिए अधिकृत करने का अधिकार नहीं है। ऐसे कदमों से प्रशासनिक कार्य में बाधा उत्पन्न होती है।

कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल की अध्यक्षता में खंडपीठ ने याचिका दायर करने की अनुमति प्रदान की है, और मामले की सुनवाई अगले सोमवार को होने की संभावना है।

याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया कि शीर्ष नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों के इस तरह के बड़े पैमाने पर तबादले केवल पश्चिम बंगाल में हो रहे हैं, अन्य चुनावी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नहीं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही इस सप्ताह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को दो पत्र लिखकर नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों के तबादलों पर अपनी आपत्ति जताई थी।

गुरुवार शाम भेजे गए अपने अंतिम पत्र में मुख्यमंत्री ने आयोग पर निर्वाचित राज्य सरकार के अधिकार को असंवैधानिक रूप से कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि “ऐसे पक्षपातपूर्ण, जल्दबाजी में लिए गए और एकतरफा फैसले अभूतपूर्व हैं और स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।”

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक व्यवस्था के शीर्ष अधिकारियों को विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर हटा दिया गया, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यह फैसला मनमाने तरीके से लिया गया और इसमें राज्य सरकार से अधिकारियों का पैनल भी नहीं मांगा गया, जबकि पहले चुनावों के दौरान चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच स्थापित परंपराओं का पालन किया गया है।

यह जानना महत्वपूर्ण है कि चुनाव आयोग की ओर से राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों की अधिसूचना जारी करने के कुछ घंटों बाद ही फेरबदल किया गया था। चुनाव आयोग ने रातोंरात मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जे.पी. मीना का तबादला कर दिया था। इसके अलावा, पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें पुलिस महानिदेशक और कोलकाता पुलिस आयुक्त भी शामिल हैं, को भी पदों से हटा दिया गया था।

Point of View

NationPress
21/03/2026

Frequently Asked Questions

कल्याण बनर्जी ने किस मुद्दे पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की?
कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के अन्य राज्यों में तबादलों को चुनौती देने के लिए याचिका दायर की है।
चुनाव आयोग का क्या कार्य है?
चुनाव आयोग का प्रमुख कार्य चुनाव कराना है, जिसमें उसे प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों का अधिकार नहीं है।
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