पश्चिम बंगाल चुनाव: अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति में पवित्र कर का टीएमसी में शामिल होना
सारांश
Key Takeaways
- पवित्र कर ने भाजपा की जनविरोधी नीतियों के कारण टीएमसी में शामिल होने का निर्णय लिया।
- टीएमसी की राजनीति में पवित्र कर की वापसी एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे।
कोलकाता, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम क्षेत्र में सियासी गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। बोयाल-1 ग्राम पंचायत के पूर्व भाजपा नेता पवित्र कर ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का हिस्सा बनने का निर्णय लिया।
उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति में तृणमूल में शामिल हुए।
टीएमसी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस घटनाक्रम की जानकारी साझा करते हुए कहा कि पवित्र कर ने भाजपा की जनविरोधी नीतियों से असंतोष के चलते यह कदम उठाया है।
पार्टी ने उन्हें स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में 'मां-माटी-मानुष' की भावना के साथ लोगों के लिए काम करेंगे।
पवित्र कर का राजनीतिक सफर बेहद दिलचस्प रहा है। वह पहले भी तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा रह चुके हैं। वर्ष 2018 में वह बोयाल क्षेत्र के दो गांवों के प्रधान (मुखिया) थे और उस क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान थी। हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा की ओर रुख किया था।
इसके बाद 2023 में उनकी पत्नी ने भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर बोयाल क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों की प्रमुख का पद संभाला। नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में दो ब्लॉक हैं, जिनमें नंदीग्राम-2 ब्लॉक में भाजपा की स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत मानी जाती है। पवित्र कर इसी ब्लॉक के निवासी हैं और इलाके में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं।
तृणमूल में रहते हुए भी पवित्र कर की क्षेत्र में अच्छी पकड़ और लोकप्रियता बनी हुई है। उनकी वापसी को स्थानीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
15 मार्च को चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कार्यक्रम की घोषणा की थी। इस बार, पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव होने हैं, जिसमें मतदान के लिए 23 और 29 अप्रैल की तारीख निर्धारित की गई है। वोटों की गिनती 4 मई को होगी।