कानपुर में 26-30 नवंबर: हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला, कन्हैया मित्तल समेत कई कार्यक्रम
सारांश
मुख्य बातें
कानपुर के बेनाझाबर स्थित बृजेंद्र स्वरूप पार्क में 26 से 30 नवंबर 2026 तक पाँच दिवसीय हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले का आयोजन किया जाएगा। हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान, कानपुर के तत्वावधान में होने वाले इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं, सामाजिक समरसता और सेवा भावना को समाज के व्यापक वर्गों तक पहुँचाना है। प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
मेले का स्वरूप और उद्देश्य
आयोजकों के अनुसार, मेले में धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, आध्यात्मिक संवाद, सामाजिक जागरूकता अभियान और सेवा कार्यों की प्रदर्शनी प्रमुख आकर्षण रहेंगे। विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मेले के माध्यम से पारिवारिक संस्कारों, राष्ट्रभाव और सेवा के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करना मुख्य लक्ष्य बताया गया है।
दिन-वार प्रमुख कार्यक्रम
27 नवंबर को मेले का औपचारिक उद्घाटन होगा। इसी दिन रात 8:30 बजे प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल की भजन संध्या आयोजित की जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। विद्यालयों के सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य धार्मिक आयोजन भी इस दिन निर्धारित हैं।
28 नवंबर को फिल्म 'हनुमान अंश' की टीम के कलाकार मेले में उपस्थित रहेंगे। इसी दिन आचार्य वंदन, आध्यात्म जागरण समारोह और हिंदू कनक्लेव सहित विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
29 नवंबर की रात प्रसिद्ध राष्ट्रवादी कवयित्री एवं गायिका अनामिका जैन अम्बर और अनन्या सिंह की टीम काव्य एवं संगीत की प्रस्तुति देगी। इसी दिन मातृ-पितृ वंदन, विशाल हिंदू सम्मेलन और स्तोत्र सरिता जैसे आयोजन भी प्रस्तावित हैं।
30 नवंबर को परमवीर वंदन और कार्यकर्ता सम्मान समारोह के साथ पाँच दिवसीय मेले का समापन होगा।
पूर्व-आयोजन कार्यक्रम
मुख्य मेले से पहले भी कई गतिविधियाँ निर्धारित की गई हैं। 27 अक्टूबर को विद्यालयों, महाविद्यालयों और विभिन्न संस्थानों में सामूहिक वंदेमातरम् गायन तथा परमवीर वंदन के आयोजन प्रस्तावित हैं। 15 नवंबर से स्वामी विवेकानंद रथ यात्राओं का सिलसिला शुरू होगा। इसके अतिरिक्त परिवारों में तुलसी वंदन तथा गोपाष्टमी पर गोशालाओं में गो-वंदन जैसी गतिविधियाँ भी पूर्व-आयोजन कार्यक्रमों का हिस्सा हैं।
व्यापक सामाजिक भागीदारी का लक्ष्य
आयोजन में धार्मिक-सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय संतों, विद्वानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता प्रस्तावित है। सेवा कार्यों से जुड़े संगठनों की गतिविधियों को सामने लाना और भारतीय परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इस मेले के केंद्रीय उद्देश्यों में शामिल है। यह मेला कानपुरवासियों को पाँच दिनों तक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सेवा-उन्मुख कार्यक्रमों में सहभागिता का व्यापक अवसर देगा।