कानपुर की 5 वर्षीय यशस्विनी ने योगी आदित्यनाथ को दिया बुलडोजर खिलौना, कहा 'आंखें बंद करिए'
सारांश
मुख्य बातें
गोरखपुर, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बच्चों को गिफ्ट और चॉकलेट देकर उनके चेहरों पर खुशी लाने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शुक्रवार को कानपुर की 5 वर्षीय यशस्विनी सिंह के अनोखे 'गिफ्ट' ने मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। यशस्विनी ने सीएम से कहा, 'आपके लिए एक गिफ्ट लाए हैं, पहले आंखें बंद करिए।' इसके बाद उसने एक छोटा सा बुलडोजर खिलौना मुख्यमंत्री को सौंपा। यह सरप्राइज गिफ्ट देखकर सीएम भी हंस पड़े।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में अपनी दिनचर्या के तहत भ्रमण कर रहे थे। उसी दौरान उनकी नजर 5 वर्षीय यशस्विनी पर पड़ी, जो अपने माता-पिता के साथ कानपुर से आई थी। सीएम ने यशस्विनी को बुलाया, उसे चॉकलेट दी और बातचीत की। तभी यशस्विनी ने कहा कि 'आपके लिए एक गिफ्ट लाए हैं, आंखें बंद करिए।' सीएम ने मुस्कुराते हुए उसकी बात मानी और यशस्विनी ने उनके हाथ में एक छोटा सा बुलडोजर सौंप दिया।
गिफ्ट देखकर मुख्यमंत्री और वहां मौजूद सभी लोगों के चेहरे पर मुस्कान फैल गई। यशस्विनी ने कहा, 'आपको बुलडोजर पसंद है, इसलिए मैंने आपको यह गिफ्ट दिया है।'
यशस्विनी कानपुर के प्रताप इंटरनेशनल कॉलेज में नर्सरी की छात्रा है। वह अपने पिता अभय सिंह राजावत और मां प्रियदम्वा सिंह के साथ गोरखपुर आई थी ताकि गोरक्षपीठाधीश्वर से आशीर्वाद ले सके। यशस्विनी मुख्यमंत्री से मिलकर बेहद खुश दिखाई दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें मासूम बच्ची यशस्विनी मुख्यमंत्री को बुलडोजर खिलौना दे रही थी। इस दौरान वहां उपस्थित लोग हंसते हुए दिखाई दिए। बाद में सीएम ने वह खिलौना बच्ची को वापस किया और उसे अच्छे से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
योगी आदित्यनाथ के कार्यालय ने एक पोस्ट में लिखा, "यह नन्हा-सा उपहार बड़े विश्वास का प्रतीक है, यह भरोसे की मासूम अभिव्यक्ति है। आज गोरखनाथ मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कानपुर की पांच वर्षीय यशस्विनी ने बुलडोजर खिलौना भेंट किया।"
यशस्विनी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मैंने उन्हें बुलडोजर दिया है, क्योंकि उन्हें बुलडोजर पसंद है। उन्होंने (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) मुझसे कहा कि खूब खेलना और खूब पढ़ाई करना। उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा।"