कर्नाटक में 5 माह से बंद दिव्यांग सम्मान राशि पर भाजपा नेता आर अशोक ने सरकार को लिखा पत्र
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आर अशोक ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को राज्यभर के दिव्यांग लाभार्थियों की पिछले पाँच महीनों से रुकी हुई दिव्यांग सम्मान राशि को तत्काल जारी करने की माँग की। उन्होंने इस संबंध में मुख्य सचिव और राजस्व विभाग के प्रधान सचिव को औपचारिक पत्र भी लिखा है।
मुख्य माँगें और पत्र का सार
अशोक ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि संशोधन एवं सत्यापन की प्रक्रिया के नाम पर भुगतान रोकना अमानवीय और अक्षम्य कदम है। उनके अनुसार, 'संशोधन एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसकी आड़ में आर्थिक सहायता बंद नहीं की जानी चाहिए।'
उन्होंने आंध्र प्रदेश का उदाहरण देते हुए इस राशि को बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह करने की भी माँग की। फ़िलहाल कर्नाटक में दिव्यांग सम्मान राशि इससे कम है, जो आलोचकों के अनुसार बुनियादी ज़रूरतों के लिए भी अपर्याप्त है।
दिव्यांगों पर असर
अशोक ने पत्र में रेखांकित किया कि 'अधिकांश दिव्यांग व्यक्ति अपनी दवाइयों और मासिक अनिवार्य खर्चों के लिए इसी सम्मान राशि पर पूरी तरह निर्भर हैं।' पाँच माह की देरी ने उनके दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
यह ऐसे समय में आया है जब रामनगर उपायुक्त कार्यालय के निकट नव कर्नाटक MRW/VRW/URW दिव्यांग सम्मान राशि कर्मचारी संघ के सदस्य और दिव्यांगजन अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। अशोक ने विपक्ष के नेता की हैसियत से प्रदर्शन स्थल का दौरा कर प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन प्राप्त किया।
MRW/VRW/URW कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा की माँग
अशोक ने करीब 6,000 MRW, VRW और URW कर्मचारियों को स्थायी नौकरी सुरक्षा देने की भी माँग उठाई। ये कर्मचारी कर्नाटक के दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक पुनर्वास कर्मी हैं, जो पिछले 19 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाएँ और सेवाएँ पात्र लोगों तक पहुँचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
गौरतलब है कि दो दशक तक सेवा देने के बाद भी ये कर्मचारी नियमितीकरण की प्रतीक्षा में हैं। अशोक ने मुख्य सचिव से अनुरोध किया कि इन्हें विशेष मामले के रूप में मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत कर नियमित किया जाए।
सरकार की उदासीनता पर सवाल
अशोक ने कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अनशन स्थल पर सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि भेजना तो दूर, कोई संपर्क तक नहीं किया गया। उन्होंने माँग की कि अनशनकारियों की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सरकार वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रदर्शन स्थल पर भेजे, ज्ञापन प्राप्त करे और आंदोलन समाप्त कराने के लिए ठोस कदम उठाए।
क्या होगा आगे
अशोक ने मुख्य सचिव से स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करने, संघ की माँगों पर विचार के लिए तत्काल बैठक बुलाने और माँगों पर की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी देने का अनुरोध किया है। राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।