7 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्नाटक में 5 माह से बंद दिव्यांग सम्मान राशि पर भाजपा नेता आर अशोक ने सरकार को लिखा पत्र

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक में 5 माह से बंद दिव्यांग सम्मान राशि पर भाजपा नेता आर अशोक ने सरकार को लिखा पत्र

सारांश

कर्नाटक में पाँच महीने से बंद दिव्यांग सम्मान राशि अब सियासी मुद्दा बन गई है। भाजपा नेता आर अशोक ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर भुगतान तत्काल जारी करने, राशि ₹5,000 करने और 19 साल से काम कर रहे 6,000 कर्मचारियों को नौकरी सुरक्षा देने की माँग की है।

मुख्य बातें

कर्नाटक में दिव्यांग सम्मान राशि पिछले 5 महीनों से रुकी हुई है; सरकार ने संशोधन-सत्यापन को कारण बताया है।
BJP नेता आर अशोक ने 7 अक्टूबर 2026 को मुख्य सचिव और राजस्व विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा।
माँग: बकाया सम्मान राशि तत्काल जारी हो और मासिक राशि ₹5,000 तक बढ़ाई जाए।
करीब 6,000 MRW/VRW/URW कर्मचारी 19 वर्षों की सेवा के बावजूद नौकरी सुरक्षा से वंचित हैं।
रामनगर में कर्मचारी संघ और दिव्यांगजन अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर; सरकार ने अब तक कोई प्रतिनिधि नहीं भेजा।
अशोक ने माँगों पर लिखित कार्रवाई रिपोर्ट और तत्काल बैठक की भी माँग की है।

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आर अशोक ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को राज्यभर के दिव्यांग लाभार्थियों की पिछले पाँच महीनों से रुकी हुई दिव्यांग सम्मान राशि को तत्काल जारी करने की माँग की। उन्होंने इस संबंध में मुख्य सचिव और राजस्व विभाग के प्रधान सचिव को औपचारिक पत्र भी लिखा है।

मुख्य माँगें और पत्र का सार

अशोक ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि संशोधन एवं सत्यापन की प्रक्रिया के नाम पर भुगतान रोकना अमानवीय और अक्षम्य कदम है। उनके अनुसार, 'संशोधन एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसकी आड़ में आर्थिक सहायता बंद नहीं की जानी चाहिए।'

उन्होंने आंध्र प्रदेश का उदाहरण देते हुए इस राशि को बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह करने की भी माँग की। फ़िलहाल कर्नाटक में दिव्यांग सम्मान राशि इससे कम है, जो आलोचकों के अनुसार बुनियादी ज़रूरतों के लिए भी अपर्याप्त है।

दिव्यांगों पर असर

अशोक ने पत्र में रेखांकित किया कि 'अधिकांश दिव्यांग व्यक्ति अपनी दवाइयों और मासिक अनिवार्य खर्चों के लिए इसी सम्मान राशि पर पूरी तरह निर्भर हैं।' पाँच माह की देरी ने उनके दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

यह ऐसे समय में आया है जब रामनगर उपायुक्त कार्यालय के निकट नव कर्नाटक MRW/VRW/URW दिव्यांग सम्मान राशि कर्मचारी संघ के सदस्य और दिव्यांगजन अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। अशोक ने विपक्ष के नेता की हैसियत से प्रदर्शन स्थल का दौरा कर प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन प्राप्त किया।

MRW/VRW/URW कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा की माँग

अशोक ने करीब 6,000 MRW, VRW और URW कर्मचारियों को स्थायी नौकरी सुरक्षा देने की भी माँग उठाई। ये कर्मचारी कर्नाटक के दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक पुनर्वास कर्मी हैं, जो पिछले 19 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाएँ और सेवाएँ पात्र लोगों तक पहुँचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

गौरतलब है कि दो दशक तक सेवा देने के बाद भी ये कर्मचारी नियमितीकरण की प्रतीक्षा में हैं। अशोक ने मुख्य सचिव से अनुरोध किया कि इन्हें विशेष मामले के रूप में मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत कर नियमित किया जाए।

सरकार की उदासीनता पर सवाल

अशोक ने कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अनशन स्थल पर सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि भेजना तो दूर, कोई संपर्क तक नहीं किया गया। उन्होंने माँग की कि अनशनकारियों की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सरकार वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रदर्शन स्थल पर भेजे, ज्ञापन प्राप्त करे और आंदोलन समाप्त कराने के लिए ठोस कदम उठाए।

क्या होगा आगे

अशोक ने मुख्य सचिव से स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करने, संघ की माँगों पर विचार के लिए तत्काल बैठक बुलाने और माँगों पर की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी देने का अनुरोध किया है। राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 कर्मचारियों का नियमितीकरण न होना भी दर्शाता है कि राज्य की कल्याण मशीनरी स्वयं कितनी अनिश्चित बुनियाद पर खड़ी है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में दिव्यांग सम्मान राशि क्यों रुकी हुई है?
राज्य सरकार ने संशोधन एवं सत्यापन प्रक्रिया को कारण बताते हुए पिछले पाँच महीनों से दिव्यांग सम्मान राशि का भुगतान रोका हुआ है। भाजपा नेता आर अशोक का कहना है कि यह प्रशासनिक कमी है और इसकी आड़ में लाभार्थियों की आर्थिक सहायता बंद नहीं की जानी चाहिए।
आर अशोक ने सरकार से क्या माँगें की हैं?
अशोक ने सभी बकाया महीनों की सम्मान राशि तत्काल जारी करने, मासिक राशि को बढ़ाकर ₹5,000 करने, लगभग 6,000 MRW/VRW/URW कर्मचारियों को नौकरी सुरक्षा देने और उनकी सेवाओं के नियमितीकरण पर मंत्रिमंडल में प्रस्ताव लाने की माँग की है। उन्होंने माँगों पर लिखित कार्रवाई रिपोर्ट भी माँगी है।
MRW, VRW और URW कर्मचारी कौन होते हैं?
ये कर्नाटक के दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत कार्यरत दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक पुनर्वास कर्मी हैं। ये लगभग 19 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाएँ पहुँचाने का काम कर रहे हैं, लेकिन अब तक नियमित नहीं किए गए हैं।
रामनगर में किस बात पर भूख हड़ताल हो रही है?
नव कर्नाटक MRW/VRW/URW दिव्यांग सम्मान राशि कर्मचारी संघ के सदस्य और दिव्यांगजन रामनगर उपायुक्त कार्यालय के पास अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी मुख्य माँगें बकाया सम्मान राशि जारी करना और कर्मचारियों को नौकरी सुरक्षा दिलाना है।
कर्नाटक सरकार ने अब तक क्या प्रतिक्रिया दी है?
अब तक राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अशोक ने आलोचना की है कि सरकार ने प्रदर्शन स्थल पर कोई वरिष्ठ प्रतिनिधि तक नहीं भेजा, जबकि अनशनकारियों की स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले