कर्नाटक कैबिनेट में एसआईआर पर कोई चर्चा नहीं, सोने के दुरुपयोग पर गृह मंत्री परमेश्वर ने दिए जांच के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने 21 मई 2026 को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि राज्य मंत्रिमंडल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर अभी तक कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक पुलिसकर्मियों पर 700 ग्राम सोने के कथित दुरुपयोग के मामले में तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई है और बेंगलुरु पुलिस आयुक्त को जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
एसआईआर पर कैबिनेट का रुख
गृह मंत्री परमेश्वर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एसआईआर मुद्दे पर अपना रुख पहले ही सार्वजनिक कर चुकी है। उन्होंने स्वीकार किया कि पाँच राज्यों के आगामी चुनावों के मद्देनज़र इस विषय पर अनौपचारिक बातचीत हो सकती है, लेकिन आधिकारिक कैबिनेट एजेंडे में इसका कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा, "खासकर पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान यह आशंका जताई गई थी कि एसआईआर को लेकर हमारी चिंताएं सही साबित हो सकती हैं। यहां भी एहतियात के तौर पर चर्चा हो सकती है, लेकिन आधिकारिक एजेंडे में इसका कोई उल्लेख नहीं है।"
आपराधिक मामले वापस लेने की प्रक्रिया
50 आपराधिक मामलों को वापस लेने संबंधी सवाल पर परमेश्वर ने कहा कि किसी औपचारिक निर्णय से पहले ऐसे मामलों पर सार्वजनिक टिप्पणी उचित नहीं होगी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट के भीतर एक उप-समिति इन मामलों की समीक्षा करती है। समिति की सिफारिशों के बाद कैबिनेट निर्णय लेगी और मंजूरी मिलने पर मामला अभियोजन विभाग को भेजा जाएगा।
सोने के दुरुपयोग मामले में कार्रवाई
कर्नाटक पुलिसकर्मियों पर बरामद 700 ग्राम सोने के कथित दुरुपयोग के आरोपों पर गृह मंत्री ने कहा कि मामले में तत्काल कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, "जब भी विभाग के भीतर ऐसी घटनाएं होती हैं तो संबंधित कर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए जाते हैं। आरोप साबित होने पर मामले की गंभीरता के अनुसार सजा या बर्खास्तगी की सिफारिश की जाएगी।" परमेश्वर ने बताया कि उन्होंने बेंगलुरु पुलिस आयुक्त को तत्काल जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
गृह मंत्री ने इस दावे को खारिज किया कि पुलिसकर्मी बार-बार ऐसे मामलों में संलिप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बार-बार नहीं होतीं और जब भी मामला उजागर होता है, सख्त कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि वे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नियमित रूप से रियल एस्टेट जैसे कारोबार से दूर रहने की सलाह देते हैं।
बिदादी टाउनशिप परियोजना
बिदादी टाउनशिप परियोजना पर परमेश्वर ने स्पष्ट किया कि यह कोई नई योजना नहीं है। उन्होंने बताया कि जब एनआईसीई रोड परियोजना विकसित की गई थी, तब बेंगलुरु पर जनसंख्या का दबाव कम करने के लिए तीन से चार टाउनशिप बसाने की योजना बनाई गई थी। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इसी के तहत बिदादी टाउनशिप का प्रस्ताव रखा, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दी है। परमेश्वर ने बताया कि इस परियोजना को वर्ष 2006 में ही अधिसूचित किया जा चुका था। उन्होंने कहा, "यह न तो नई परियोजना है और न ही किसी दुरुपयोग के लिए बनाई गई है। किसानों को समझाया जाएगा और सरकार के फैसले को लागू करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।"
आगे क्या होगा
सोने के दुरुपयोग मामले में बेंगलुरु पुलिस आयुक्त की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। एसआईआर पर कैबिनेट में औपचारिक चर्चा का इंतजार है और आपराधिक मामलों की वापसी पर उप-समिति की सिफारिशें आने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।