डीके शिवकुमार ने कहा, कैबिनेट फेरबदल या पावर-शेयरिंग का फैसला समय करेगा
सारांश
Key Takeaways
- डीके शिवकुमार ने कहा कि कैबिनेट फेरबदल का निर्णय समय करेगा।
- शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जाते हैं।
- पार्टी ने उपचुनाव के लिए बूथ स्तर पर रिपोर्ट इकट्ठा की है।
- परिवारवाद के सवाल पर शिवकुमार का बयान महत्वपूर्ण है।
- ऐश्वर्या कुमार के आरोपों पर शिवकुमार ने व्यंग्य किया।
बेंगलुरु, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक कांग्रेस में चल रही नेतृत्व संबंधी खींचतान के बीच, उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने गुरुवार को कहा कि राज्य में कैबिनेट फेरबदल होगा या पावर-शेयरिंग का फॉर्मूला लागू होगा, इस पर निर्णय समय ही करेगा।
यह ध्यान देने योग्य है कि शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जाते हैं और उन्होंने पहले भी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ पावर-शेयरिंग समझौते का जिक्र किया था, जो कि पार्टी हाईकमान की उपस्थिति में हुआ था।
अपने बेंगलुरु स्थित निवास पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए शिवकुमार ने इस मुद्दे पर स्पष्ट उत्तर देने से बचते हुए कहा, "समय ही इसका निर्धारण करेगा।" प्रियंका गांधी के साथ अलग बैठक की खबरों पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि वह किससे क्या चर्चा करते हैं, यह सार्वजनिक नहीं करेंगे।
जब उनसे एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के इस बयान के बारे में पूछा गया कि मुख्यमंत्री का पद खाली नहीं है, तो शिवकुमार ने कहा, "उन्होंने यह भी कहा है कि पार्टी और विधायक ही निर्णय लेंगे।"
दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के संदर्भ में उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में बूथ स्तर तक रिपोर्ट इकट्ठा की गई है और पार्टी नेताओं की राय ली गई है। उन्होंने बताया कि अगले दो-तीन दिनों में एआईसीसी के अधिकारी भी आएंगे और अंतिम निर्णय हाईकमान द्वारा लिया जाएगा।
टिकट वितरण को लेकर परिवारवाद के सवाल पर शिवकुमार ने कहा कि यहां परिवार नहीं, बल्कि पार्टी की जीत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दोनों सीटें प्रभावशाली नेताओं से जुड़ी हैं और सभी पक्षों से चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री दिवंगत अनंत कुमार की बेटी ऐश्वर्या कुमार के 'कर्नाटक को असम चुनाव के लिए कैश काउ बनाया जा रहा है' वाले आरोप पर शिवकुमार ने व्यंग्य करते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता वह कौन हैं।
कैबिनेट फेरबदल की मांग और नए चेहरों को मौका देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मंत्री बनने की इच्छा रखना गलत नहीं है। मुख्यमंत्री पहले ही फेरबदल की बात कह चुके हैं, इसलिए नेता अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।