क्या कर्नाटक में दलित महिला भाजपा कार्यकर्ता के साथ मारपीट की गई?

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क्या कर्नाटक में दलित महिला भाजपा कार्यकर्ता के साथ मारपीट की गई?

सारांश

कर्नाटक में दलित महिला भाजपा कार्यकर्ता के साथ हुए कथित मारपीट के मामले ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। इस घटना की निंदा करते हुए भाजपा ने संबंधित अधिकारियों के निलंबन की मांग की है। क्या यह घटना राज्य में कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रही है? जानें पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • कर्नाटक में दलित महिला भाजपा कार्यकर्ता के साथ मारपीट की घटना हुई।
  • भाजपा ने अधिकारियों के निलंबन की मांग की है।
  • घटना के वीडियो ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचाया।
  • कांग्रेस पर आरोप लगाया गया कि वो इस मामले में राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है।
  • मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

बेंगलुरु, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक भाजपा ने हुबली में एक दलित महिला भाजपा कार्यकर्ता के साथ कथित निर्वस्त्र कर मारपीट करने के मामले में संबंधित अधिकारियों के तत्काल निलंबन की मांग की है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो बुधवार सुबह सोशल मीडिया पर वायरल होते ही व्यापक आक्रोश और विवाद उत्पन्न हो गया।

बेंगलुरु स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय 'जगन्नाथ भवन' में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा कि हुबली में एक बेहद चौंकाने वाली घटना हुई है, जिसमें दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाली भाजपा की महिला कार्यकर्ता के साथ कथित तौर पर निर्वस्त्र कर मारपीट की गई।

विजयेंद्र ने कहा, “यदि राज्य में कानून-व्यवस्था अभी भी मौजूद है और गृह मंत्री के पास कोई अधिकार है, तो उन्हें तुरंत संबंधित अधिकारियों को निलंबित करना चाहिए।”

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं के इशारे पर काम करते हुए अधिकारियों ने भाजपा की दलित महिला कार्यकर्ता के साथ मारपीट और अभद्रता की। विजयेंद्र ने इस घटना को पूरे राज्य को शर्मसार करने वाला बताया।

घटना की पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मतदाता मैपिंग प्रक्रिया के दौरान जब ब्लॉक लेवल अधिकारी (बीएलओ) सत्यापन के लिए जाते हैं, तो उनके साथ एक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-2) को जाने की अनुमति होती है। ऐसे में उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्षद सुनंदा ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की और बाद में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि मामले की पृष्ठभूमि को ठीक से समझे बिना पुलिस अधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं के बयानों के आधार पर भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों में घुसकर उन्हें गिरफ्तार किया। भाजपा ने इस तरह की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।

उन्होंने कहा कि पीड़िता सुजाता एक दलित महिला हैं और आरोप लगाया कि कर्नाटक के पुलिस थाने कांग्रेस पार्टी के कार्यालय बन गए हैं। उन्होंने पुलिस पर कांग्रेस पार्टी के एजेंट की तरह काम करने का आरोप लगाया।

विजयेंद्र का कहना है कि जब सुजाता और उनके परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया जा रहा था, उसी दौरान महिला को कथित रूप से निर्वस्त्र कर उसके साथ मारपीट की गई। उन्होंने इस कृत्य की कड़ी निंदा की।

विधायकों पर हमलों समेत ऐसी घटनाओं की बढ़ती संख्या पर पूछे गए सवाल के जवाब में विजयेंद्र ने कहा कि विधानसभा में 140 विधायकों का बहुमत होने के कारण कांग्रेस सरकार अहंकार में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बल्लारी, हुबली और बीदर की घटनाएं दर्शाती हैं कि कांग्रेस पार्टी के “पाप का घड़ा भर चुका है” और जनता सरकार को कोस रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता उचित समय पर जवाब देगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री असहाय नजर आ रहे हैं और यह भी स्पष्ट नहीं है कि वे इन घटनाक्रमों से अवगत हैं या नहीं। विजयेंद्र ने दावा किया कि राज्य की जनता उन्हें अक्षम बता रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से, जो अक्सर डॉ. बी.आर. आंबेडकर का नाम लेते हैं, इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने और दलित महिला को न्याय दिलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों से परे, महिला महिला होती है और इस मामले में वह एक दलित महिला भी है।

विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री से “गैर-जिम्मेदार” अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सिद्धारमैया पर दलितों को लेकर “मगरमच्छ के आंसू” बहाने और पूर्व मुख्यमंत्री देवराज उर्स का रिकॉर्ड तोड़ने का दावा करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को राज्य में उत्पन्न हुई गंभीर स्थिति को समझना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि कर्नाटक के हुबली शहर में मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े एक विवाद के दौरान पुलिस द्वारा भाजपा की महिला कार्यकर्ता के साथ कथित मारपीट और निर्वस्त्र किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो बुधवार को सामने आने के बाद राज्य में हड़कंप मच गया।

Point of View

बल्कि यह समाज में व्याप्त पूर्वाग्रहों को भी उजागर करती है। इस मामले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए ताकि दोषियों को सजा मिले और ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन भाजपा ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं के घरों में घुसकर गिरफ्तारियों की कोशिश की है।
क्या पुलिस ने सही तरीके से कार्यवाही की?
भाजपा ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बिना उचित जांच के कांग्रेस नेताओं के बयानों पर कार्य किया है।
क्या घटना का वीडियो वायरल हुआ है?
हाँ, घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिससे व्यापक आक्रोश पैदा हुआ है।
भाजपा ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
भाजपा ने संबंधित अधिकारियों के निलंबन की मांग की है और इस घटना की कड़ी निंदा की है।
क्या सरकार ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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