कर्नाटक सूखा: केंद्रीय टीमें 101 तालुकों का दौरा कर रहीं, जी. परमेश्वर ने माँगा ₹11,000 करोड़ मुआवजा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने 5 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में कहा कि सूखे से प्रभावित राज्य के जमीनी हालात का मूल्यांकन करने के लिए केंद्र सरकार की तीन टीमें 3 से 6 अक्टूबर 2026 के बीच कर्नाटक के विभिन्न जिलों का दौरा कर रही हैं। राज्य ने सूखे में हुए लगभग ₹46,000 करोड़ के नुकसान के एवज में केंद्र से ₹10,000 से ₹11,000 करोड़ मुआवजे की माँग रखी है।
केंद्रीय टीमों का दौरा और कार्यक्षेत्र
राजस्व मंत्री परमेश्वर के अनुसार केंद्र की तीनों टीमों को तीन अलग-अलग समूहों में बाँटा गया है और प्रत्येक टीम तीन से चार जिलों का निरीक्षण कर रही है। पहले चरण में सूखाग्रस्त घोषित किए गए 101 तालुकों में स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार और परमेश्वर ने स्वयं केंद्रीय टीमों का स्वागत किया और उन्हें राज्य में सूखे की गंभीर स्थिति से अवगत कराया।
राज्य सरकार ने टीमों से दूसरे चरण में सूखाग्रस्त घोषित किए गए शेष 77 तालुकों का भी दौरा करने का अनुरोध किया है। केंद्रीय टीमों के सदस्यों ने कुछ स्थानों पर सीधे किसानों से बातचीत कर जमीनी वास्तविकता को समझने की कोशिश की।
मुआवजे की माँग और नुकसान का आकलन
राजस्व मंत्री परमेश्वर ने कहा कि 177 तालुकों में सूखे के कारण राज्य को लगभग ₹46,000 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। इस आधार पर कर्नाटक सरकार ने केंद्र से ₹10,000 से ₹11,000 करोड़ के मुआवजे की माँग रखी है, जो केंद्रीय टीमों के सामने भी दोहराई गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीमों का निरीक्षण पूरा होने के बाद वे केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी, जिसके आधार पर मुआवजे की राशि पर अंतिम निर्णय होगा।
गौरतलब है कि यह कर्नाटक के लिए एक असाधारण स्थिति है — परमेश्वर ने कहा कि राज्य ऐसे सूखे का सामना कर रहा है जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा।
जीएसटी संग्रह पर संभावित असर
उपमुख्यमंत्री ने चेताया कि सूखे के कारण फसल नुकसान का प्रभाव सभी क्षेत्रों पर पड़ेगा और जीएसटी संग्रह में भी गिरावट आ सकती है। उन्होंने बताया कि वित्तीय विशेषज्ञ पहले से ऐसी संभावना जता चुके हैं और सरकार आवश्यक बफर बनाए रखते हुए जीएसटी संग्रह बढ़ाने के उपायों पर विचार कर रही है। यह उल्लेखनीय है कि कर्नाटक लगातार जीएसटी संग्रह में देश में दूसरे स्थान पर रहा है।
राजस्व विभाग शुल्क वृद्धि और भूमि सुधार अधिनियम
राजस्व विभाग की विभिन्न सेवाओं के शुल्क में वृद्धि की खबरों पर परमेश्वर ने कहा कि जीवन-यापन की बढ़ती लागत और केंद्र से मिलने वाले फंड में कमी को देखते हुए कुछ सेवा शुल्कों में 'मामूली बढ़ोतरी' की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य को अपने राजस्व स्रोत मजबूत करने की आवश्यकता है।
कर्नाटक भूमि सुधार अधिनियम की धारा 79ए और 79बी पर पुनर्विचार के सवाल पर परमेश्वर ने कहा कि सरकार को इस संदर्भ में कई अर्जियाँ मिली हैं और मामले की जाँच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर इसे कैबिनेट के सामने भी रखा जाएगा।
फॉर्म 7 विवाद और चुनाव आयोग
फॉर्म 7 के कथित दुरुपयोग से जुड़ी शिकायत पर जी. परमेश्वर ने कहा कि सरकार ने चुनाव आयोग को शिकायत के साथ ठोस सबूत भी पेश किए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को फॉर्म 7 का गलत इस्तेमाल करते रंगे हाथों पकड़ा गया और संबंधित प्रमाण सौंपे गए। केंद्रीय टीमों की अंतिम रिपोर्ट के बाद कर्नाटक को मिलने वाली राहत राशि तय होगी और उसी से स्पष्ट होगा कि राज्य की माँगें किस हद तक पूरी होती हैं।