कर्नाटक में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: एलके अतीक बने CM के वित्तीय सलाहकार, कई IAS अधिकारियों के तबादले
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक सरकार ने 3 जून बुधवार को बड़े प्रशासनिक फेरबदल का ऐलान करते हुए सेवानिवृत्त IAS अधिकारी एलके अतीक को मुख्यमंत्री का वित्तीय सलाहकार नियुक्त किया है। राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी। इसी आदेश में कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों के तबादले और नई जिम्मेदारियाँ भी सौंपी गई हैं।
एलके अतीक को मिला मुख्य सचिव स्तर का दर्जा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के वित्तीय सलाहकार के रूप में एलके अतीक को वेतन और अन्य भत्ते मुख्य सचिव के पद के समकक्ष मिलेंगे। इसके साथ ही उन्हें बेंगलुरु बिज़नेस कॉरिडोर के चेयरमैन पद पर भी अगले आदेश तक बरकरार रखा गया है, जिससे राज्य की महत्वाकांक्षी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना पर उनकी पकड़ बनी रहेगी।
CMO में तुषार गिरी नाथ की एंट्री
1993 बैच के IAS अधिकारी तुषार गिरी नाथ, जो अब तक शहरी विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत थे, उन्हें तत्काल प्रभाव से मुख्यमंत्री का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वे अंजुम परवेज का स्थान लेंगे। साथ ही उन्हें शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है, जिससे बेंगलुरु से जुड़े शहरी विकास मामलों में निरंतरता बनी रहेगी।
राजेंद्र चोलन को दोहरी ज़िम्मेदारी
2008 बैच के IAS अधिकारी राजेंद्र चोलन पी, जो अब तक उपमुख्यमंत्री के सचिव के रूप में कार्यरत थे, अब मुख्यमंत्री के सचिव की भूमिका निभाएँगे। वे कावेरी बीबी की जगह यह दायित्व संभालेंगे। सरकार ने उन्हें एक और अहम ज़िम्मेदारी देते हुए कर्नाटक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (KPCL) का प्रबंध निदेशक भी नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के बाद गौरव गुप्ता को KPCL के MD पद के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
क्या मायने रखता है यह फेरबदल
मुख्यमंत्री कार्यालय और राज्य के प्रशासनिक ढाँचे में एक साथ हुए इन बदलावों को कांग्रेस नीत सरकार की कार्यशैली को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। वित्तीय सलाहकार पद पर एलके अतीक जैसे अनुभवी अधिकारी की वापसी राज्य के बजटीय और राजकोषीय फैसलों में तकनीकी विशेषज्ञता बढ़ाने का संकेत है। आने वाले महीनों में इन अधिकारियों के कामकाज से ही इस पुनर्गठन की असली परीक्षा होगी।