कर्नाटक पुलिस फेरबदल: भूषण बोरासे बने हुबली-धारवाड़ के नए आयुक्त, बेलगावी में निकम प्रकाश अमृत की नियुक्ति
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक राज्य सरकार ने 29 अगस्त 2026 को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का व्यापक फेरबदल करते हुए भूषण गुलाबराव बोरासे को हुबली-धारवाड़ का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया है। यह तबादला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
मुख्य नियुक्तियाँ
2009 बैच के आईपीएस अधिकारी भूषण गुलाबराव बोरासे, जो इससे पहले बेलगावी शहर में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं पुलिस आयुक्त के पद पर कार्यरत थे, को हुबली-धारवाड़ में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं पुलिस आयुक्त के रूप में पदस्थ किया गया है। वे एन. शशि कुमार (आईपीएस) का स्थान लेंगे, जिनका तबादला कर दिया गया है।
बोरासे के स्थान पर बेलगावी की कमान 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी निकम प्रकाश अमृत को सौंपी गई है, जो तबादले की प्रतीक्षा में थे। उन्हें बेलगावी शहर में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों में बदलाव
1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हरिशेकरन पी., जो बेंगलुरु में अपराध एवं तकनीकी सेवाओं के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक थे, को नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर भेजा गया है। वे उमेश कुमार (आईपीएस) का स्थान लेंगे, जिन्हें इस संयुक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
1997 बैच के आईपीएस अधिकारी एम. नंजुंडास्वामी, जो कर्नाटक राज्य अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएँ तथा एसडीआरएफ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक थे, को शिकायत एवं मानवाधिकार विभाग में स्थानांतरित किया गया है। वे देवज्योति राय (आईपीएस) का स्थान लेंगे।
1999 बैच के आईपीएस अधिकारी देवज्योति राय को शिकायत एवं मानवाधिकार विभाग से हटाकर बेंगलुरु में अपराध एवं तकनीकी सेवाओं के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है।
मंगलुरु रेंज में बदलाव
2007 बैच के आईपीएस अधिकारी अमित सिंह, जो मंगलुरु के पश्चिमी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक थे, को कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस के पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है। उनके स्थान पर 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी आर. चेतन को मंगलुरु के पश्चिमी रेंज का पुलिस उप महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है।
फेरबदल का महत्व
यह व्यापक पुलिस फेरबदल कर्नाटक के प्रमुख शहरी केंद्रों — हुबली-धारवाड़, बेलगावी और मंगलुरु — की कानून-व्यवस्था संरचना को नए सिरे से व्यवस्थित करता है। गौरतलब है कि ये तीनों शहर राज्य की प्रशासनिक और व्यावसायिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सभी नियुक्तियाँ अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगी।