क्या कर्नाटक में उमेश कुमार को डीसीआरई का अतिरिक्त डीजीपी बनाया गया है?

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क्या कर्नाटक में उमेश कुमार को डीसीआरई का अतिरिक्त डीजीपी बनाया गया है?

सारांश

कर्नाटक में एक नया प्रशासनिक बदलाव हुआ है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी उमेश कुमार को डीसीआरई का अतिरिक्त डीजीपी नियुक्त किया गया है। यह निर्णय रामचंद्र राव के निलंबन के बाद लिया गया है, जो एक वायरल वीडियो के चलते हुआ। जानें इस फैसले के पीछे की कहानी।

Key Takeaways

  • उमेश कुमार को डीसीआरई का अतिरिक्त डीजीपी बनाया गया है।
  • रामचंद्र राव का निलंबन एक वायरल वीडियो के चलते हुआ।
  • डीसीआरई नागरिक अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

बेंगलुरु, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी उमेश कुमार (1995 बैच) को नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह आदेश बुधवार को जारी किया गया है।

अधिसूचना के अनुसार, उमेश कुमार, जो वर्तमान में बेंगलुरु में पुलिस महानिदेशक, भर्ती के पद पर कार्यरत हैं, को तत्काल प्रभाव से और अगले आदेश तक डीसीआरई का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यह निर्णय हाल ही में डीसीआरई के पूर्व डीजीपी के. रामचंद्र राव के निलंबन के बाद लिया गया। रामचंद्र राव पर 19 जनवरी 2026 को एक वायरल वीडियो में अश्लील व्यवहार करने का आरोप लगा था, जिसमें वे कथित तौर पर अपने कार्यालय में महिलाओं के साथ अनुचित तरीके से पेश आए थे।

इस वीडियो के सोशल मीडिया पर फैलने के बाद सरकार ने उन्हें तुरंत निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश में कहा गया कि उनका आचरण सरकारी सेवक के योग्य नहीं है और इससे राज्य प्रशासन को शर्मिंदगी हुई है। यह उल्लंघन ऑल इंडिया सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स, 1968 के नियम 3 का उल्लंघन माना गया।

उमेश कुमार को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपा जाना डीसीआरई जैसे संवेदनशील विभाग में स्थिरता लाने का प्रयास है। डीसीआरई मुख्य रूप से अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामलों की जांच, नागरिक अधिकारों की रक्षा और संबंधित शिकायतों का निपटारा करता है। यह विभाग एससी/एसटी समुदायों के खिलाफ अत्याचार रोकने और उनके अधिकारों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उमेश कुमार, जो पहले कर्नाटक स्टेट रिजर्व पुलिस (केएसआरपी) में एडीजीपी रह चुके हैं और सितंबर 2025 में डीजीपी (भर्ती) पद पर पदोन्नत हुए थे, अनुभवी और प्रशासनिक रूप से मजबूत अधिकारी माने जाते हैं।

अधिसूचना कर्नाटक सरकार के कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग (सेवाएं-4) के अवर सचिव केवी अशोक द्वारा जारी की गई है और यह राज्यपाल के नाम पर है। इसे विधान सौधा, बेंगलुरु से जारी किया गया। आदेश की प्रतियां विभिन्न अधिकारियों को भेजी गई हैं, जिनमें कर्नाटक राजपत्र के कंपाइलर, प्रधान महालेखाकार, गृह मंत्रालय नई दिल्ली, मुख्यमंत्री कार्यालय, गृह विभाग, पुलिस मुख्यालय आदि शामिल हैं।

Point of View

हम इस प्रशासनिक बदलाव को कर्नाटक की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। उमेश कुमार का अनुभव उन्हें इस संवेदनशील विभाग में उचित दिशा में ले जाने में मदद करेगा। हमें उम्मीद है कि यह कदम डीसीआरई में सुधार लाएगा और नागरिक अधिकारों की रक्षा करेगा।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

उमेश कुमार को कब डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया?
उमेश कुमार को 21 जनवरी को डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
रामचंद्र राव को क्यों निलंबित किया गया?
रामचंद्र राव को एक वायरल वीडियो में अश्लील व्यवहार के आरोप में निलंबित किया गया।
डीसीआरई का क्या कार्य है?
डीसीआरई अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामलों की जांच और नागरिक अधिकारों की रक्षा करता है।
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