11 अगस्त 2026
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प्रेग्नेंट महिलाओं को करवा चौथ के दौरान किन सावधानियों का पालन करना चाहिए?

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प्रेग्नेंट महिलाओं को करवा चौथ के दौरान किन सावधानियों का पालन करना चाहिए?

सारांश

करवा चौथ पर प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए व्रत रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जानिए डॉ. मीरा पाठक से कैसे सुरक्षित रह सकते हैं।

मुख्य बातें

प्रेग्नेंट महिलाओं को निर्जला व्रत से बचना चाहिए।
थोड़ा-थोड़ा फलाहार लेना आवश्यक है।
सरगी में पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
यदि थकान या अन्य समस्याएं महसूस हों तो डॉक्टर से संपर्क करें।
हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी में विशेष सावधानी आवश्यक है।

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। करवा चौथ एक महत्वपूर्ण त्यौहार है जिसे हिंदू महिलाएं मनाती हैं। इस दिन वे अपने पति की लंबी उम्र और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। यह व्रत काफी कठिन होता है, क्योंकि महिलाएं चांद के दर्शन तक निर्जला रहती हैं। इस दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए निर्जला रहना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

सीनियर मेडिकल ऑफिसर और गाइनेकोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. मीरा पाठक ने बुधवार को राष्ट्र प्रेस के साथ एक विशेष चर्चा में बताया कि प्रेग्नेंट महिलाओं को करवा चौथ के व्रत के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

डॉ. पाठक ने प्रेग्नेंट महिलाओं को निर्जला व्रत से बचने की सलाह देते हुए कहा, "निर्जला व्रत करना बच्चे और मां दोनों के लिए सुरक्षित नहीं है। पूरे दिन थोड़े-थोड़े फलाहार लेते रहना चाहिए। फलों में केला और सेब बेहद फायदेमंद हैं। इसके अलावा, दूध, नारियल पानी, लस्सी, छाछ और थोड़ी-थोड़ी देर में पानी का सेवन करते रहना चाहिए। प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए शरीर को हाइड्रेटेड रखना अनिवार्य है।"

उन्होंने आगे कहा, "जब सुबह सरगी ली जाती है, तो प्रेग्नेंट महिलाओं को पौष्टिक चीजें खानी चाहिए और तली-भुनी चीजों से बचना चाहिए। कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन जैसे चपाती और पोहा और प्रोटीन युक्त भोजन जैसे पनीर और दही का सेवन करना चाहिए, वहीं फलों में केला और सेब शामिल करें।"

डॉ. पाठक ने सलाह दी कि पूजा के समय ज्यादा समय तक खड़े या बैठे न रहें। यदि थकान, चक्कर आना, पेट में बच्चे का कम हिलना, धड़कन तेज होना या सिर में दर्द महसूस होता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

उन्होंने यह भी बताया कि हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। यदि मां को एनीमिया या हाई ब्लड प्रेशर है, तो डॉक्टर के परामर्श के बिना व्रत न रखें। चांद के दर्शन के बाद जब खाना खाएं, तो उसे हल्का रखिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए यह व्रत विशेष सावधानियों की मांग करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझावों का पालन करना उनकी और उनके बच्चे की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। इस पर्व की धार्मिक महत्वता के साथ-साथ स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी आवश्यक है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या प्रेग्नेंट महिलाएं करवा चौथ का व्रत रख सकती हैं?
हां, लेकिन उन्हें निश्चित सावधानियों का पालन करना चाहिए, जैसे कि निर्जला व्रत से बचना।
क्या प्रेग्नेंट महिलाओं को फलाहार लेना चाहिए?
हां, पूरे दिन थोड़े-थोड़े फल और हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स लेना चाहिए।
सरगी में क्या खाना चाहिए?
सरगी में पौष्टिक चीजें जैसे चपाती, दही और फल शामिल करना चाहिए।
क्या मुझे डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
यदि आप हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी में हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना अनिवार्य है।
पूजा के समय क्या ध्यान रखना चाहिए?
पूजा के दौरान ज्यादा खड़े या बैठे न रहें, और किसी भी असुविधा पर डॉक्टर से संपर्क करें।
राष्ट्र प्रेस
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