आसिया अंद्राबी को उम्रकैद, कश्मीरी अलगाववादी गतिविधियों में मिली सजा

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आसिया अंद्राबी को उम्रकैद, कश्मीरी अलगाववादी गतिविधियों में मिली सजा

सारांश

दिल्ली की एनआईए विशेष अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी को देश के खिलाफ साजिश रचने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। उनके सहयोगियों को भी दी गई लंबी सजा। जानिए इस मामले की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

आसिया अंद्राबी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
उनके सहयोगियों को भी लंबी सजा मिली है।
यह मामला कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों से जुड़ा है।
सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सख्त सजा जरूरी है।
यह मामला 2018 से चल रहा था।

नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कश्मीरी अलगाववादी नेता एवं दुख्तरान-ए-मिल्लत (डीईएम) की प्रमुख आसिया अंद्राबी को दिल्ली की एनआईए विशेष अदालत द्वारा देश के खिलाफ साजिश रचने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

एनआईए अदालत ने आसिया अंद्राबी के दो अन्य सहयोगियों, सोफी फहमिदा और नाहिदा नसरीन को भी ३०-३० साल की सजा दी। यह निर्णय उन गंभीर आरोपों पर आधारित था, जिनमें कश्मीर घाटी में महिलाओं और युवाओं को अलगाववाद की ओर भड़काना, आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देना और भारत सरकार के खिलाफ साजिश रचना शामिल था।

जनवरी २०२६ में, एनआईए अदालत ने आसिया अंद्राबी समेत तीनों महिलाओं को यूएपीए (अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट) के विभिन्न प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने उनके भाषणों, साक्षात्कारों, सोशल मीडिया पोस्ट्स और संगठनात्मक गतिविधियों को सबूत मानते हुए सजा सुनाई। हालांकि, अदालत ने उन्हें सीधे युद्ध छेड़ने और आतंकवाद के लिए फंड जुटाने जैसे कुछ आरोपों से बरी कर दिया था। लेकिन, साजिश रचने और आतंकवादी संगठन को समर्थन देने के आरोप सिद्ध हुए।

आसिया अंद्राबी दुख्तरान-ए-मिल्लत नामक महिला संगठन की चेयरपर्सन हैं। एनआईए ने आरोप लगाया कि उन्होंने और उनके सहयोगियों ने कश्मीर में अलगाववादी विचार फैलाने, युवाओं को हिंसक रास्ते पर डालने और भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने का कार्य किया।

सजा सुनाए जाने के दौरान, एनआईए ने कोर्ट से कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में सख्त सजा जरूरी है ताकि देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था मजबूत रह सके। वहीं, बचाव पक्ष ने स्वास्थ्य कारणों और पहले से जेल में बिताए समय का हवाला देते हुए नरमी की मांग की थी।

यह मामला २०१८ में दर्ज किया गया था। एनआईए ने आरोप लगाया था कि आसिया अंद्राबी और उनके साथी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों के संपर्क में थे और कश्मीर को भारत से अलग करने की कोशिश कर रहे थे। अदालत ने लगभग आठ साल की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आसिया अंद्राबी को क्यों सजा मिली?
उन्हें देश के खिलाफ साजिश रचने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
एनआईए अदालत ने किस आधार पर सजा सुनाई?
अदालत ने उनके भाषणों और सोशल मीडिया गतिविधियों को सबूत मानते हुए सजा दी।
इस मामले में अन्य आरोपी कौन हैं?
इसके अलावा, सोफी फहमिदा और नाहिदा नसरीन को भी 30-30 साल की सजा दी गई है।
क्या आसिया अंद्राबी को सभी आरोपों से बरी किया गया?
नहीं, उन्हें कुछ आरोपों से बरी किया गया, लेकिन साजिश रचने के आरोप सिद्ध हुए।
यह मामला कब दर्ज किया गया था?
यह मामला 2018 में दर्ज किया गया था।
राष्ट्र प्रेस