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केदारनाथ धाम में 12.70 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, यात्रा सीज़न चरम पर

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केदारनाथ धाम में 12.70 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, यात्रा सीज़न चरम पर

सारांश

केदारनाथ धाम में इस सीज़न 12.70 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं — वीकेंड और छुट्टियों ने भीड़ को चरम पर पहुँचाया। व्यवस्थाओं की तारीफ के बीच पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर प्रबंधन को लेकर श्रद्धालुओं की चिंता भी सामने आई है।

मुख्य बातें

19 जून को शाम 5 बजे तक केदारनाथ धाम में 12 लाख 70 हजार 903 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे।
वीकेंड और ग्रीष्मकालीन अवकाश के कारण रुद्रप्रयाग स्थित धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
अधिकांश तीर्थयात्रियों ने मंदिर समिति और प्रशासन की दर्शन, सुरक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया।
कुछ श्रद्धालुओं ने पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालन से होने वाली असुविधा पर चिंता जताई और बेहतर प्रबंधन की माँग की।
किफायती आवास और मार्ग पर पेयजल व शौचालय सुविधाओं की उपलब्धता को यात्रियों ने सराहा।

केदारनाथ धाम में इस यात्रा सीज़न श्रद्धालुओं की आमद ने नया कीर्तिमान छूने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित इस पवित्र धाम में 19 जून को शाम 5 बजे तक 12 लाख 70 हजार 903 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके थे। वीकेंड और ग्रीष्मकालीन अवकाश के संयोग ने तीर्थयात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की है।

यात्रा का उत्साह और श्रद्धालुओं के अनुभव

देश-विदेश से पहुँचे श्रद्धालुओं में बाबा केदार के दर्शन को लेकर अपार उत्साह देखा जा रहा है। कई भक्तों ने बताया कि वर्षों की साधना और मनोकामना के बाद उन्हें यह सौभाग्य प्राप्त हुआ है। दर्शन के उपरांत अनेक श्रद्धालु भावुक हो गए और उन्होंने इस अनुभव को अपने जीवन का सबसे यादगार आध्यात्मिक पल बताया।

एक श्रद्धालु ने बताया कि पैदल चढ़ाई करके बाबा के दरबार तक पहुँचने का अनुभव सचमुच अलौकिक है और यहाँ का संपूर्ण वातावरण दिव्यता से भरा हुआ है। एक अन्य यात्री ने कहा कि केदारनाथ पहुँचकर स्वर्ग जैसी अनुभूति होती है।

व्यवस्थाओं की सराहना

यात्रा पर आए अधिकांश श्रद्धालुओं ने प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा की गई व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। तीर्थयात्रियों के अनुसार धाम में दर्शन, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ और अन्य बुनियादी सुविधाएँ संतोषजनक स्तर पर हैं। एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि पैदल मार्ग पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर शौचालय और पेयजल की सुविधाएँ उपलब्ध हैं, और किफायती दरों पर आवास भी मिल रहा है।

घोड़ा-खच्चर व्यवस्था पर चिंता

हालाँकि, कुछ श्रद्धालुओं ने पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालन को लेकर चिंता जताई। यात्रियों का कहना है कि कई स्थानों पर इन जानवरों की आवाजाही के दौरान पैदल चल रहे श्रद्धालुओं को धक्के लगते हैं और असुविधा का सामना करना पड़ता है। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से पैदल यात्रियों और घोड़ा-खच्चरों के लिए पृथक मार्ग प्रबंधन की माँग की है ताकि यात्रा और अधिक सुरक्षित व सुगम हो सके।

आगे क्या

यात्रा सीज़न के अभी और सप्ताह शेष हैं और आँकड़ों के अनुसार श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि की संभावना है। प्रशासन से अपेक्षा है कि घोड़ा-खच्चर प्रबंधन सहित अन्य व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि बढ़ती भीड़ के बीच यात्रा निर्बाध रूप से जारी रह सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाता है कि क्या बुनियादी ढाँचा इस भार के लिए तैयार है। घोड़ा-खच्चर और पैदल यात्रियों के बीच टकराव की शिकायतें नई नहीं हैं — यह हर सीज़न दोहराई जाने वाली समस्या है जिसका स्थायी समाधान अभी तक नहीं निकला। बढ़ती भीड़ के साथ पर्यावरणीय दबाव और आपदा प्रबंधन की तैयारी भी उतनी ही ज़रूरी है, जितनी दर्शन व्यवस्था — और इस पर प्रशासनिक ध्यान अपेक्षाकृत कम दिखता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केदारनाथ धाम में अब तक कितने श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं?
19 जून को शाम 5 बजे तक 12 लाख 70 हजार 903 श्रद्धालु केदारनाथ धाम में बाबा केदार के दर्शन कर चुके थे। वीकेंड और ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के कारण यह संख्या तेज़ी से बढ़ रही है।
केदारनाथ यात्रा में व्यवस्थाएँ कैसी हैं?
अधिकांश श्रद्धालुओं ने दर्शन, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं को संतोषजनक बताया है। पैदल मार्ग पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर शौचालय और पेयजल उपलब्ध हैं तथा किफायती आवास भी मिल रहा है।
केदारनाथ मार्ग पर घोड़ा-खच्चर को लेकर क्या समस्या है?
कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों की आवाजाही के दौरान पैदल चलने वाले यात्रियों को धक्के लगते हैं और असुविधा होती है। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से पैदल यात्रियों और घोड़ा-खच्चरों के लिए अलग-अलग मार्ग प्रबंधन की माँग की है।
केदारनाथ धाम कहाँ स्थित है और यहाँ कैसे पहुँचें?
केदारनाथ धाम उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। यह चारधाम यात्रा का प्रमुख तीर्थ है और गौरीकुंड से लगभग 16 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई या घोड़ा-खच्चर के ज़रिये पहुँचा जा सकता है।
केदारनाथ यात्रा सीज़न कब तक चलता है?
केदारनाथ धाम के कपाट प्रतिवर्ष अक्षय तृतीया के अवसर पर खुलते हैं और दीपावली के बाद शीतकाल में बंद होते हैं। इस वर्ष यात्रा सीज़न के अभी और सप्ताह शेष हैं और श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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