केदारताल हिमस्खलन: चार ट्रैकरों के शव बरामद, वर्तिका व दीपिका वर्मा की पहचान; 4 की तलाश जारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तरकाशी के केदारताल ट्रैक पर भारी हिमपात और हिमस्खलन की चपेट में आए आठ सदस्यीय ट्रेकिंग दल से जुड़े रेस्क्यू अभियान में बुधवार, 4 नवंबर 2026 को चार ट्रैकरों के शव बरामद किए गए। लगभग 4,000 मीटर की ऊँचाई पर बर्फ में दबे इन शवों को हेलीकॉप्टर के ज़रिए मातली हेलीपैड पहुँचाया गया, जहाँ से उन्हें जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी लाया गया। अभी भी चार ट्रैकर लापता हैं और गुरुवार, 5 नवंबर को मौसम अनुकूल रहने पर पुनः खोज अभियान शुरू किया जाएगा।
पहचाने गए मृतक
जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में परिजनों ने दो मृतक महिलाओं की पहचान वर्तिका वर्मा (28 वर्ष) और दीपिका वर्मा (29 वर्ष) के रूप में की, जो गायत्री पुरम, विकासनगर, लखनऊ की निवासी थीं। शेष दो शवों की शिनाख्त के लिए उनके परिजन उत्तरकाशी की ओर रवाना हो चुके हैं और रिपोर्टों के अनुसार उनकी स्थिति हरिद्वार के निकट बताई गई है। पुलिस ने दोनों पहचानी गई महिलाओं का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सर्च अभियान का घटनाक्रम
जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र उत्तरकाशी के अनुसार, एसडीआरएफ (SDRF) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की संयुक्त टीम ने बुधवार सुबह 8 बजे खोज अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान हिमस्खलन में दबे एक महिला और एक पुरुष के शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए। इससे पहले के ऑपरेशन में भी दो शव मिले थे, जिससे बुधवार तक कुल बरामद शवों की संख्या चार हो गई।
रेस्क्यू हेलीकॉप्टर वीटी-आरजेजी ने सुबह 10:30 बजे देहरादून से उड़ान भरी और 10:55 बजे मातली हेलीपैड पर उतरा। इसके बाद केदारताल क्षेत्र में तैनात दल के लिए करीब 50 किलोग्राम राशन, ब्यूटेन गैस और अन्य राहत सामग्री भेजी गई। हेलीकॉप्टर ने पहले तीन शव और फिर दोपहर की उड़ान में एक अन्य शव मातली लाया। अभियान के बाद हेलीकॉप्टर दोपहर 2:35 बजे देहरादून के लिए रवाना हुआ।
प्रशासनिक तैयारी और निगरानी
मातली हेलीपैड पर तहसीलदार भटवाड़ी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ (NDRF), मेडिकल टीम, राजस्व विभाग, पूर्ति विभाग और आईटीबीपी (ITBP) के जवान तैनात रहे। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य पूरे अभियान की लगातार निगरानी करते रहे। बुधवार को सर्च अभियान अपराह्न 3 बजे समाप्त किया गया और संयुक्त टीम बेस कैंप लौट आई।
आगे क्या होगा
अभी चार ट्रैकर और एक गाइड लापता हैं। गुरुवार, 5 नवंबर को मौसम की स्थिति अनुकूल रहने पर पुनः खोज अभियान चलाया जाएगा। केदारताल हिमालयी क्षेत्र में नवंबर में हिमपात और हिमस्खलन का खतरा अधिक रहता है, जिससे बचाव दल के लिए परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि शेष लापता ट्रैकरों की तलाश तब तक जारी रहेगी जब तक मौसम अनुमति देता है।