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केदारताल हिमस्खलन: चार ट्रैकरों के शव बरामद, वर्तिका व दीपिका वर्मा की पहचान; 4 की तलाश जारी

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केदारताल हिमस्खलन: चार ट्रैकरों के शव बरामद, वर्तिका व दीपिका वर्मा की पहचान; 4 की तलाश जारी

सारांश

केदारताल की बर्फीली चोटियों पर हिमस्खलन ने आठ ट्रैकरों की जान ख़तरे में डाल दी। बुधवार को चार शव बरामद हुए — दो लखनऊ की युवतियाँ पहचानी गईं। चार अभी भी लापता हैं और गुरुवार को एसडीआरएफ-निम की संयुक्त टीम फिर तलाश पर निकलेगी।

मुख्य बातें

केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन की चपेट में आए आठ सदस्यीय ट्रेकिंग दल में से चार ट्रैकरों के शव बुधवार को बरामद किए गए।
मृतकों में वर्तिका वर्मा (28) और दीपिका वर्मा (29) , लखनऊ के विकासनगर निवासी, की पहचान परिजनों ने की; दो अन्य शवों की शिनाख्त बाकी।
हेलीकॉप्टर वीटी-आरजेजी ने करीब 50 किलोग्राम राशन व राहत सामग्री पहुँचाई और चारों शवों को मातली हेलीपैड लाया।
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, निम, आईटीबीपी और प्रशासनिक टीमें तैनात; जिलाधिकारी प्रशांत आर्य अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
चार ट्रैकर अभी भी लापता; 5 नवंबर, गुरुवार को मौसम अनुकूल रहने पर खोज अभियान फिर शुरू होगा।

उत्तरकाशी के केदारताल ट्रैक पर भारी हिमपात और हिमस्खलन की चपेट में आए आठ सदस्यीय ट्रेकिंग दल से जुड़े रेस्क्यू अभियान में बुधवार, 4 नवंबर 2026 को चार ट्रैकरों के शव बरामद किए गए। लगभग 4,000 मीटर की ऊँचाई पर बर्फ में दबे इन शवों को हेलीकॉप्टर के ज़रिए मातली हेलीपैड पहुँचाया गया, जहाँ से उन्हें जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी लाया गया। अभी भी चार ट्रैकर लापता हैं और गुरुवार, 5 नवंबर को मौसम अनुकूल रहने पर पुनः खोज अभियान शुरू किया जाएगा।

पहचाने गए मृतक

जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में परिजनों ने दो मृतक महिलाओं की पहचान वर्तिका वर्मा (28 वर्ष) और दीपिका वर्मा (29 वर्ष) के रूप में की, जो गायत्री पुरम, विकासनगर, लखनऊ की निवासी थीं। शेष दो शवों की शिनाख्त के लिए उनके परिजन उत्तरकाशी की ओर रवाना हो चुके हैं और रिपोर्टों के अनुसार उनकी स्थिति हरिद्वार के निकट बताई गई है। पुलिस ने दोनों पहचानी गई महिलाओं का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सर्च अभियान का घटनाक्रम

जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र उत्तरकाशी के अनुसार, एसडीआरएफ (SDRF) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की संयुक्त टीम ने बुधवार सुबह 8 बजे खोज अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान हिमस्खलन में दबे एक महिला और एक पुरुष के शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए। इससे पहले के ऑपरेशन में भी दो शव मिले थे, जिससे बुधवार तक कुल बरामद शवों की संख्या चार हो गई।

रेस्क्यू हेलीकॉप्टर वीटी-आरजेजी ने सुबह 10:30 बजे देहरादून से उड़ान भरी और 10:55 बजे मातली हेलीपैड पर उतरा। इसके बाद केदारताल क्षेत्र में तैनात दल के लिए करीब 50 किलोग्राम राशन, ब्यूटेन गैस और अन्य राहत सामग्री भेजी गई। हेलीकॉप्टर ने पहले तीन शव और फिर दोपहर की उड़ान में एक अन्य शव मातली लाया। अभियान के बाद हेलीकॉप्टर दोपहर 2:35 बजे देहरादून के लिए रवाना हुआ।

प्रशासनिक तैयारी और निगरानी

मातली हेलीपैड पर तहसीलदार भटवाड़ी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ (NDRF), मेडिकल टीम, राजस्व विभाग, पूर्ति विभाग और आईटीबीपी (ITBP) के जवान तैनात रहे। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य पूरे अभियान की लगातार निगरानी करते रहे। बुधवार को सर्च अभियान अपराह्न 3 बजे समाप्त किया गया और संयुक्त टीम बेस कैंप लौट आई।

आगे क्या होगा

अभी चार ट्रैकर और एक गाइड लापता हैं। गुरुवार, 5 नवंबर को मौसम की स्थिति अनुकूल रहने पर पुनः खोज अभियान चलाया जाएगा। केदारताल हिमालयी क्षेत्र में नवंबर में हिमपात और हिमस्खलन का खतरा अधिक रहता है, जिससे बचाव दल के लिए परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि शेष लापता ट्रैकरों की तलाश तब तक जारी रहेगी जब तक मौसम अनुमति देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और सवाल उठता है कि क्या ऑपरेटरों द्वारा ट्रेकर पंजीकरण और अनिवार्य मौसम-मूल्यांकन प्रोटोकॉल का पालन हो रहा है। आपदा प्रबंधन तंत्र की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन असली जवाबदेही यह है कि ऐसी परिस्थितियों में अभियान को अनुमति कैसे मिली।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केदारताल हिमस्खलन हादसा क्या है?
उत्तरकाशी के केदारताल ट्रैक पर भारी हिमपात और हिमस्खलन के कारण एक आठ सदस्यीय ट्रेकिंग दल फँस गया। लगभग 4,000 मीटर की ऊँचाई पर हुए इस हादसे में अब तक चार ट्रैकरों के शव बरामद हो चुके हैं और चार अभी भी लापता हैं।
केदारताल हिमस्खलन में किनके शवों की पहचान हुई?
जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में परिजनों ने दो महिला ट्रैकरों की पहचान वर्तिका वर्मा (28 वर्ष) और दीपिका वर्मा (29 वर्ष), निवासी गायत्री पुरम, विकासनगर, लखनऊ के रूप में की। अन्य दो शवों की शिनाख्त के लिए परिजन उत्तरकाशी पहुँच रहे हैं।
केदारताल रेस्क्यू ऑपरेशन में कौन-सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
एसडीआरएफ (SDRF) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की संयुक्त टीम मुख्य खोज दल में है। इसके अलावा एनडीआरएफ, आईटीबीपी, मेडिकल टीम, राजस्व विभाग और पूर्ति विभाग भी मातली हेलीपैड पर तैनात हैं। पूरे अभियान की निगरानी जिलाधिकारी प्रशांत आर्य कर रहे हैं।
लापता ट्रैकरों की तलाश कब तक जारी रहेगी?
गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को मौसम अनुकूल रहने पर पुनः खोज अभियान शुरू किया जाएगा। बुधवार को सर्च अभियान अपराह्न 3 बजे समाप्त किया गया था। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जब तक मौसम अनुमति देगा, तब तक तलाश जारी रहेगी।
केदारताल ट्रैक इतना खतरनाक क्यों है?
केदारताल उत्तरकाशी जिले में लगभग 4,000 मीटर से अधिक ऊँचाई पर स्थित एक हिमालयी ग्लेशियल झील है। नवंबर के बाद यहाँ भारी हिमपात और हिमस्खलन का जोखिम काफी बढ़ जाता है, जिससे ट्रेकिंग दल और बचाव दोनों के लिए परिस्थितियाँ अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो जाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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