युवा संगम के छठे चरण में छत्तीसगढ़ के 50 छात्रों से मिले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 12 जून 2025 को नई दिल्ली में युवा संगम के छठे चरण में भाग ले रहे छत्तीसगढ़ के 50 युवा प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दल की मेज़बानी आईआईटी दिल्ली कर रहा है, जहाँ ये छात्र सात दिवसीय अनुभव-आधारित दौरे पर हैं।
युवा संगम कार्यक्रम क्या है
युवा संगम केंद्रीय शिक्षा विभाग की एक पहल है, जो 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को मूर्त रूप देने के लिए शुरू की गई थी। इसके तहत 12 राज्यों के युवाओं और छात्रों को एक प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के ज़रिये चुना जाता है, उनकी जोड़ियाँ बनाई जाती हैं और वे एक-दूसरे के राज्यों की यात्रा करते हैं। पिछले तीन वर्षों में इस कार्यक्रम के कई संस्करण आयोजित हो चुके हैं और यह अब अपने छठे चरण में है।
छात्रों को क्या अनुभव मिल रहा है
छत्तीसगढ़ से आए छात्र आईआईटी दिल्ली के परिसर में रह रहे हैं और संसद भवन सहित राजधानी के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं। वे आईआईटी के विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद कर प्रत्यक्ष अनुभव भी हासिल कर रहे हैं। यह सात दिवसीय दौरा अनुभव से सीखने के सिद्धांत पर आधारित है।
मंत्री प्रधान ने क्या कहा
पत्रकारों से बात करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के युवाओं में मौजूद अपार क्षमता को पहचानते हैं। उनका मानना है कि अगर सही मौके मिलें तो भारत के युवा बड़ी उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं और नई ऊँचाइयों को छू सकते हैं।' प्रधान ने आगे कहा, 'इन 50 छात्रों से मिलकर मेरा यह विश्वास और पक्का हो गया है कि हमारे देश की नई पीढ़ी सचमुच वैश्विक चुनौतियों का समाधान ढूँढ निकालेगी।'
व्यापक संदर्भ
यह कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत युवाओं में अंतर-राज्यीय संपर्क और सांस्कृतिक समझ बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है। गौरतलब है कि युवा संगम जैसे कार्यक्रम न केवल शैक्षणिक जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच सामाजिक सेतु का काम भी करते हैं।
आगे की राह
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, युवा संगम के आगामी संस्करणों में और अधिक राज्यों को शामिल करने की योजना है। इस तरह के आदान-प्रदान कार्यक्रम भारत के युवाओं को राष्ट्रीय एकता की भावना से जोड़ने की दिशा में एक सतत प्रयास का हिस्सा हैं।