केरल में पद्मजा वेणुगोपाल भाजपा के उम्मीदवार बनकर चुनावी मैदान में उतरीं

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केरल में पद्मजा वेणुगोपाल भाजपा के उम्मीदवार बनकर चुनावी मैदान में उतरीं

सारांश

पद्मजा वेणुगोपाल ने कांग्रेस से दूरी बनाते हुए भाजपा में शामिल होकर चौथी बार चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। यह उनके राजनीतिक करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ है।

Key Takeaways

  • पद्मजा वेणुगोपाल चौथी बार चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।
  • इस बार वह भाजपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगी।
  • उनका राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है।
  • पद्मजा के पिता, के. करुणाकरण, केरल के प्रभावशाली नेताओं में से एक थे।
  • 2024 के चुनावों से पहले उन्होंने कांग्रेस से नाता तोड़कर भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया।

त्रिशूर, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। 66 वर्षीय पद्मजा वेणुगोपाल चौथी बार चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि वह पहली बार कांग्रेस के अलावा किसी अन्य राजनीतिक दल के बैनर तले चुनाव में भाग ले रही हैं।

पहले तीन बार कांग्रेस की उम्मीदवार रह चुकीं पद्मजा अब भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए उत्सुक हैं। यह उनके राजनीतिक करियर में एक बुनियादी बदलाव है, जो उनकी विरासत और बार-बार मिली चुनावी हारों से प्रभावित हुआ है।

पद्मजा, दिवंगत के. करुणाकरण की पुत्री हैं, जो चार बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और केरल की राजनीति में प्रभावशाली नेता माने जाते थे।

अपने राजनीतिक करियर के दौरान, करुणाकरण ने अपने बेटे के. मुरलीधरन को राजनीति में लाकर परिवार की राजनीतिक स्थिति को मजबूत किया।

1989 में मुरलीधरन ने सीपीआई (एम) के दिग्गज नेता इंबीची बाबा को हराकर परिवार की राजनीतिक प्रासंगिकता को बनाए रखा।

हालांकि, पद्मजा का राजनीतिक सफर उनके भाई की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव से भरा रहा है।

2004 में उन्होंने कांग्रेस के गढ़ मुकुंदपुरम से चुनाव लड़ा लेकिन हार गईं, जो उनके करियर की निराशाजनक शुरुआत थी।

जैसे-जैसे करुणाकरण का राजनीतिक प्रभाव कम हुआ, पद्मजा के राजनीतिक अवसर भी सीमित हो गए।

2016 में उन्होंने त्रिशूर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन फिर से हार का सामना करना पड़ा।

2021 में, एक बार फिर त्रिशूर विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारी गईं, जहां उन्होंने केवल 946 वोटों के मामूली अंतर से हार का सामना किया।

2024 के लोकसभा चुनावों से पहले, पद्मजा ने कांग्रेस से दूरी बनाते हुए औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया।

अब, जैसे ही उन्हें त्रिशूर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की अनुमति मिली है, वहां राजनीतिक समीकरण पहले से काफी बदल चुके हैं।

Point of View

बल्कि भाजपा के बढ़ते प्रभाव को भी दर्शाता है।
NationPress
23/02/2026

Frequently Asked Questions

पद्मजा वेणुगोपाल कौन हैं?
पद्मजा वेणुगोपाल एक 66 वर्षीय भारतीय राजनीति की नेता हैं, जो भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने जा रही हैं।
पद्मजा ने पहले किस पार्टी से चुनाव लड़ा है?
पद्मजा पहले तीन बार कांग्रेस की उम्मीदवार रह चुकी हैं।
कौन हैं के. करुणाकरण?
के. करुणाकरण दिवंगत मुख्यमंत्री हैं, जो चार बार केरल के मुख्यमंत्री रहे हैं।
पद्मजा का राजनीतिक सफर कैसा रहा है?
पद्मजा का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, जिसमें कई बार चुनावी हार भी शामिल हैं।
भाजपा में शामिल होने का उनका निर्णय क्यों महत्वपूर्ण है?
भाजपा में शामिल होना उनके राजनीतिक करियर का एक नया अध्याय शुरू करने का संकेत है।
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