केरल में सीपीएम तिहरे विवाद में घिरी: यौन दुर्व्यवहार, भ्रष्टाचार और रिश्वत के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
केरल की मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीएम — 5 अक्टूबर 2026 को एक साथ तीन गंभीर विवादों के केंद्र में आ गई है, जिनमें यौन दुर्व्यवहार, आवासीय भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के कथित मामले शामिल हैं। यह संकट ऐसे वक्त आया है जब इसी सप्ताह के अंत में केरल विधानसभा का नौ दिवसीय सत्र शुरू होने वाला है, जिससे पार्टी पर राजनीतिक दबाव और बढ़ गया है।
पलक्कड़ जिला सचिव पर यौन दुर्व्यवहार का आरोप
सीपीएम ने रविवार को पलक्कड़ के जिला सचिव ईएन सुरेश बाबू को अचानक उनके पद से हटा दिया। इसके बाद पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता ने कथित तौर पर उन पर यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए। महिला ने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से मैसेज और कॉल रिकॉर्डिंग समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों के साथ संपर्क किया है।
महिला कार्यकर्ता के अनुसार, सुरेश बाबू ने कथित तौर पर उन्हें लंबे समय तक उत्पीड़ित किया और अनुचित व्यवहार किया। इन आरोपों के बाद सुरेश बाबू ने 'निजी कारणों' का हवाला देते हुए जिला सचिव का पद छोड़ दिया।
मुंडमवेली फ्लैट घोटाला और विजिलेंस जांच
यह विवाद एक और बड़े मामले के तुरंत बाद सामने आया है। ग्रेटर कोचीन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीसीडीए) के पूर्व चेयरमैन और मौजूदा सीपीएम राज्य सचिवालय सदस्य सीएन मोहनन के खिलाफ कोच्चि के मुंडमवेली फ्लैट कॉम्प्लेक्स मामले में विजिलेंस केस दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री वीडी सतीसन की सरकार ने इस परियोजना की विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। आरोप है कि 78 परिवार फ्लैट बनने के दो साल पूरे होने से पहले ही बेहद खराब हालात में रहने को मजबूर हैं। राजस्व अभिलेखों के अनुसार, जीसीडीए की ओर से आवंटित भूमि दलदली भूमि के रूप में वर्गीकृत है और यह स्थल हाई-टेंशन बिजली लाइन के नीचे स्थित है। कथित तौर पर इस परियोजना का प्रस्ताव मोहनन की ओर से ही सुझाया गया था।
मुवत्तुपुझा विजिलेंस कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मौजूदा स्थिति पर रिपोर्ट 22 अक्टूबर को सौंपी जाए।
तिरुवनंतपुरम में पार्षद पर रिश्वत के आरोप
तिरुवनंतपुरम में, सीपीएम के नगर निगम पार्षद एस. अजिन पर आरोप है कि उन्होंने एक भूमि विवाद सुलझाने के लिए ₹10 लाख की रिश्वत मांगी। यह आरोप तिरुमाला निवासी संजू ने लगाया है, जिन्होंने ऑडियो और वीडियो क्लिप जारी कर अपने दावे को पुष्ट करने की कोशिश की है।
यह मामला त्रिकन्नपुरम वार्ड में एमएलए रोड पर खरीदे गए एक प्लॉट से जुड़ी समस्याओं के सिलसिले में था। सीपीएम राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने पुष्टि की है कि पार्टी अजिन के खिलाफ लगे आरोपों की आंतरिक जांच करेगी।
सीपीएम की छवि और जवाबदेही पर सवाल
गौरतलब है कि सीपीएम लंबे समय से केरल में अपनी वैचारिक शुचिता और संगठनात्मक अनुशासन की छवि पर गर्व करती रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी विधानसभा चुनाव से पहले खुद को पुनर्संगठित करने की कोशिश में है। तीनों विवाद पार्टी के आचरण, आंतरिक जवाबदेही और नेतृत्व नियंत्रण पर एक साथ गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं।
विधानसभा सत्र से ठीक पहले उभरे इस तिहरे संकट का सामना पार्टी को सदन में भी करना पड़ सकता है, जहाँ विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ही इन मुद्दों को उठाने की स्थिति में हैं। आगे की जांच रिपोर्टें और अदालती सुनवाई यह तय करेंगी कि इन आरोपों का राजनीतिक असर कितना गहरा होगा।