केरल में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कोझिकोड के पहाड़ी इलाकों में 1 अगस्त को शैक्षणिक संस्थान बंद
सारांश
मुख्य बातें
मौसम विभाग ने 1 अगस्त 2026 को केरल के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कोझिकोड जिले में रेड अलर्ट के मद्देनजर पहाड़ी इलाकों के सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। यह अलर्ट 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक केरल और लक्षद्वीप दोनों के लिए प्रभावी है।
मौसम विभाग की चेतावनी और वर्षा के आंकड़े
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 31 जुलाई सुबह 8:30 बजे से 1 अगस्त सुबह 5:30 बजे IST तक केरल के अनेक स्थानों पर 60 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले 24 घंटों में 7 सेमी से 11 सेमी तक भारी और 12 सेमी से 20 सेमी तक अति भारी बारिश हो सकती है।
2 अगस्त को भी केरल के कुछ स्थानों पर 7 से 11 सेमी वर्षा की संभावना जताई गई है, जबकि लक्षद्वीप में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है।
सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र और वर्षा के आंकड़े
पथानमथिट्टा क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई — लाहा में 236 मिमी, वेंकुरिंजी में 198.5 मिमी और रन्नी चेथक्कल में 182.5 मिमी। एर्नाकुलम क्षेत्र के नेरियामंगलम में 171.5 मिमी और कूथट्टुकुलम में 114.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई।
तिरुवनंतपुरम के पालोडे में 148.5 मिमी और थट्टाथुमाला में 92.0 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा कोल्लम के पुनालुर में 119.0 मिमी, तेनमला में 69.0 मिमी तथा कन्नूर के अय्यनकुन्नु में 95.0 मिमी और चेंबेरी में 88.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
कोझिकोड कलेक्टर का निर्देश और स्कूल बंदी का आदेश
कोझिकोड की जिला कलेक्टर एम.एस. माधविकुट्टी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों, खासकर पहाड़ी इलाकों में रहने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस वजह से एक अगस्त को शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।'
यह ऐसे समय में आया है जब केरल में मानसून पहले से ही सामान्य से अधिक सक्रिय है और पहाड़ी ज़िलों में भूस्खलन का खतरा बना रहता है। गौरतलब है कि भारी वर्षा के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में शैक्षणिक संस्थान बंद करना केरल प्रशासन की मानक आपदा-प्रबंधन प्रक्रिया है।
परीक्षाओं और ऑनलाइन कक्षाओं पर प्रभाव
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि PSC परीक्षाएं और विश्वविद्यालय परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होंगी। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि ऑनलाइन कक्षाओं पर इस छुट्टी का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
आगे क्या
मौसम विभाग की निगरानी जारी है और अगले 48 घंटों में स्थिति के और स्पष्ट होने की संभावना है। निवासियों — विशेष रूप से तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों में — को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।