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केरल के 5.5 लाख एमएसएमई को ईसीएलजीएस ने बचाया, ₹8,405 करोड़ की गारंटीकृत ऋण सहायता: राजीव चंद्रशेखर

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केरल के 5.5 लाख एमएसएमई को ईसीएलजीएस ने बचाया, ₹8,405 करोड़ की गारंटीकृत ऋण सहायता: राजीव चंद्रशेखर

सारांश

केरल के 5.5 लाख एमएसएमई को वैश्विक झटकों से बचाने में ईसीएलजीएस की भूमिका अब सिर्फ आँकड़ा नहीं — तिरुवनंतपुरम के एक साइबर फोरेंसिक स्टार्टअप की कहानी इसकी जीती-जागती मिसाल है। ₹8,405 करोड़ की गारंटीकृत ऋण सहायता ने खाड़ी-निर्भर केरल की अर्थव्यवस्था को संकट में थामे रखा।

मुख्य बातें

केरल में लगभग 5.5 लाख एमएसएमई को ईसीएलजीएस के तहत ऋण गारंटी समर्थन प्रदान किया गया।
राज्य भर के व्यवसायों को ₹8,405 करोड़ से अधिक का गारंटीकृत ऋण वितरित हुआ।
तिरुवनंतपुरम स्थित साइबर फोरेंसिक स्टार्टअप अलीबी ग्लोबल ने SBI के माध्यम से ईसीएलजीएस सहायता से मध्य पूर्व संकट का सामना किया।
केरल की अर्थव्यवस्था खाड़ी देशों के रेमिटेंस, व्यापार और पर्यटन पर गहरी निर्भरता के कारण वैश्विक झटकों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है।
राजीव चंद्रशेखर ने 23 मई 2025 को यह जानकारी साझा करते हुए योजना को 'लचीली अर्थव्यवस्था की नींव' बताया।

भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर ने 23 मई 2025 को केरल के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और स्टार्टअप्स को वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल से उबारने में केंद्र सरकार की आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) की निर्णायक भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 5.5 लाख एमएसएमई इस योजना के तहत ऋण गारंटी समर्थन से लाभान्वित हुए हैं और ₹8,405 करोड़ से अधिक का गारंटीकृत ऋण वितरित किया गया है।

अलीबी ग्लोबल का अनुभव: एक जीवंत उदाहरण

चंद्रशेखर ने तिरुवनंतपुरम स्थित साइबर फोरेंसिक स्टार्टअप 'अलीबी ग्लोबल' के संस्थापक श्याम के साथ हुई बातचीत का ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि मध्य पूर्व में व्यापारिक अनिश्चितता के चलते कंपनी के कारोबार पर गहरा असर पड़ा था, लेकिन भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के माध्यम से ईसीएलजीएस के तहत मिली वित्तीय सहायता ने उन्हें संकट से उबरने में मदद की। श्याम ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देने का अनुरोध किया, जिन्होंने यह सुनिश्चित किया कि उद्यमियों को सबसे कठिन समय में सरकारी सहारा मिले।

केरल की अर्थव्यवस्था और मध्य पूर्व का गहरा जुड़ाव

चंद्रशेखर ने बताया कि केरल की अर्थव्यवस्था प्रेषण (रेमिटेंस), व्यापार, पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों के ज़रिए खाड़ी देशों और व्यापक मध्य पूर्व से गहराई से जुड़ी हुई है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में किसी भी अस्थिरता का असर केरल पर तत्काल और सीधे तौर पर पड़ता है। उन्होंने कहा, 'जब मध्य पूर्व में अस्थिरता आती है, तो केरल अक्सर इसका प्रभाव तुरंत महसूस करता है।'

ईसीएलजीएस की व्यापक भूमिका

इस योजना ने केरल के लाखों उद्यमों को कार्यशील पूंजी के दबाव को संभालने, संचालन निरंतर रखने, रोज़गार बचाने और बाहरी आर्थिक चुनौतियों के बावजूद विकास में निवेश जारी रखने में सक्षम बनाया है। चंद्रशेखर के अनुसार, यह योजना बैंकों को कठिन समय में भी ऋण देने का भरोसा दिलाती है — जो किसी भी लचीली अर्थव्यवस्था की नींव है।

विशेषज्ञ दृष्टिकोण और आगे की राह

चंद्रशेखर ने ज़ोर देकर कहा, 'एमएसएमई का समर्थन करना केवल ऋण प्रदान करना नहीं है; यह आजीविका की रक्षा करना, विकास को सक्षम बनाना और भविष्य में विश्वास पैदा करना है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएँ भारत के निर्यातोन्मुखी एमएसएमई क्षेत्र पर दबाव बना रही हैं। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि क्या ईसीएलजीएस के तहत मिली राहत दीर्घकालिक व्यावसायिक स्थिरता में तब्दील होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन गारंटीकृत ऋणों में से कितने एनपीए में तब्दील हुए और कितने उद्यम वास्तव में दीर्घकालिक स्थिरता तक पहुँचे — यह जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। केरल जैसे रेमिटेंस-निर्भर राज्य के लिए ईसीएलजीएस एक तात्कालिक राहत थी, न कि संरचनात्मक समाधान। खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करने और स्थानीय उद्यमिता को गहरी जड़ें देने के लिए दीर्घकालिक नीतिगत ढाँचे की ज़रूरत है, जो अभी तक स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईसीएलजीएस योजना क्या है और केरल को इससे कितना फायदा हुआ?
आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) केंद्र सरकार की वह पहल है जो वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान एमएसएमई को बिना अतिरिक्त जमानत के ऋण दिलाती है। केरल में लगभग 5.5 लाख एमएसएमई को इस योजना के तहत ₹8,405 करोड़ से अधिक का गारंटीकृत ऋण मिला है।
अलीबी ग्लोबल स्टार्टअप को ईसीएलजीएस से कैसे मदद मिली?
तिरुवनंतपुरम स्थित साइबर फोरेंसिक स्टार्टअप अलीबी ग्लोबल का कारोबार मध्य पूर्व में अनिश्चितता के कारण प्रभावित हुआ था। SBI के माध्यम से ईसीएलजीएस के तहत मिली वित्तीय सहायता ने कंपनी को संचालन जारी रखने और संकट से उबरने में मदद की।
केरल की अर्थव्यवस्था मध्य पूर्व से इतनी प्रभावित क्यों होती है?
केरल की अर्थव्यवस्था रेमिटेंस, व्यापार, पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों के ज़रिए खाड़ी देशों से गहराई से जुड़ी है। इसीलिए मध्य पूर्व में किसी भी अस्थिरता का असर राज्य के उद्यमों और रोज़गार पर तत्काल पड़ता है।
ईसीएलजीएस से एमएसएमई को क्या-क्या लाभ मिले?
इस योजना ने एमएसएमई को कार्यशील पूंजी के दबाव को संभालने, व्यवसाय निरंतर चलाने, रोज़गार बचाने और विकास में निवेश जारी रखने में मदद की। साथ ही बैंकों को कठिन समय में भी ऋण देने का भरोसा दिलाया।
राजीव चंद्रशेखर ने यह बयान कब और कहाँ दिया?
राजीव चंद्रशेखर ने यह बयान 23 मई 2025 को तिरुवनंतपुरम में दिया, जहाँ उन्होंने अलीबी ग्लोबल स्टार्टअप के संस्थापक से मुलाकात के बाद ईसीएलजीएस की सफलता पर प्रकाश डाला।
राष्ट्र प्रेस
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