21 सितंबर 2026
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केरल में बारिश से मृतक संख्या बढ़कर 9 हुई, मलप्पुरम में CM सतीशन ने लिया जायज़ा

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केरल में बारिश से मृतक संख्या बढ़कर 9 हुई, मलप्पुरम में CM सतीशन ने लिया जायज़ा

सारांश

केरल में बारिश का कहर जारी है — निलंबूर की कोट्टापुझा नदी से तीन और शव मिलने से मृतक संख्या नौ पहुँच गई। CM सतीशन ने मलप्पुरम का दौरा किया, लेकिन विपक्ष ने राहत वितरण में देरी पर सरकार को घेरा। IMD ने आने वाले दिनों में भी तीव्र वर्षा की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

केरल में बारिश से मृतक संख्या बढ़कर 9 हुई; कोट्टापुझा नदी से 3 और शव बरामद।
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने 21 सितंबर 2026 को मलप्पुरम का दौरा कर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायज़ा लिया।
निलंबूर में अचानक आई बाढ़ में 5 मौतें; एक लापता व्यक्ति की तलाश जारी; इडुक्की व कोट्टायम में 2-2 मौतें।
नेता प्रतिपक्ष पिनारयी विजयन ने आरोप लगाया कि ₹10,000 की आपातकालीन सहायता समेत राहत राशि डेढ़ महीने बाद भी वितरित नहीं हुई।
गोपाल ने बताया कि यह बादल फटना नहीं, बल्कि सीमित क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा थी; पहाड़ी इलाकों में सतर्कता की सलाह।

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को बारिश से तबाह मलप्पुरम का दौरा किया, जहाँ वांडूर और निलंबूर विधानसभा क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन में जान गँवाने वाले लोगों को उन्होंने अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। केरल में बारिश से जुड़ी मौतों की संख्या सोमवार को बढ़कर नौ हो गई, जब निलंबूर क्षेत्र की कोट्टापुझा नदी से तीन और शव बरामद किए गए।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री सतीशन दोपहर करीब 2:30 बजे तिरुवनंतपुरम से एक निजी चार्टर्ड विमान के ज़रिए करिपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुँचे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायज़ा लिया। वापसी यात्रा में राज्य के उद्योग मंत्री पीके कुन्हालीकुट्टी उनके साथ रहे।

निलंबूर क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ में अब तक पाँच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि एक लापता व्यक्ति की तलाश में खोज अभियान जारी है। इसके अलावा इडुक्की और कोट्टायम में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में दो-दो लोगों की जान चली गई।

विपक्ष की प्रतिक्रिया और आरोप

नेता प्रतिपक्ष पिनारयी विजयन ने नौ लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि वह मृतकों के परिजनों के शोक में शामिल हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार प्राकृतिक आपदाएँ आने के बावजूद यूडीएफ सरकार आपदा पीड़ितों के प्रति उपेक्षा का रवैया अपना रही है।

विजयन ने बताया कि अगस्त 2026 के पहले सप्ताह में आई बाढ़ के बाद अलाप्पुझा, कोट्टायम और पथानामथिट्टा जिलों में बाढ़ पीड़ितों के लिए घोषित आपातकालीन वित्तीय सहायता अभी तक पूरी तरह वितरित नहीं हुई है। सरकार ने तत्काल राहत के रूप में ₹10,000 की सहायता राशि घोषित की थी, किंतु कोट्टायम में आपदा पीड़ितों का विवरण संकलन भी अधूरा है।

उन्होंने यह भी कहा कि बारिश के कारण रोज़गार खोने वाले लोगों के लिए सहायता की घोषणा हुए डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी आवेदन प्रक्रिया तक शुरू नहीं हुई। विजयन ने माँग की कि सरकार आपदा स्थल पर वादे करने की प्रथा बंद करे और घोषित सहायता को बिना देरी पात्र पीड़ितों तक पहुँचाए।

मौसम विभाग का आकलन

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्पष्ट किया है कि हाल की बाढ़ और भूस्खलन को बादल फटने से नहीं जोड़ा जा सकता। IMD तिरुवनंतपुरम की निदेशक नीथा के. गोपाल ने बताया कि कम समय में छोटे-छोटे क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा के कारण जलस्तर में अचानक वृद्धि हुई, जिससे ये हालात उत्पन्न हुए।

विभाग ने आगाह किया है कि आने वाले दिनों में भी सीमित क्षेत्रों में इसी तरह की तीव्र बारिश की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और स्थानीय प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब केरल मानसून के उत्तरार्ध में लगातार असामान्य वर्षा झेल रहा है। गौरतलब है कि वायनाड त्रासदी के बाद से राज्य में आपदा प्रबंधन और राहत वितरण की धीमी गति लगातार राजनीतिक विवाद का विषय बनी हुई है। विलंबित राहत और अधूरी सर्वेक्षण प्रक्रियाएँ पीड़ितों की कठिनाइयों को और गहरा कर रही हैं।

क्या होगा आगे

खोज अभियान जारी है और लापता व्यक्ति का अब तक पता नहीं चला है। IMD की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन को पहाड़ी क्षेत्रों में अलर्ट स्तर ऊँचा रखने के निर्देश दिए गए हैं। विपक्ष के दबाव में सरकार पर राहत वितरण में तेज़ी लाने का दायित्व अब और बढ़ गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल राहत वितरण की जवाबदेही का है। विपक्ष के आरोप कि अगस्त की बाढ़ के डेढ़ महीने बाद भी ₹10,000 की घोषित सहायता नहीं मिली, यह दर्शाते हैं कि केरल की आपदा प्रशासन व्यवस्था में घोषणा और क्रियान्वयन के बीच की खाई बड़ी है। IMD का यह स्पष्टीकरण कि यह बादल फटना नहीं था, तकनीकी रूप से सही हो सकता है — पर पीड़ितों के लिए परिणाम समान रहे। राज्य को अब चेतावनी प्रणाली और राहत पाइपलाइन दोनों को एक साथ दुरुस्त करना होगा।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में बारिश से अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
21 सितंबर 2026 तक केरल में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कुल 9 लोगों की मौत हो चुकी है। निलंबूर में 5, इडुक्की में 2 और कोट्टायम में 2 लोगों की जान गई है, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है।
CM वीडी सतीशन ने मलप्पुरम का दौरा क्यों किया?
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने वांडूर और निलंबूर विधानसभा क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने और प्रभावित इलाकों का जायज़ा लेने के लिए 21 सितंबर को मलप्पुरम का दौरा किया।
क्या केरल की बाढ़ बादल फटने से आई थी?
नहीं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की तिरुवनंतपुरम निदेशक नीथा के. गोपाल ने स्पष्ट किया कि यह बाढ़ बादल फटने से नहीं, बल्कि कम समय में सीमित क्षेत्रों में हुई अत्यधिक वर्षा के कारण जलस्तर में अचानक वृद्धि से आई।
केरल सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए क्या राहत घोषित की है?
सरकार ने बाढ़ से तत्काल राहत के रूप में ₹10,000 की सहायता राशि और रोज़गार खोने वालों के लिए अलग सहायता की घोषणा की थी। हालाँकि नेता प्रतिपक्ष पिनारयी विजयन के अनुसार डेढ़ महीने बाद भी यह राशि पूरी तरह वितरित नहीं हुई है और आवेदन प्रक्रिया तक शुरू नहीं हुई।
आने वाले दिनों में केरल में और बारिश का खतरा है?
IMD ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी केरल के सीमित क्षेत्रों में इसी तरह की तीव्र वर्षा हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और स्थानीय प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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