19 जुलाई 2026
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PM मोदी से मिले UP डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य, बंगाल-असम चुनावी जीत पर दी बधाई

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PM मोदी से मिले UP डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य, बंगाल-असम चुनावी जीत पर दी बधाई

सारांश

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पीएम मोदी से नई दिल्ली में शिष्टाचार मुलाकात। बंगाल-असम की ‘ऐतिहासिक’ चुनावी जीत पर बधाई, ‘विकसित भारत’ के संकल्प और यूपी की भावी प्रशासनिक दिशा पर चर्चा — 2027 विधानसभा चुनाव से पहले एक संकेतक भेंट।

मुख्य बातें

केशव प्रसाद मौर्य ने 3 जून को नई दिल्ली में PM नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की।
मौर्य ने पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की चुनावी जीत के लिए PM को बधाई दी।
मुलाकात में उत्तर प्रदेश की भावी प्रशासनिक दिशा और विकास पर ‘मार्गदर्शन’ मिला।
मौर्य ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर ‘विकसित भारत’ संकल्प और बुद्ध संदेश के विश्व-प्रसार की सराहना की।
यह भेंट 2027 यूपी विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारी के संदर्भ में अहम मानी जा रही है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार, 3 जून को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हालिया चुनावी सफलताओं के लिए उन्हें बधाई दी। इस भेंट में देश के विकास से जुड़े विविध मुद्दों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की भावी प्रशासनिक दिशा पर भी विमर्श हुआ।

मुलाकात का संदर्भ

मौर्य ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी साझा करते हुए लिखा कि नई दिल्ली में प्रधानमंत्री से भेंट करना उनके लिए सौभाग्य की बात रही। उन्होंने मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में देश ‘विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए मानक’ स्थापित कर रहा है।

पूर्वी भारत की चुनावी जीत पर चर्चा

बैठक में भाजपा को पश्चिम बंगाल और असम में मिली चुनावी सफलताओं पर भी विस्तार से बात हुई। मौर्य ने इन्हें ‘ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जीत’ बताते हुए कहा कि ये परिणाम पार्टी की नीतियों और सुशासन मॉडल पर जनता के बढ़ते भरोसे को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

उत्तर प्रदेश के लिए मार्गदर्शन

उपमुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री ने अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद समय निकालकर उत्तर प्रदेश के भविष्य के विकास और प्रशासनिक दिशा को लेकर ‘महत्वपूर्ण मार्गदर्शन’ प्रदान किया। मौर्य ने कहा कि यह मार्गदर्शन राज्य के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगा।

विकसित भारत और बौद्ध संदेश

मौर्य ने अपनी पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री ‘विकसित भारत’ के निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं और साथ ही भगवान बुद्ध के शांति, सद्भाव और मानवता के संदेश को विश्वभर में पहुँचाने का कार्य भी कर रहे हैं। उन्होंने जोड़ा कि देश आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है।

राजनीतिक महत्व

गौरतलब है कि यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भाजपा पूर्वी भारत में अपनी पकड़ मज़बूत करने के साथ-साथ 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की रणनीतिक तैयारी में जुटी है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व और राज्य के उपमुख्यमंत्री के बीच ऐसी शिष्टाचार भेंटें अक्सर संगठनात्मक और सरकारी प्राथमिकताओं के समन्वय का संकेत देती हैं। आने वाले हफ़्तों में राज्य-स्तरीय नीतिगत घोषणाओं पर निगाहें रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और मौर्य की केंद्रीय नेतृत्व से सीधी पहुँच इस संदर्भ में ध्यान खींचती है। ‘मार्गदर्शन’ शब्द अक्सर औपचारिक भाषा होती है, लेकिन इसका वास्तविक अर्थ आने वाली कैबिनेट और संगठनात्मक हलचलों से ही स्पष्ट होगा। पर्यवेक्षकों के लिए असली कसौटी यह होगी कि राज्य में किन नीतिगत प्राथमिकताओं को नई गति मिलती है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केशव प्रसाद मौर्य ने पीएम मोदी से कब और कहाँ मुलाकात की?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार, 3 जून को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी सार्वजनिक की।
मुलाकात में किन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई?
भेंट में भाजपा की पश्चिम बंगाल और असम में हाल की चुनावी जीत, देश के विकास से जुड़े विभिन्न विषय, और उत्तर प्रदेश की भावी प्रशासनिक दिशा प्रमुख चर्चा-बिंदु रहे। मौर्य के अनुसार, पीएम ने राज्य के विकास को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
मौर्य ने पीएम मोदी को किसके लिए बधाई दी?
मौर्य ने पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की ‘ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जीत’ के लिए प्रधानमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये परिणाम पार्टी की नीतियों और सुशासन मॉडल पर जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं।
यह मुलाकात राजनीतिक रूप से क्यों मायने रखती है?
पूर्वी भारत में भाजपा की जीत और 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में यह भेंट संगठनात्मक एवं प्रशासनिक समन्वय का संकेत मानी जा रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि यूपी में राज्य-स्तरीय निर्णयों की दिशा आने वाले हफ़्तों में अधिक स्पष्ट हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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