केतन अग्रवाल हत्याकांड: मूनरूफ वीडियो वायरल, महिंद्रा इलेक्ट्रिक कार पर 2 ट्रैफिक चालान उजागर
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में नए खुलासे सामने आए हैं — मृतक की लाल रंग की महिंद्रा इलेक्ट्रिक कार (पंजीकरण संख्या: MH14 MS 2700) से जुड़ा एक मूनरूफ वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल रहा है, जिसने जाँच एजेंसियों और आम जनता दोनों का ध्यान खींचा है। 26 जून को सामने आई जानकारी के अनुसार, इस वाहन पर मुंबई और पुणे आरटीओ के रिकॉर्ड में पहले से दो ट्रैफिक चालान दर्ज हैं।
वायरल वीडियो की पृष्ठभूमि
वायरल हो रहे वीडियो में केतन की इलेक्ट्रिक कार का मूनरूफ खुलता हुआ देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि कार खरीदने के बाद केतन विशाल अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया को लॉन्ग ड्राइव पर ले गया था, और उसी दौरान उसने अपने मोबाइल फोन से यह वीडियो रिकॉर्ड किया था। हादसे के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब लोनावला में हुई इस घटना को लेकर जाँच अभी भी जारी है और अब तक 7 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
आखिरी सफर: लोहगढ़ किले की यात्रा
जानकारी के अनुसार, 18 जून को केतन इसी लाल महिंद्रा इलेक्ट्रिक कार से सिया के साथ लोनावला स्थित लोहगढ़ किले पहुँचा था। उस यात्रा के बारे में तब किसी को अंदाज़ा नहीं था कि यह उसकी ज़िंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। गौरतलब है कि यही कार अब जाँच के केंद्र में है।
ट्रैफिक चालानों का खुलासा
मुंबई और पुणे आरटीओ के रिकॉर्ड के मुताबिक यह लग्ज़री इलेक्ट्रिक कार केतन विशाल अग्रवाल के नाम पर पंजीकृत है। रिकॉर्ड में दो ट्रैफिक उल्लंघन दर्ज पाए गए हैं।
पहला चालान 5 फरवरी को मुंबई के माटुंगा इलाके में ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने के मामले में काटा गया था, जिसमें ₹500 का जुर्माना लगाया गया। दूसरा चालान 19 मई को पुणे के मार्केटयार्ड इलाके में ट्रैफिक सिग्नल जंप करने पर जारी हुआ, जिसमें ₹1,500 का जुर्माना था।
जाँच की स्थिति
लोनावला हादसे की जाँच फिलहाल जारी है। अब तक इस मामले में 7 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। जाँच एजेंसियाँ वाहन से जुड़े सभी साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में जाँच में और तथ्य उभरने की संभावना है।