चाबहार हमले के बाद ईरान की जवाबी चेतावनी: खाड़ी के 5 बड़े बंदरगाह निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका ने शुक्रवार, 18 जुलाई को ईरान के चाबहार बंदरगाह पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिसके जवाब में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने खाड़ी क्षेत्र के पाँच प्रमुख बंदरगाहों को संभावित जवाबी निशाना बताया है। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ये वे बंदरगाह हैं जिनका संबंध अमेरिकी सैन्य या कारोबारी हितों से माना जाता है।
कौन से हैं वे पाँच बंदरगाह
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संभावित जवाबी कार्रवाई के निशाने पर बताए गए बंदरगाह इस प्रकार हैं: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का जेबेल अली पोर्ट, बहरीन का मीना सलमान पोर्ट, कुवैत का शुआइबा पोर्ट, कतर का हमाद पोर्ट और सऊदी अरब का किंग फहद इंडस्ट्रियल पोर्ट।
यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है और कई देश अपनी नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को सक्रिय करने पर विचार कर रहे हैं।
IRGC की चेतावनी और दावे
IRGC का कहना है कि जिन देशों की भूमि का उपयोग ईरान के विरुद्ध हमलों के लिए किया जा रहा है, उन्हें अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सिविल डिफेंस व्यवस्था तत्काल सक्रिय करनी चाहिए और संभावित सैन्य ठिकानों के आसपास के इलाकों को खाली कराना चाहिए।
ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, IRGC ने दावा किया कि उसने ड्रोन और मिसाइलों से कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य लॉजिस्टिक्स केंद्र कैंप अरिफजान पर हमला किया, जिसमें अमेरिकी कर्मियों के हताहत होने का दावा भी किया गया है। इसके साथ ही अली अल सलेम एयर बेस को भी निशाना बनाने का दावा किया गया है, जहाँ कथित तौर पर रडार प्रणाली, हथियार रखरखाव हैंगर और ड्रोन सुविधा को नुकसान पहुँचाया गया।
होर्मुज स्ट्रेट में टैंकर विस्फोट का दावा
IRGC ने यह भी दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट हुए। IRGC के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की गलत सूचना के कारण ये दोनों टैंकर समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गए। हालाँकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे असत्य बताया है।
गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है, जहाँ किसी भी व्यवधान का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों पर तत्काल पड़ सकता है।
कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानें निलंबित
ईरानी हवाई हमलों की आशंका के मद्देनजर कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। कुवैत एयरवेज ने यात्रियों को जारी आधिकारिक सूचना में बताया कि सुरक्षा कारणों से सभी टेकऑफ और लैंडिंग सेवाएँ एहतियातन रोकी गई हैं। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे उड़ानों की नवीनतम जानकारी के लिए एयरलाइन के आधिकारिक माध्यमों पर नज़र बनाए रखें।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव और आगे की स्थिति
चाबहार पर अमेरिकी हमले और उसके बाद ईरान की जवाबी चेतावनियों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को गहरा कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो इसका असर न केवल क्षेत्रीय व्यापार बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर भी पड़ सकता है। आने वाले घंटों में अमेरिका और खाड़ी देशों की आधिकारिक प्रतिक्रियाएँ इस संकट की दिशा तय करेंगी।