18 जुलाई 2026
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चाबहार हमले के बाद ईरान की जवाबी चेतावनी: खाड़ी के 5 बड़े बंदरगाह निशाने पर

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चाबहार हमले के बाद ईरान की जवाबी चेतावनी: खाड़ी के 5 बड़े बंदरगाह निशाने पर

सारांश

अमेरिका के चाबहार हमले के बाद ईरान ने पलटवार का ऐलान किया — निशाने पर हैं खाड़ी के पाँच बड़े बंदरगाह। IRGC के दावों और CENTCOM के खंडन के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव चरम पर है, और कुवैत एयरपोर्ट पर उड़ानें रोकी जा चुकी हैं।

मुख्य बातें

अमेरिका ने 18 जुलाई को ईरान के चाबहार बंदरगाह पर बड़े पैमाने पर हमले किए।
IRGC ने खाड़ी के 5 बंदरगाहों — जेबेल अली (UAE), मीना सलमान (बहरीन), शुआइबा (कुवैत), हमाद (कतर), किंग फहद इंडस्ट्रियल (सऊदी अरब) — को संभावित निशाना बताया।
IRGC का दावा: कैंप अरिफजान और अली अल सलेम एयर बेस पर ड्रोन-मिसाइल हमले किए गए; अमेरिकी कर्मी हताहत हुए।
CENTCOM ने होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट के IRGC के दावे को असत्य बताया।
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें एहतियातन अस्थायी रूप से निलंबित।

अमेरिका ने शुक्रवार, 18 जुलाई को ईरान के चाबहार बंदरगाह पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिसके जवाब में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने खाड़ी क्षेत्र के पाँच प्रमुख बंदरगाहों को संभावित जवाबी निशाना बताया है। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ये वे बंदरगाह हैं जिनका संबंध अमेरिकी सैन्य या कारोबारी हितों से माना जाता है।

कौन से हैं वे पाँच बंदरगाह

ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संभावित जवाबी कार्रवाई के निशाने पर बताए गए बंदरगाह इस प्रकार हैं: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का जेबेल अली पोर्ट, बहरीन का मीना सलमान पोर्ट, कुवैत का शुआइबा पोर्ट, कतर का हमाद पोर्ट और सऊदी अरब का किंग फहद इंडस्ट्रियल पोर्ट

यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है और कई देश अपनी नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को सक्रिय करने पर विचार कर रहे हैं।

IRGC की चेतावनी और दावे

IRGC का कहना है कि जिन देशों की भूमि का उपयोग ईरान के विरुद्ध हमलों के लिए किया जा रहा है, उन्हें अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सिविल डिफेंस व्यवस्था तत्काल सक्रिय करनी चाहिए और संभावित सैन्य ठिकानों के आसपास के इलाकों को खाली कराना चाहिए।

ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, IRGC ने दावा किया कि उसने ड्रोन और मिसाइलों से कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य लॉजिस्टिक्स केंद्र कैंप अरिफजान पर हमला किया, जिसमें अमेरिकी कर्मियों के हताहत होने का दावा भी किया गया है। इसके साथ ही अली अल सलेम एयर बेस को भी निशाना बनाने का दावा किया गया है, जहाँ कथित तौर पर रडार प्रणाली, हथियार रखरखाव हैंगर और ड्रोन सुविधा को नुकसान पहुँचाया गया।

होर्मुज स्ट्रेट में टैंकर विस्फोट का दावा

IRGC ने यह भी दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट हुए। IRGC के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की गलत सूचना के कारण ये दोनों टैंकर समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गए। हालाँकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे असत्य बताया है।

गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है, जहाँ किसी भी व्यवधान का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों पर तत्काल पड़ सकता है।

कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानें निलंबित

ईरानी हवाई हमलों की आशंका के मद्देनजर कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। कुवैत एयरवेज ने यात्रियों को जारी आधिकारिक सूचना में बताया कि सुरक्षा कारणों से सभी टेकऑफ और लैंडिंग सेवाएँ एहतियातन रोकी गई हैं। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे उड़ानों की नवीनतम जानकारी के लिए एयरलाइन के आधिकारिक माध्यमों पर नज़र बनाए रखें।

क्षेत्र में बढ़ता तनाव और आगे की स्थिति

चाबहार पर अमेरिकी हमले और उसके बाद ईरान की जवाबी चेतावनियों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को गहरा कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो इसका असर न केवल क्षेत्रीय व्यापार बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर भी पड़ सकता है। आने वाले घंटों में अमेरिका और खाड़ी देशों की आधिकारिक प्रतिक्रियाएँ इस संकट की दिशा तय करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो खाड़ी से अपनी ऊर्जा ज़रूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा करता है, इससे अछूता नहीं रहेगा। पाँच बंदरगाहों की सूची का सार्वजनिक होना खुद एक रणनीतिक संदेश है — हमला नहीं, दबाव की राजनीति। लेकिन जब दोनों पक्ष एक-दूसरे के दावों को झूठा बता रहे हों, तो ज़मीनी सच्चाई और उससे जुड़े जोखिम का आकलन और भी कठिन हो जाता है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने चाबहार पोर्ट पर हमला क्यों किया?
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने 18 जुलाई को ईरान के चाबहार बंदरगाह पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले किए। हमले के विस्तृत कारणों का आधिकारिक अमेरिकी बयान अभी सामने नहीं आया है, लेकिन यह कदम ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की पृष्ठभूमि में उठाया गया।
ईरान ने किन 5 बंदरगाहों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है?
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, संभावित निशाने पर UAE का जेबेल अली पोर्ट, बहरीन का मीना सलमान पोर्ट, कुवैत का शुआइबा पोर्ट, कतर का हमाद पोर्ट और सऊदी अरब का किंग फहद इंडस्ट्रियल पोर्ट हैं। ये वे बंदरगाह हैं जिनका संबंध अमेरिकी सैन्य या कारोबारी हितों से माना जाता है।
IRGC ने कुवैत में किस अमेरिकी ठिकाने पर हमले का दावा किया?
तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, IRGC ने कुवैत स्थित कैंप अरिफजान और अली अल सलेम एयर बेस पर ड्रोन व मिसाइल हमले का दावा किया है। IRGC के अनुसार इन हमलों में रडार प्रणाली, हथियार रखरखाव हैंगर और ड्रोन सुविधा को नुकसान पहुँचा तथा अमेरिकी कर्मी हताहत हुए।
होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकर विस्फोट के दावे पर अमेरिका का क्या कहना है?
IRGC ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराकर आग की चपेट में आए। हालाँकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को पूरी तरह असत्य बताते हुए खारिज कर दिया है।
कुवैत एयरपोर्ट पर उड़ानें क्यों रोकी गईं?
ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका के चलते कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं। कुवैत एयरवेज ने यात्रियों को सूचित किया कि यह निर्णय सुरक्षा कारणों से एहतियातन लिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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