खान सर-ज्ञान बंधु विवाद: तेजस्वी यादव ने CM सम्राट चौधरी को लिखी चिट्ठी, CBI जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
पटना में खान सर और ज्ञान बंधु कोचिंग सेंटर के बीच चल रहे विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 15 जून 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को औपचारिक पत्र लिखकर पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की माँग की है। तेजस्वी ने अपने पत्र में कहा कि राज्य पुलिस की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों को देखते हुए CBI जांच अनिवार्य हो गई है।
मुख्य घटनाक्रम
तेजस्वी यादव ने पत्र में उल्लेख किया कि कुछ दिन पहले पटना स्थित दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद के बाद कथित तौर पर मारपीट, तोड़फोड़ और गोलीबारी की घटनाएँ सामने आईं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे मामला और उलझ गया है।
इस बीच, ज्ञान बंधु कोचिंग सेंटर के संचालक रौशन आनंद को अदालत से जमानत मिल गई है। हालाँकि, मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई।
तेजस्वी यादव की दलीलें
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में स्पष्ट किया कि मामले में लगातार गंभीर आरोप-प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं और बिहार पुलिस की जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि CBI जांच से ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई निष्पक्ष और गहन तरीके से सामने आ सकेगी।
तेजस्वी ने कहा कि इस संवेदनशील मामले में पारदर्शी जांच आवश्यक है, ताकि लोगों के मन में उठ रहे संदेह दूर हों और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
बिहार की राजनीति पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष पहले से ही सत्तारूढ़ गठबंधन को घेरने में जुटा है। एक वर्ग खान सर पर कार्रवाई की माँग कर रहा है, जबकि दूसरा वर्ग राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठा रहा है। गौरतलब है कि खान सर बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले जाने-माने शिक्षक हैं, जिनकी छात्रों में व्यापक लोकप्रियता है।
क्या होगा आगे
फिलहाल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। CBI जांच की माँग स्वीकार होगी या नहीं, यह राज्य सरकार के रुख पर निर्भर करेगा। प्रिंस यादव की नेपाल में मौत के कारणों की जांच और रौशन आनंद की जमानत के बाद अगली कानूनी कार्यवाही पर सभी की नज़रें टिकी हैं।