रौशन आनंद के भाई की मौत: मंत्री सुनील कुमार बोले — निष्पक्ष जांच होगी, दोषी बचेंगे नहीं
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पटना में ज्ञान बिंदु कोचिंग के संस्थापक रौशन आनंद के भाई की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 15 जून 2025 को बिहार सरकार के मंत्री सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि पटना पुलिस इस मामले की पूरी निष्पक्षता के साथ जांच कर रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रौशन आनंद का आरोप
रौशन आनंद ने बेउर जेल से रिहा होने के बाद मीडिया के सामने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कथित तौर पर दावा किया कि उनके भाई की हत्या एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत करवाई गई है और इसके पीछे फैजल खान का हाथ है। इस बयान के बाद बिहार में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने जांच की माँग तेज कर दी है।
सरकार की प्रतिक्रिया
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री सुनील कुमार ने कहा, 'बिहार में कानून का राज है। पटना पुलिस बिना किसी भेदभाव या दबाव के उचित और सही कार्रवाई कर रही है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि व्यक्ति कोई भी हो, यदि वह गलत काम या किसी गैर-कानूनी गतिविधि में संलिप्त पाया गया, तो कानून के दायरे में रहकर उचित कदम उठाए जाएंगे। पुलिस ऐसे मामलों में पहले भी कार्रवाई कर चुकी है और भविष्य में भी करती रहेगी।
मानसून और बाढ़ की तैयारियाँ
इसी बैठक में मंत्री सुनील कुमार ने मानसून और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लेकर सरकार की तैयारियों का भी ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि परियोजनाओं को प्राथमिकता और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन हर जिले में पूरी तरह तैयार और सतर्क हैं।
जनसुनवाई कार्यक्रम
मंत्री सुनील कुमार ने पटना स्थित जनता दल (यूनाइटेड) प्रदेश कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में भी भाग लिया। इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जदयू की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस कार्यक्रम की जानकारी साझा की गई, जिसमें ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और मंत्री सुनील कुमार की उपस्थिति का उल्लेख किया गया।
आगे क्या होगा
यह मामला बिहार की राजनीति में संवेदनशील मोड़ पर है। पटना पुलिस की जांच के नतीजे और रौशन आनंद के आरोपों की सत्यता इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगी। राजनीतिक दलों की नज़र जांच की प्रगति पर टिकी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और अधिक राजनीतिक बयानबाजी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।