10 अगस्त 2026
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रोशन आनंद का आरोप: 'मेरे भाई के हत्यारे फैसल खान और किसान कोल्ड स्टोरेज मालिक आरएस प्रसाद हैं'

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रोशन आनंद का आरोप: 'मेरे भाई के हत्यारे फैसल खान और किसान कोल्ड स्टोरेज मालिक आरएस प्रसाद हैं'

सारांश

सहरसा में रोशन आनंद ने खुलकर कहा — उनके भाई के हत्यारे फैसल खान (खान सर) और किसान कोल्ड स्टोरेज मालिक आरएस प्रसाद हैं। प्रशासन पर पक्षपात का आरोप, खुद की एफआईआर न दर्ज होने की शिकायत और पीएम-सीएम से न्याय की गुहार — यह मामला बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

रोशन आनंद ने 24 जून को सहरसा में फैसल खान उर्फ खान सर और आरएस प्रसाद पर भाई की हत्या का आरोप लगाया।
रोशन के अनुसार, 2 जून की रात 10 बजे हुई घटना से उनके भाई की मौत जुड़ी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी अस्पष्ट; विसरा रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
रोशन का आरोप — उनके खिलाफ चार घंटे में गिरफ्तारी, जबकि फैसल खान की एफआईआर के बाद 48-72 घंटे में भी गिरफ्तारी नहीं।
कदमकुआं पुलिस स्टेशन के एसएचओ पर धमकी देने का आरोप।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से निष्पक्ष जाँच की अपील।

ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रोशन आनंद ने 24 जून को सहरसा में मीडिया से बातचीत के दौरान बिहार के चर्चित शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक आरएस प्रसाद पर अपने भाई की हत्या का आरोप लगाया है। रोशन आनंद के अनुसार, उनके भाई की मौत 2 जून की रात की एक घटना से सीधे जुड़ी है और वे इसके लिए इन दोनों को जिम्मेदार मानते हैं।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

रोशन आनंद ने कहा कि अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट स्पष्ट नहीं है और विसरा रिपोर्ट बाद में आएगी, जिसके बाद मामले की तस्वीर और साफ होगी। उनके अनुसार, फैसल खान और आरएस प्रसाद की वजह से मीडिया में झूठे बयान दिए गए और उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। रोशन ने कहा, 'हमारी गिरफ्तारी हुई, जिससे हमारा भाई बहुत परेशान था। वह इधर-उधर भागता रहा। हमें जमानत भी नहीं मिल रही थी, जिससे उसे बहुत मानसिक तनाव हुआ।'

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मानना है कि यह घटना 2 जून की रात 10 बजे हुई घटना से जुड़ी है और उसी कड़ी में उनके भाई की हत्या हुई।

प्रशासनिक पक्षपात के आरोप

रोशन आनंद ने प्रशासन पर गंभीर पक्षपात का आरोप लगाया। उनके अनुसार, 2 जून की रात की घटना के बाद आधी रात के आसपास उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और चार घंटे के भीतर उन्हें जेल भेज दिया गया। दूसरी ओर, फैसल खान के खिलाफ 4 जून को एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रशासन के पास 48 से 72 घंटे का समय था, फिर भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।

रोशन ने यह भी आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के दौरान कदमकुआं पुलिस स्टेशन के एसएचओ ने उनसे कहा था, 'हम तुम्हें बर्बाद कर देंगे, सड़क पर ला देंगे और भीख मांगने पर मजबूर कर देंगे।' उन्होंने कहा कि काफी हद तक यह धमकी अमल में भी आई।

न्याय की गुहार

रोशन आनंद ने कहा कि उनकी खुद की एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जो प्रशासन के दोहरे रवैये को उजागर करती है। उन्होंने कहा, 'सिस्टम से न्याय की उम्मीद है, लेकिन अगर सिस्टम न्याय नहीं देता, तो भगवान और प्रकृति न्याय करेंगे। पुलिस रक्षक होती है लेकिन आज के समय में भक्षक की भूमिका निभा रही है।'

सरकार से अपील

रोशन आनंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से न्याय की अपील की। उन्होंने कहा कि वे भारत के आम नागरिक हैं और सरकार का सहयोग करते हैं। उनकी माँग है कि उनके भाई की हत्या की निष्पक्ष जाँच हो और दोषी कोई भी हो, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले। गौरतलब है कि सच्चाई सामने आने में विसरा रिपोर्ट की भूमिका अहम होगी, जो अभी आनी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अभी तक ये केवल एकपक्षीय बयान हैं — पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट के बिना हत्या की पुष्टि नहीं हो सकती। असली सवाल यह है कि एफआईआर दर्ज होने के 48-72 घंटे बाद भी फैसल खान की गिरफ्तारी न होना और रोशन को चार घंटे में जेल भेजना — यह दोहरा मानदंड प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। बिहार में हाई-प्रोफाइल मामलों में पुलिस की चयनात्मक कार्रवाई का यह पहला आरोप नहीं है। विसरा रिपोर्ट और न्यायिक जाँच ही तय करेगी कि यह मामला हत्या है या नहीं — तब तक मीडिया और जनता दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोशन आनंद ने फैसल खान पर क्या आरोप लगाए हैं?
रोशन आनंद ने फैसल खान उर्फ खान सर और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक आरएस प्रसाद पर अपने भाई की हत्या का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, इन दोनों की वजह से उनके खिलाफ झूठे बयान और झूठा मुकदमा दर्ज हुआ, जिससे उनके भाई को मानसिक तनाव हुआ।
रोशन आनंद के भाई की मौत कब और कैसे हुई?
रोशन आनंद के अनुसार उनके भाई की मौत 2 जून की रात 10 बजे हुई एक घटना से जुड़ी है। हालांकि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट स्पष्ट नहीं है और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
रोशन आनंद ने प्रशासन पर क्या आरोप लगाए?
रोशन आनंद ने आरोप लगाया कि 2 जून की घटना के बाद आधी रात को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और चार घंटे में उन्हें जेल भेज दिया गया, जबकि फैसल खान की एफआईआर के बाद 48-72 घंटे में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्होंने कदमकुआं पुलिस स्टेशन के एसएचओ पर धमकी देने का भी आरोप लगाया।
रोशन आनंद ने किससे न्याय की माँग की है?
रोशन आनंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से निष्पक्ष जाँच और न्याय की अपील की है। उन्होंने कहा कि दोषी कोई भी हो, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
इस मामले में आगे क्या होगा?
विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी, जो जाँच की दिशा तय करेगी। रोशन आनंद ने कहा है कि सच सामने आने में समय लग सकता है, लेकिन वे न्यायिक प्रक्रिया में भरोसा रखते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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