खनन विधेयक वापस लो या आर्थिक नाकेबंदी झेलो — भाकपा-माले का केंद्र को अल्टीमेटम
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के झारखंड राज्य सचिव मनोज भक्ति ने 14 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को तत्काल वापस लेने की माँग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने विधेयक वापस नहीं लिया, तो झारखंड में आर्थिक नाकेबंदी और खनिज ढुलाई ठप करने का व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
विधेयक पर भाकपा-माले की आपत्तियाँ
मनोज भक्ति ने कहा कि यह विधेयक झारखंड के आर्थिक हितों पर सीधा हमला है और राज्य के संघीय अधिकारों को कमज़ोर करने की कोशिश है। उनके अनुसार, खनिजों पर लागू टैक्स का मौजूदा फॉर्मूला अपर्याप्त है और खनन भूमि पर सेस व उपकर लगाने का अधिकार राज्य सरकार को मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में पेश किया गया यह विधेयक राज्य की खनिज-आधारित अर्थव्यवस्था की जड़ों पर प्रहार करता है।
जनकल्याण योजनाओं पर संकट की आशंका
भाकपा-माले नेता ने विशेष रूप से चिंता जताई कि यदि विधेयक लागू हुआ, तो राज्य सरकार की मंईयां सम्मान योजना सहित शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। गौरतलब है कि झारखंड की अर्थव्यवस्था में खनिज राजस्व की केंद्रीय भूमिका है और यह राजस्व सीधे राज्य के सामाजिक कार्यक्रमों को वित्तपोषित करता है।
झारखंड के भाजपा सांसदों पर निशाना
मनोज भक्ति ने केंद्र सरकार में मंत्री पद संभाल रहे झारखंड के भाजपा सांसदों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जनता ने इन सांसदों को राज्य के प्रतिनिधि के रूप में संसद भेजा है, फिर भी वे ऐसे विधेयक का समर्थन क्यों कर रहे हैं जो झारखंड के हितों को नुकसान पहुँचाता है। उनके अनुसार, इन सांसदों को जनता के सवालों का जवाब देना होगा।
छात्र आंदोलन को समर्थन, भाजपा पर आरोप
भाकपा-माले ने जेपीएससी और सीजीएल से जुड़े मुद्दों पर चल रहे छात्र आंदोलन का भी समर्थन किया। मनोज भक्ति ने कहा कि पार्टी का छात्र संगठन आइसा (AISA) आंदोलन स्थल पर मौजूद है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने छात्र आंदोलन को अपने राजनीतिक हितों के लिए हाईजेक करने की कोशिश की है, जबकि उसी भाजपा ने जेपीएससी प्रथम और द्वितीय से जुड़े मामलों की सीबीआई जाँच को दबाने का काम किया और इन मामलों के आरोपी अभी भी जमानत पर बाहर हैं।
आगे का रास्ता और इंडिया गठबंधन की एकजुटता
मनोज भक्ति ने कहा कि इंडिया गठबंधन झारखंड के हितों से जुड़े मुद्दों पर लगातार संघर्ष कर रहा है और विपक्षी दल संयुक्त आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। भाकपा-माले इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और व्यापक आंदोलन की तैयारी की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में खनिज अधिकारों को लेकर केंद्र-राज्य संबंधों में पहले से तनाव बना हुआ है।