खूंटी में दादी की हत्या: दो पोतों ने शव बोरे में बंद कर कोयल नदी किनारे फेंका, तीन दिन बाद हुआ पर्दाफाश
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के खूंटी जिले के रनिया थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें दो सगे पोतों पर अपनी 68 वर्षीय दादी पुटकी देवी की हत्या करने और शव को बोरे में बंद कर कोयल नदी के किनारे झाड़ियों में फेंकने का आरोप है। 12 जून 2025 को हुई इस वारदात का खुलासा करीब तीन दिन बाद तब हुआ जब ग्रामीणों ने दुर्गंध आने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों आरोपी पोतों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
पुलिस के अनुसार, पुटकी देवी खटखुरा पंचायत के बंगुरकेला गांव की निवासी थीं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि परिवार में लंबे समय से आपसी विवाद चला आ रहा था। 12 जून को एक बार फिर कहासुनी हुई, जो देखते-देखते हिंसक रूप ले गई। आरोप है कि पुटकी देवी के दोनों पोते — जतरु झोरा और सोनू झोरा — आवेश में आकर नियंत्रण खो बैठे और उन्होंने दादी का सिर जमीन पर पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
शव छिपाने की कोशिश
हत्या के बाद दोनों आरोपी घबरा गए। उन्होंने पुटकी देवी के शव को एक बोरे में बंद किया और उसे कोयल नदी के किनारे घनी झाड़ियों में फेंक दिया, ताकि वारदात की भनक किसी को न लगे। लगभग तीन दिन बाद ग्रामीणों की नज़र उस बोरे पर पड़ी। दुर्गंध आने पर संदेह हुआ और उन्होंने तत्काल रनिया थाना पुलिस को सूचित किया।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
रविवार को सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव बरामद कर जांच शुरू की। पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर दोनों पोतों को हिरासत में लिया गया। डीएसपी विजय सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पारिवारिक विवाद में हत्या करने और शव छिपाने की बात स्वीकार कर ली। सोमवार को दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पोस्टमार्टम और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। मामले की आगे की जांच जारी है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब ग्रामीण क्षेत्रों में पारिवारिक संपत्ति विवादों से जुड़ी हिंसा की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या विवाद की जड़ में संपत्ति या अन्य पारिवारिक मामले थे।