17 सितंबर 2026
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कोलकाता के 'द स्मोकर्स डेन' पर पुलिस का छापा, 4 गिरफ्तार; पार्क स्ट्रीट से ई-सिगरेट का बड़ा जखीरा बरामद

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कोलकाता के 'द स्मोकर्स डेन' पर पुलिस का छापा, 4 गिरफ्तार; पार्क स्ट्रीट से ई-सिगरेट का बड़ा जखीरा बरामद

सारांश

कोलकाता पुलिस ने पार्क स्ट्रीट की दुकान 'द स्मोकर्स डेन' पर छापेमारी कर चार लोगों को गिरफ्तार किया और बड़ी मात्रा में गैरकानूनी ई-सिगरेट जब्त कीं। 2019 से प्रतिबंधित इन उत्पादों के अवैध कारोबार की जांच में शहर की अन्य दुकानों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

मुख्य बातें

कोलकाता पुलिस ने बुधवार रात 191 पार्क स्ट्रीट स्थित 'द स्मोकर्स डेन' पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में अवैध ई-सिगरेट जब्त कीं।
चार आरोपी — मोहम्मद रिफाइज (22) , अब्दुल हकीम के.
(28) , अहमद मसूद (21) और मोहम्मद एजाज (40) — गिरफ्तार, सभी कोलकाता के निवासी।
छापेमारी एंटी-राउडी सेक्शन (ARS) और डिटेक्टिव डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम ने की।
मामला बेनियापुकुर पुलिस स्टेशन में दर्ज; ई-सिगरेट के स्रोत और आपूर्तिकर्ताओं की जांच जारी।
भारत में ई-सिगरेट पर 2019 से पूर्ण प्रतिबंध; शहर की अन्य दुकानों पर भी छापेमारी हो सकती है।

कोलकाता पुलिस ने 17 सितंबर 2026 को 191 पार्क स्ट्रीट स्थित दुकान 'द स्मोकर्स डेन' पर छापेमारी कर चार लोगों को गिरफ्तार किया और बड़ी मात्रा में गैरकानूनी तरीके से रखी गई ई-सिगरेट जब्त कीं। बेनियापुकुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई से शहर में प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के अवैध कारोबार का नया मामला सामने आया है।

छापेमारी कैसे हुई

कोलकाता पुलिस के एंटी-राउडी सेक्शन (ARS) और डिटेक्टिव डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम ने बुधवार रात यह कार्रवाई की। पुलिस को पूर्व सूचना मिली थी कि दुकान में ई-सिगरेट गैरकानूनी ढंग से रखी और बेची जा रही हैं। सूचना की पुष्टि होते ही टीम ने दुकान को घेरकर तलाशी शुरू की और भारी मात्रा में ई-सिगरेट बरामद कीं।

पुलिस ने बताया कि तलाशी के दौरान दुकान से जुड़े चार व्यक्तियों को मौके से हिरासत में लिया गया। इस संबंध में बेनियापुकुर पुलिस स्टेशन में विधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार चारों आरोपी कोलकाता के निवासी हैं। उनकी पहचान मोहम्मद रिफाइज (22 वर्ष), अब्दुल हकीम के. (28 वर्ष), अहमद मसूद (21 वर्ष) और मोहम्मद एजाज (40 वर्ष) के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, पहले तीन आरोपी बेनियापुकुर थाना क्षेत्र के लिंटन स्ट्रीट पर एक पते पर रह रहे थे, जबकि चौथा आरोपी मोहम्मद एजाज रिपन स्ट्रीट का निवासी है।

जांच का दायरा

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'इस मामले में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ चल रही है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।' जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि दुकान में कितने समय से यह अवैध कारोबार चल रहा था और जब्त ई-सिगरेट के आपूर्तिकर्ता कौन हैं।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस कथित गैरकानूनी नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच के तहत शहर की अन्य संदिग्ध दुकानों पर भी छापेमारी की जा सकती है।

ई-सिगरेट पर प्रतिबंध की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि भारत सरकार ने 2019 में ई-सिगरेट के उत्पादन, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री और विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलीवरी सिस्टम (ENDS) निषेध अधिनियम के तहत उल्लंघन पर कठोर दंड का प्रावधान है। इसके बावजूद देश के कई शहरों में छिपकर ई-सिगरेट के अवैध कारोबार की खबरें आती रहती हैं, और यह कोलकाता में इस तरह की हालिया बड़ी कार्रवाई है।

आगे क्या होगा

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है। जब्त ई-सिगरेट के स्रोत और वितरण श्रृंखला का पता लगाना अभी प्राथमिकता है। यदि जांच में बड़े नेटवर्क के संकेत मिले, तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पार्क स्ट्रीट जैसे व्यावसायिक इलाकों में भी खुलेआम उल्लंघन होता दिखता है। असली सवाल यह नहीं है कि यह दुकान कब से चल रही थी, बल्कि यह है कि आपूर्ति श्रृंखला कहाँ से शुरू होती है और क्या यह कार्रवाई किसी बड़े नेटवर्क को तोड़ पाएगी या महज एक दुकान तक सिमट जाएगी। जब तक जब्त माल के स्रोत और सप्लायर का खुलासा नहीं होता, यह छापा प्रतीकात्मक ही रहेगा।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'द स्मोकर्स डेन' पर छापेमारी क्यों की गई?
कोलकाता पुलिस को सूचना मिली थी कि 191 पार्क स्ट्रीट स्थित इस दुकान में ई-सिगरेट गैरकानूनी तरीके से रखी और बेची जा रही हैं। इस सूचना के आधार पर ARS और डिटेक्टिव डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम ने बुधवार रात छापेमारी की।
भारत में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध कब और क्यों लगा?
भारत सरकार ने 2019 में इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलीवरी सिस्टम (ENDS) के उत्पादन, आयात, बिक्री और विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। इसका उद्देश्य युवाओं में निकोटिन की लत और स्वास्थ्य जोखिमों को रोकना था।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए और वे कौन हैं?
इस मामले में चार लोग गिरफ्तार हुए — मोहम्मद रिफाइज (22 वर्ष), अब्दुल हकीम के. (28 वर्ष), अहमद मसूद (21 वर्ष) और मोहम्मद एजाज (40 वर्ष)। ये सभी कोलकाता के निवासी हैं और इनसे पूछताछ जारी है।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के तहत शहर की अन्य संदिग्ध दुकानों पर भी छापेमारी की जा सकती है। जब्त ई-सिगरेट के स्रोत और आपूर्तिकर्ताओं का पता लगाने के साथ-साथ नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।
यह मामला किस पुलिस स्टेशन में दर्ज है?
यह मामला बेनियापुकुर पुलिस स्टेशन में कानून की कई धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। जांच डिटेक्टिव डिपार्टमेंट की निगरानी में चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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