18 सितंबर 2026
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फॉर्मूला-ई रेस केस: केटीआर हैदराबाद ACB कोर्ट में पेश, अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को

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फॉर्मूला-ई रेस केस: केटीआर हैदराबाद ACB कोर्ट में पेश, अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को

सारांश

BRS कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर 18 सितंबर को हैदराबाद ACB कोर्ट में फॉर्मूला-ई रेस मामले में दूसरी बार पेश हुए। ₹54.88 करोड़ की कथित अनियमितता और ₹44 करोड़ के चुनावी बॉन्ड के आरोप — अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को।

मुख्य बातें

केटीआर 18 सितंबर 2026 को हैदराबाद की विशेष ACB अदालत में फॉर्मूला-ई रेस मामले में दूसरी बार व्यक्तिगत रूप से पेश हुए।
अदालत ने अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित की।
ACB की मार्च 2026 की चार्जशीट के अनुसार, 2023 की फॉर्मूला-ई रेस में करीब ₹55 करोड़ एक विदेशी कंपनी को कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन करते हुए हस्तांतरित किए गए।
ACB का आरोप है कि रेस अधिकार देने के बदले केटीआर को ₹44 करोड़ के चुनावी बॉन्ड मिले; HMDA पर ₹8.06 करोड़ का अतिरिक्त कर भार पड़ा।
IAS अधिकारी अरविंद कुमार और HMDA के पूर्व मुख्य अभियंता बी.एल.एन.
रेड्डी भी सह-आरोपी हैं और अदालत में उपस्थित हुए।
केटीआर ने मामले को 'फर्जी' बताते हुए न्यायपालिका पर भरोसा जताया।

भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को हैदराबाद की विशेष भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) अदालत में फॉर्मूला-ई कार रेस मामले में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। अदालत ने सुनवाई के बाद अगली तारीख 30 अक्टूबर 2026 तय की।

मुख्य घटनाक्रम

अदालत के समन पर केटीआर के साथ इस मामले के अन्य आरोपी — भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी अरविंद कुमार और हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HMDA) के पूर्व मुख्य अभियंता बी.एल.एन. रेड्डी — भी नामपल्ली कोर्ट परिसर में हाजिर हुए। केटीआर के समर्थन में बड़ी संख्या में BRS नेता और पार्टी कार्यकर्ता भी परिसर में उपस्थित थे।

गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब केटीआर इस मामले में अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए हैं। इससे पहले वे 31 जुलाई 2026 को अदालत पहुंचे थे, जबकि 25 अगस्त की सुनवाई में व्यक्तिगत पेशी से छूट माँगी थी।

मामले की पृष्ठभूमि

दिसंबर 2024 में ACB ने फॉर्मूला-ई सौदे में ₹54.88 करोड़ की कथित अनियमितताओं को लेकर केटीआर, अरविंद कुमार और बी.एल.एन. रेड्डी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मार्च 2026 में दाखिल चार्जशीट के अनुसार, वर्ष 2023 में हैदराबाद में आयोजित फॉर्मूला-ई कार रेस के दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए करीब ₹55 करोड़ एक विदेशी कंपनी को हस्तांतरित किए गए।

एफआईआर के अनुसार, संबंधित नियामक प्राधिकरणों की पूर्व मंजूरी के बिना विदेशी भुगतान किए गए, जिससे HMDA पर ₹8.06 करोड़ का अतिरिक्त कर भार पड़ा। ACB का आरोप है कि रेस आयोजन का अधिकार देने के बदले केटीआर को एक प्रायोजक कंपनी से ₹44 करोड़ के चुनावी बॉन्ड मिले।

अभियोजन मंजूरी और जाँच

पिछले वर्ष नवंबर में तत्कालीन तेलंगाना राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने इस मामले में केटीआर के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दी थी। ACB ने सितंबर में अपनी जाँच रिपोर्ट राज्य सरकार के माध्यम से राज्यपाल को भेजकर केटीआर, अरविंद कुमार और अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति माँगी थी। एसीबी इस मामले में केटीआर से अब तक चार बार पूछताछ कर चुकी है।

केटीआर की प्रतिक्रिया

अदालत से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत में केटीआर ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और हैदराबाद व तेलंगाना को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले प्रतिष्ठित आयोजन के कारण उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा, 'मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। अदालत जब भी बुलाएगी, मैं पेश होऊंगा।' केटीआर पहले भी इस मामले को 'फर्जी मामला' बता चुके हैं।

आगे क्या

अदालत ने अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित की है। यह मामला BRS और सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के बीच राजनीतिक टकराव का एक प्रमुख बिंदु बना हुआ है। तेलंगाना की राजनीति में इस मुकदमे की आगे की सुनवाई पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि तेलंगाना में सत्ता परिवर्तन के बाद BRS और कांग्रेस के बीच चल रहे राजनीतिक संघर्ष का प्रतिबिंब है। ACB द्वारा चार बार पूछताछ, राज्यपाल की अभियोजन मंजूरी और मार्च 2026 में चार्जशीट — यह क्रम संकेत देता है कि जाँच एजेंसी मामले को गंभीरता से आगे बढ़ा रही है। दूसरी ओर, केटीआर का 'फर्जी मामले' का बयान और पार्टी कार्यकर्ताओं की भारी उपस्थिति यह दर्शाती है कि BRS इसे राजनीतिक उत्पीड़न के रूप में पेश करने की रणनीति अपना रही है। असली कसौटी यह होगी कि अदालत में दस्तावेज़ी साक्ष्य कितने पुख्ता साबित होते हैं — राजनीतिक आरोपों से परे।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केटीआर फॉर्मूला-ई रेस मामला क्या है?
यह मामला 2023 में हैदराबाद में आयोजित फॉर्मूला-ई कार रेस से जुड़ा है, जिसमें ACB का आरोप है कि नियामक मंजूरी के बिना करीब ₹54.88 करोड़ की कथित अनियमितताएं हुईं और एक विदेशी कंपनी को भुगतान किया गया। केटीआर को इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया है।
केटीआर पर क्या-क्या आरोप हैं?
ACB के अनुसार केटीआर पर आरोप है कि रेस आयोजन का अधिकार देने के बदले उन्हें एक प्रायोजक कंपनी से ₹44 करोड़ के चुनावी बॉन्ड मिले। इसके अलावा बिना पूर्व मंजूरी के विदेशी भुगतान करने से HMDA पर ₹8.06 करोड़ का अतिरिक्त कर भार पड़ा।
अगली सुनवाई कब होगी?
हैदराबाद की विशेष ACB अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित की है।
केटीआर ने मामले पर क्या कहा है?
केटीआर ने इस मामले को 'फर्जी मामला' बताया है और कहा है कि कांग्रेस सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने वाले प्रतिष्ठित आयोजन के कारण उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि अदालत जब भी बुलाएगी, वे पेश होंगे।
इस मामले में अभियोजन की मंजूरी कब मिली?
पिछले वर्ष नवंबर में तत्कालीन तेलंगाना राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने केटीआर के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दी थी, जिसके बाद ACB ने मार्च 2026 में चार्जशीट दाखिल की।
राष्ट्र प्रेस
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