क्या सर्दियों में औषधि की तरह है कुलथी की दाल, शरीर को देती है अनगिनत लाभ?
सारांश
Key Takeaways
- कुलथी की दाल ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत है।
- यह पथरी को गलाने में सहायक है।
- सर्दियों में कफ और वात को संतुलित करती है।
- यह वजन नियंत्रण में मदद करती है।
- शुगर के मरीजों के लिए सुरक्षित है।
नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सर्दियों में शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के लिए कई तरह की चीजों का सेवन किया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तराखंड और दक्षिण भारत की एक दाल शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ पथरी को गलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है?
हम बात कर रहे हैं कुलथी की दाल की, जो सर्दियों में शरीर को भरपूर पोषण देती है और कई रोगों से भी बचाती है।
उत्तराखंड और दक्षिण भारत में कुलथी की दाल की पैदावार होती है और यह वहां की थाली का प्रमुख हिस्सा है। इसे हॉर्स ग्राम भी कहा जाता है। आयुर्वेद में साधारण सी दिखने वाली इस दाल को औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है और सर्दियों में इसका सेवन अत्यंत लाभकारी है। कुलथी की दाल की तासीर गरम होती है, और यह वात और कफ को संतुलित करने में सहायता करती है। आइए, आज हम आपको कुलथी की दाल के सेवन के फायदों के बारे में बताते हैं।
कुलथी की दाल की तासीर गर्म होती है, जो शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करती है। इसके सेवन से शरीर को गर्माहट मिलती है और ऊर्जा बनी रहती है।
यदि मोटापा एक समस्या बनता जा रहा है और सर्दियों में वजन तेजी से बढ़ता है, तो कुलथी की दाल एक वरदान सिद्ध होती है। यह ऊर्जा से भरपूर होती है और एक बार खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती। इससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी उपलब्ध होते हैं।
कुलथी की दाल कफ और वात दोष को संतुलित करती है। सर्दियों में वात दोष बढ़ता है और कफ की समस्या भी उत्पन्न होती है। ऐसे में कुलथी की दाल कफ को ढीला करने में सहायक होती है और संक्रमण से लड़ने की क्षमता भी बढ़ाती है।
कुलथी की दाल में भरपूर मात्रा में लिथोट्रिप्टिक गुण होता है, जो पथरी को तोड़ने और गलाने में मदद करता है। इसके लिए कुलथी की दाल का सेवन किया जा सकता है। साथ ही, रात में थोड़ी मात्रा में कुलथी की दाल को पानी में भिगोकर रखकर सुबह खाली पेट इसके पानी का सेवन करना भी फायदेमंद होता है। इसके अतिरिक्त, शुगर के मरीजों को भी कुलथी की दाल का सेवन कराया जा सकता है। कुलथी में एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर दोनों होते हैं, जो रक्त में शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।