28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कुमारस्वामी ने बालगंगाधरणाथ स्वामीजी की प्रेरणादायक विरासत की सराहना की, पीएम मोदी को किया धन्यवाद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कुमारस्वामी ने बालगंगाधरणाथ स्वामीजी की प्रेरणादायक विरासत की सराहना की, पीएम मोदी को किया धन्यवाद

सारांश

कुमारस्वामी ने बालगंगाधरणाथ स्वामीजी की प्रेरणादायक विरासत का जिक्र करते हुए पीएम मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वामीजी की शिक्षा और सेवा के सिद्धांत आज भी लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।

मुख्य बातें

बालगंगाधरणाथ स्वामीजी की अद्भुत विरासत।
कुमारस्वामी का पीएम मोदी के प्रति आभार।
आडिचुंचनगिरी मठ का समाज सेवा में योगदान।

मांड्या, १५ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बुधवार को कहा कि युगयोगी श्री श्री श्री डॉ. बालगंगाधरणाथ महास्वामीजी की विरासत आज भी सेवा, आध्यात्म और सामाजिक उत्थान के माध्यम से नई पीढ़ियों को प्रेरित कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा और जगद्गुरु निर्मलानंदनाथ स्वामीजी सहित अनेक संतों की उपस्थिति में कुमारस्वामी ने बताया कि बालगंगाधरणाथ महास्वामीजी को समर्पित ‘भैरवैक्य मंदिर’ का उद्घाटन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि मानवता को समर्पित उनके जीवन की सच्ची श्रद्धांजलि है।

उन्होंने कहा कि आडिचुंचनगिरी मठ ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा में परिवर्तनकारी भुमिका निभाई है, जिसके परिणामस्वरूप उसे लाखों लोगों का सम्मान और श्रद्धा मिली है।

प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें केंद्रीय मंत्री के रूप में सेवा का अवसर मिलने पर वे विनम्र हैं और राष्ट्रहित में पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।

बालगंगाधरणाथ स्वामीजी की विरासत का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि ‘अन्न, अक्षर और आरोग्य दासोहा’ (भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य) के सिद्धांतों के माध्यम से स्वामीजी ने गरीब बच्चों और परिवारों के जीवन में उजाला लाया और उनके दिलों में देवतुल्य स्थान प्राप्त किया।

कुमारस्वामी ने कहा कि स्वामीजी ने अपने जीवन में आध्यात्म, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में निरंतर कार्य किया। उनके नेतृत्व में एक छोटा सा मठ वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र में बदल गया।

उन्होंने बताया कि स्वामीजी ने कर्नाटक में शिक्षा, पर्यावरण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक शांत क्रांति का नेतृत्व किया। उन्होंने गांव-गांव जाकर ग्रामीण शिक्षा और उत्थान के लिए काम किया और शहरों तक सीमित स्वास्थ्य सेवाओं को गरीब किसानों के दरवाजे तक पहुंचाया।

पर्यावरण संरक्षण में उनके योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्वामीजी के नेतृत्व में लगभग पांच करोड़ पौधे लगाए गए, जो आज बड़े पेड़ों का रूप ले चुके हैं।

कुमारस्वामी ने आडिचुंचनगिरी को सेवा का केंद्र, जरूरतमंदों के लिए आश्रय और परंपरा व आधुनिकता का संगम बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि उनकी प्रतिबद्धता, दृष्टि और सुशासन के कारण उन्हें देशभर में व्यापक विश्वास और सम्मान प्राप्त हुआ है।

कुमारस्वामी ने सभी से अपील की कि वे स्वामीजी के आदर्शों और जगद्गुरु निर्मलानंदनाथ स्वामीजी के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर सेवा, आध्यात्म और एकता की इस विरासत को आगे बढ़ाएं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति, संत और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने बालगंगाधरणाथ स्वामीजी की सामाजिक और आध्यात्मिक विरासत को उजागर किया। यह न केवल ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि वर्तमान पीढ़ी को प्रेरित करने का भी कार्य करता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुमारस्वामी ने स्वामीजी की विरासत के बारे में क्या कहा?
कुमारस्वामी ने कहा कि स्वामीजी की विरासत सेवा, आध्यात्म और सामाजिक उत्थान के माध्यम से आज भी प्रेरित कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका क्या थी?
प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और स्वामीजी के योगदान की सराहना की।
आडिचुंचनगिरी मठ का योगदान क्या है?
आडिचुंचनगिरी मठ ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा में महत्वपूर्ण भुमिका निभाई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले