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क्या ईवीएम के आगमन से वोट चोरी की घटनाएं समाप्त हो गईं? : संजय झा

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क्या ईवीएम के आगमन से वोट चोरी की घटनाएं समाप्त हो गईं? : संजय झा

सारांश

क्या ईवीएम के आगमन से वोट चोरी की घटनाएं समाप्त हो गईं? संजय झा ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया है। जानें उनका क्या कहना है इस दिलचस्प लेख में।

मुख्य बातें

ईवीएम के आगमन से वोट चोरी की घटनाएं समाप्त हुई हैं।
वोटर अधिकार यात्रा का समर्थन नहीं मिला।
विपक्ष के आरोप को जदयू ने गलत ठहराया।
उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए को मजबूत समर्थन मिला।
संजय झा ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी।

पटना, १० सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के सांसद संजय झा ने विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर जोरदार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश में जब से ईवीएम का उपयोग शुरू हुआ है, तब से वोट चोरी की घटनाएं खत्म हो गई हैं। उनका कहना था कि वोट चोरी तब होती थी जब चुनाव मतपत्र के द्वारा होते थे, और बूथ को लूट लिया जाता था।

बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में आधार को १२वें पहचान पत्र के रूप में मान्यता देने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर विपक्ष द्वारा इसे जीत बताने पर उन्होंने कहा कि वोटर अधिकार यात्रा कांग्रेस-राजद ने मिलकर निकाली, लेकिन यह यात्रा जनता का समर्थन प्राप्त नहीं कर सकी। वोट चोरी के आरोप लगाने वालों को यह जान लेना चाहिए कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चार चुनाव जीते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जिस वोट चोरी की बात हो रही है, वह तब हुई जब यहां बूथ की छपाई हो रही थी। आज के समय में, ईवीएम के आगमन के बाद वोट चोरी की घटनाएं समाप्त हो गई हैं।

राजद द्वारा लोगों के फॉर्म भरवाने की कोशिशों को उन्होंने गलत ठहराते हुए कहा कि यह पूरी तरह से गलत है। सरकार में नहीं होने पर वे कैसे फॉर्म भरवा सकते हैं? यह सिर्फ जनता को ठगने का प्रयास है। फॉर्म भरने का कार्य सरकार का दायित्व है।

उपराष्ट्रपति चुनाव के परिणाम पर जदयू सांसद ने कहा कि ९ सितंबर को मिले परिणाम अत्यंत सकारात्मक हैं, जिसमें एनडीए को ४२७ वोट मिले। इसके अलावा, विपक्षी पक्ष से भी २५ वोट मिले, जिससे कुल ४५२ वोट बन गए। यह स्पष्ट संदेश है कि सरकार का कामकाज न केवल जनता पर, बल्कि सांसदों पर भी प्रभावी है। कुछ पार्टियां जो एनडीए के ब्लॉक में नहीं हैं, उन्होंने भी समर्थन दिया है।

सीपी राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति बनने पर यह जीत वैध है, और २५ अतिरिक्त वोट मिलने से इसे वोट चोरी नहीं कहा जा सकता। कुल मिलाकर, यह एनडीए के लिए एक मजबूत संकेत है।

जदयू सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि हमें गर्व है कि इस चुनाव में एनडीए के सभी सांसद एकजुट रहे, और कई अन्य सांसदों ने भी अपने अंतरात्मा की आवाज सुनकर एनडीए के कुशल, विनम्र एवं अनुभवी उम्मीदवार को वोट दिया, जिससे उनकी बड़ी विजय सुनिश्चित हुई। सभी को दिल से धन्यवाद।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहुत महत्वपूर्ण हैं। संजय झा का यह तर्क कि ईवीएम के आने से वोट चोरी की घटनाएं समाप्त हो गई हैं, यह दर्शाता है कि तकनीकी नवाचारों ने चुनावी प्रक्रिया में विश्वास बढ़ाया है। हालांकि, इस मुद्दे पर सभी पक्षों को अपने विचार रखने का अवसर मिलना चाहिए।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ईवीएम से वोट चोरी संभव है?
ईवीएम तकनीकी रूप से सुरक्षित हैं, लेकिन इसके बावजूद चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।
संजय झा ने किस मुद्दे पर बात की?
संजय झा ने विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर अपनी बात रखी और ईवीएम के महत्व को बताया।
क्या ईवीएम के आने से चुनाव में सुधार हुआ है?
ईवीएम के आने से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ी है, जो वोट चोरी की घटनाओं को कम करती है।
राजद और जदयू के बीच का विवाद क्या है?
राजद और जदयू के बीच वोट चोरी के आरोपों को लेकर विवाद चल रहा है, जिसमें संजय झा ने अपनी बात रखी।
राष्ट्र प्रेस
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