क्या कांग्रेस ने अपने अधिवेशन में जिन्ना के प्रस्ताव का समर्थन कर विभाजन को सही ठहराया?

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क्या कांग्रेस ने अपने अधिवेशन में जिन्ना के प्रस्ताव का समर्थन कर विभाजन को सही ठहराया?

सारांश

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कांग्रेस के विभाजन समर्थन पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। क्या कांग्रेस ने सच में जिन्ना के प्रस्ताव को स्वीकार किया था? जानें इस विवाद के पीछे की सच्चाई और बांग्लादेश की हालात पर क्या कहती है भाजपा।

Key Takeaways

  • कांग्रेस ने जिन्ना के प्रस्ताव को स्वीकार कर विभाजन का समर्थन किया था।
  • राम सेतु विवाद पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
  • बांग्लादेश में चुनाव से पहले सुरक्षा स्थिति चिंताजनक है।

रांची, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान, राम सेतु विवाद, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े कानूनी नोटिस और बांग्लादेश में चुनाव से पहले बढ़ते तनाव पर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

दिग्विजय सिंह के आरोपों पर प्रतुल शाह देव ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि देश के बंटवारे की सच्चाई किसी से छिपी नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने अपने ही अधिवेशन में जिन्ना के प्रस्ताव को स्वीकार कर विभाजन का समर्थन किया था। जिन लोगों के कारण देश का बंटवारा हुआ, उन्हें इस तरह के बयान देने से पहले शर्म आनी चाहिए।

राम सेतु और सनातन परंपरा के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि भगवान श्रीराम आदर्श हैं और रामलला को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में पूजा जाता है।

उन्होंने याद दिलाया कि सितंबर 2007 में राम सेतु मामले के दौरान कांग्रेस सरकार ने दबाव में आकर रामलला और रामायण को काल्पनिक बताया था। उनका आरोप था कि शिपिंग लॉबी के दबाव में रामसेतु को तोड़ने का प्रयास किया गया और तमिलनाडु में दीप प्रदक्षिणा जैसे विवाद भी सनातन आस्था पर प्रहार थे, जिन्हें भाजपा कभी स्वीकार नहीं करेगी।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच संगम घाट पर हुई तनातनी पर उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उन्हें पहले से सूचना दिए बिना पहुंचने पर नियमों का पालन करने का अनुरोध किया था।

उन्होंने बताया कि संगम स्थल से करीब 100 मीटर पहले रथ रोकने को कहा गया था, लेकिन शिष्यों के आग्रह पर रथ आगे बढ़ाने की कोशिश की गई। भारी भीड़ को देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना की आशंका थी, इसलिए कानून का पालन जरूरी था।

बांग्लादेश में आगामी आम चुनाव से पहले हालात पर चिंता जताते हुए प्रतुल शाह देव ने कहा कि 12 फरवरी को होने वाले चुनावों से पहले वहां सनातनी और हिंदू समुदाय को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिहादी तत्वों द्वारा माहौल को जानबूझकर तनावपूर्ण बनाया जा रहा है ताकि चुनाव टाले जाएं और मतदाताओं में ध्रुवीकरण हो।

प्रतुल शाह देव ने बांग्लादेश सरकार से जिम्मेदारी के साथ स्थिति संभालने की अपील की।

ग्रीनलैंड और अमेरिका से जुड़े मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह अमेरिका का आंतरिक मामला है, लेकिन इससे वैश्विक राजनीति की सच्चाई सामने आती है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और अमेरिकी टैरिफ बढ़ने के बावजूद भारत की जीडीपी में लगातार वृद्धि हुई है, जबकि कई बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं संघर्ष कर रही हैं।

Point of View

हमें इस बात को समझना चाहिए कि राजनीतिक बयानबाजी अक्सर विवादित होती है। प्रतुल शाह देव का बयान कांग्रेस के अतीत पर सवाल उठाता है। हमें यह देखना है कि ये मुद्दे देश के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं और जनता पर इनका क्या प्रभाव पड़ता है।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

कांग्रेस ने जिन्ना के प्रस्ताव को कब स्वीकार किया?
प्रतुल शाह देव के अनुसार, कांग्रेस ने अपने अधिवेशन में जिन्ना के प्रस्ताव को स्वीकार किया था।
राम सेतु विवाद क्या है?
राम सेतु विवाद में भाजपा ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस सरकार ने इसे काल्पनिक बताया था।
बांग्लादेश में चुनाव से पहले क्या चल रहा है?
प्रतुल शाह देव के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है।
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