क्या लक्षद्वीप में नौसेना का बहु-विशेषज्ञ मेगा मेडिकल व सर्जिकल शिविर है?

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क्या लक्षद्वीप में नौसेना का बहु-विशेषज्ञ मेगा मेडिकल व सर्जिकल शिविर है?

सारांश

भारतीय नौसेना ने लक्षद्वीप में एक अनूठा मेगा मेडिकल शिविर शुरू किया है। यह पहल सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को दूरदराज के क्षेत्रों में पहुंचाने के लिए है, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें शामिल हैं। जानें इस शिविर के महत्व और उसके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के बारे में।

Key Takeaways

  • विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं जैसे कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी उपलब्ध हैं।
  • दूरदराज क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।
  • शिविर का उद्घाटन रक्षा मंत्री ने किया।
  • पाँच द्वीपों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
  • शिविर में मुफ्त दवाएं और उपचार प्रदान किया जा रहा है।

नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सशस्त्र बल न केवल देश की रक्षा करते हैं, बल्कि अब नौसेना ने एक नई पहल के तहत नागरिकों को गंभीर बीमारियों से बचाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसमें कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी जैसी कई सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

यह पहल केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में की जा रही है, जहां संयुक्त सेवाओं के तहत बहु-विशेषज्ञ मेगा मेडिकल एवं सर्जिकल शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की परिकल्पना के अनुसार स्थापित किया गया है। 13 जनवरी को कवरत्ती स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल में इसका औपचारिक उद्घाटन नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी द्वारा किया गया। यह कैंप 17 जनवरी तक चलेगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि इस विशाल चिकित्सा शिविर का आयोजन भारतीय नौसेना द्वारा किया गया है। यह दूरदराज क्षेत्रों में निवास करने वाले नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह स्वस्थ भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि व्यापक स्वास्थ्य जांच, शीघ्र निदान, समय पर चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक चिकित्सा हस्तक्षेप और मुफ्त दवाओं का वितरण द्वीप समुदाय के लिए दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करेगा।

भारतीय नौसेना द्वारा यह बहु-विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर लक्षद्वीप के पांच द्वीपों अमीनी, एंड्रॉथ, अगत्ती, कवरत्ती और मिनिकॉय में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य द्वीपवासियों को व्यापक, सुलभ और समग्र स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। इस पांच दिवसीय शिविर में कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी जैसी बुनियादी और सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं में परामर्श, जांच और उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। कवरत्ती में विशेष रूप से तैनात नेत्र विज्ञान की टीम द्वारा पात्र रोगियों के लिए मोतियाबिंद ऑपरेशन भी किए जा रहे हैं।

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें देश के सभी दूरदराज क्षेत्रों में भी प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। यह आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) जैसी प्रमुख राष्ट्रीय पहलों की भावना को भी दर्शाता है। नौसेना के अनुसार, यह शिविर ‘वन अर्थ, वन हेल्थ’ के वैश्विक स्वास्थ्य दर्शन के अनुरूप उपचारात्मक, निवारक और प्रोत्साहक स्वास्थ्य सेवाओं का समन्वय प्रस्तुत करता है।

एक वीडियो संदेश में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बड़े चिकित्सा शिविर के आयोजन के लिए भारतीय नौसेना की सराहना की। उन्होंने दूरदराज के क्षेत्रों में नागरिकों के निकट गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि यह पहल तीन दृष्टियों से अनूठी है। पहला, समन्वय, जिसमें तीनों सशस्त्र सेवाओं और स्थानीय प्रशासन के विशेषज्ञ मिलकर कार्य कर रहे हैं।

दूसरा, विस्तार, जिसमें कार्डियोलॉजी, नेत्र विज्ञान, मोतियाबिंद शल्यक्रिया, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, त्वचा रोग और एंडोक्राइनोलॉजी जैसे विशेषज्ञ शामिल हैं। तीसरे पैमाने में बड़ी संख्या में चिकित्सा विशेषज्ञ और सहायक स्टाफ तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संयुक्त प्रयास अंतर-सेवा समन्वय और नागरिक–सैन्य सहयोग को मजबूत करते हैं।

नौसेना प्रमुख ने रोगियों से संवाद किया और मोतियाबिंद ऑपरेशन से लाभान्वित मरीजों को चश्मे, आई ड्रॉप्स और दवाएं वितरित कीं। इस शिविर के अंतर्गत देशभर के विभिन्न रक्षा चिकित्सा प्रतिष्ठानों से 29 मेडिकल अधिकारी, 2 नर्सिंग अधिकारी और 42 पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की गई है। लक्षद्वीप में पहले से विद्यमान जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को पूरक समर्थन देने के लिए आधुनिक चिकित्सा उपकरण और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति बढ़ाई गई है।

अगत्ती और मिनिकॉय में ऑपरेटिव और प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं के लिए समर्पित सर्जिकल टीमें भी तैनात की गई हैं। चिकित्सकीय उपचार के साथ-साथ शिविर में समग्र स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया है। यह बहु-विशेषज्ञ मेडिकल शिविर भारतीय नौसेना और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की कर्तव्य से परे सेवा-भावना तथा लक्षद्वीप के लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।

Point of View

जो स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक प्रेरणादायक दृष्टांत है। यह न केवल द्वीपवासियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखता है, बल्कि यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों के अनुरूप भी है।
NationPress
11/03/2026

Frequently Asked Questions

इस शिविर का उद्देश्य क्या है?
इस शिविर का उद्देश्य लक्षद्वीप के द्वीपवासियों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।
यह शिविर कब तक चलेगा?
यह शिविर 13 जनवरी से 17 जनवरी तक चलेगा।
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