लाल गलियारे में अब ‘वंदे मातरम्’ की आवाज़, नक्सलवाद का प्रभाव कम: केशव प्रसाद मौर्य

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लाल गलियारे में अब ‘वंदे मातरम्’ की आवाज़, नक्सलवाद का प्रभाव कम: केशव प्रसाद मौर्य

सारांश

लखनऊ में केशव प्रसाद मौर्य ने नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की नीति की तारीफ की और कहा कि अब लाल गलियारे में विकास और राष्ट्रभक्ति की नई लहर है।

मुख्य बातें

नक्सलवाद की जड़ों को कमजोर किया गया है।
विकास और राष्ट्रभक्ति की नई लहर आ रही है।
कांग्रेस का नक्सलियों के प्रति नरम रुख है।
मोदी सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाए हैं।
अर्बन नक्सल के खिलाफ वैचारिक मुकाबला जरूरी है।

लखनऊ, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्र सरकार की नक्सल विरोधी नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प ने देश में नक्सलवाद की जड़ों को कमजोर कर दिया है।

उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र कभी ‘लाल आतंक’ के गढ़ माने जाते थे, वहां अब विकास और राष्ट्रभक्ति की नई तस्वीर उभर रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि एक समय देश के बड़े भू-भाग में सक्रिय नक्सली संगठनों ने ‘लाल गलियारा’ स्थापित करने की मंशा जताई थी, लेकिन केंद्र की निर्णायक रणनीति और सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई ने इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

उन्होंने कहा कि अब उन्हीं इलाकों में ‘वंदे मातरम्’ की गूंज सुनाई दे रही है, जो नए भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि है। मौर्य ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी का रुख हमेशा नक्सलियों के प्रति नरम रहा। उन्होंने कहा कि जब-जब नक्सलियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए, तब कांग्रेस और उसका नेतृत्व असहज नजर आया। छत्तीसगढ़ में ‘सलवा जुडूम’ जैसे अभियानों के दौरान कांग्रेस का रवैया इसका उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में नक्सलियों का मनोबल बढ़ा, जबकि मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही इस चुनौती को समाप्त करने का ठोस संकल्प लिया। इसके परिणामस्वरूप आज नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने ‘अर्बन नक्सल’ के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि ये तत्व शहरों में बैठकर युवाओं को गुमराह करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे विचारों का वैचारिक स्तर पर मुकाबला करना उतना ही जरूरी है, जितना जंगलों में सक्रिय नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई।

मौर्य ने कहा कि कांग्रेस आज भी पुरानी सोच से बाहर नहीं निकल पाई है और उसने लंबे समय तक देश को अस्थिरता और हिंसा की ओर धकेला। हालांकि, अब देश की जनता इस दोहरे रवैये को समझ चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल नक्सलवाद और आतंकवाद से मुक्त हो रहा है, बल्कि ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य की ओर भी तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नया भारत अब विकास, राष्ट्रवाद और ‘वंदे मातरम्’ की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह विकास और सुरक्षा के संदर्भ में एक नई दिशा दिखाता है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केशव प्रसाद मौर्य ने नक्सलवाद के खिलाफ क्या कहा?
उन्होंने कहा कि केंद्र की नीति और सुरक्षा बलों की कार्रवाई ने नक्सलवाद की जड़ों को कमजोर कर दिया है।
क्या अब भी नक्सलवाद का खतरा है?
हालांकि खतरा कम हुआ है, लेकिन इस पर निगरानी आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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