यूएनआईएफआईएल ने INDBATT XXVI को दूसरी बार सम्मानित किया, दक्षिण लेबनान में भारतीय बटालियन की ऐतिहासिक उपलब्धि
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) के तहत तैनात भारतीय सेना की बटालियन आईएनडीबीएटीटी XXVI ने एक वर्ष की तैनाती के दौरान दूसरी बार मिशन प्रमुख और फोर्स कमांडर का प्रतिष्ठित प्रशस्ति पत्र प्राप्त कर ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। 17 मई को आयोजित मेडल्स डे परेड में यह सम्मान प्रदान किया गया, जो इस बटालियन की असाधारण पेशेवर क्षमता और मिशन के प्रति अटूट समर्पण का प्रमाण है।
मेडल्स डे परेड और सम्मान समारोह
दक्षिणी लेबनान में आयोजित आईएनडीबीएटीटी XXVI के मेडल्स डे परेड में लेबनान में भारत के राजदूत नूर रहमान शेख ने भाग लिया और कर्नल एन. ग्लैडसन के नेतृत्व वाली 4 ग्रेनेडियर्स इन्फैंट्री बटालियन ग्रुप को हार्दिक बधाई दी। सम्मान सेक्टर ईस्ट कमांडर एंटोनियो आर. बर्नाल मार्टिन ने प्रदान किया। यह प्रशस्ति पत्र बटालियन की उत्कृष्ट संचालन क्षमता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निरंतर सेवाभाव की आधिकारिक स्वीकृति है।
चुनौतीपूर्ण वातावरण में तैनाती
यह बटालियन इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष के कारण भारी तनाव वाले दक्षिण लेबनान में तैनात है, जो इजरायली हमलों के सबसे अधिक निशाने पर रहे क्षेत्रों में शामिल है। भारतीय सैनिक सीधे तौर पर इस संघर्ष के पक्षकार नहीं हैं, लेकिन वे बंकरों और बख्तरबंद वाहनों के जरिए सतर्कता बरतते हुए अपने शांति मिशन को अंजाम देते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में अस्थिरता का स्तर असामान्य रूप से ऊँचा बना हुआ है।
बटालियन के मुख्य कार्य और महिला सहभागिता टीम
आईएनडीबीएटीटी XXVI (मद्रास रेजिमेंट) का प्राथमिक दायित्व संघर्ष को रोकना, नियमित गश्त करना और स्थानीय आबादी को चिकित्सा एवं मानवीय सहायता उपलब्ध कराना है। इस बटालियन में विशेष रूप से गठित 'महिला सहभागिता टीम' (एफईटी) भी सक्रिय है, जो स्थानीय महिला समुदाय के साथ संवाद और सहायता कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
पूर्व में भी मिल चुका है सम्मान
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब इस बटालियन को विशेष पहचान मिली हो। पिछले वर्ष लेबनान के कृषि मंत्रालय ने कृषक समुदाय को उत्कृष्ट पशु चिकित्सा सहायता और जीवन-रक्षक सुविधाएँ प्रदान करने के लिए इस बटालियन को प्रशस्ति पत्र से नवाज़ा था। एक ही तैनाती में दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करना भारतीय शांति सैनिकों की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
आगे की राह
क्षेत्र में जारी अस्थिरता के बीच आईएनडीबीएटीटी XXVI का मिशन निरंतर जारी है। भारत दशकों से यूएनआईएफआईएल में सबसे बड़े सैन्य योगदानकर्ताओं में से एक रहा है, और इस बटालियन का प्रदर्शन उस परंपरा को और सुदृढ़ करता है। आने वाले महीनों में बटालियन की रोटेशन और नई टुकड़ी की तैनाती की प्रक्रिया अपेक्षित है।