29 जुलाई 2026
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LIC ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपा ₹12,207 करोड़ का डिविडेंड चेक, PSB का शुद्ध मुनाफा रिकॉर्ड ₹1.98 लाख करोड़

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LIC ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपा ₹12,207 करोड़ का डिविडेंड चेक, PSB का शुद्ध मुनाफा रिकॉर्ड ₹1.98 लाख करोड़

सारांश

LIC ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ₹12,207 करोड़ का डिविडेंड सौंपा — यूनियन बैंक और न्यू इंडिया एश्योरेंस से मिलाकर कुल लाभांश ₹15,271 करोड़ से अधिक रहा। PSB का शुद्ध मुनाफा रिकॉर्ड ₹1.98 लाख करोड़ और सकल एनपीए ऐतिहासिक निचले स्तर 1.93% पर — लगातार चौथे वर्ष बैंक मुनाफे में।

मुख्य बातें

LIC ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹12,207 करोड़ का डिविडेंड चेक सौंपा।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने ₹2,853 करोड़ और न्यू इंडिया एश्योरेंस ने ₹211 करोड़ का लाभांश दिया।
PSB का शुद्ध मुनाफा 11.1% बढ़कर अब तक के सर्वाधिक ₹1.98 लाख करोड़ पर पहुँचा — यह लगातार चौथा लाभदायक वर्ष।
सकल एनपीए 1.93% और शुद्ध एनपीए 0.39% — दोनों ऐतिहासिक निचले स्तर पर ( 31 मार्च 2026 तक)।
PSB का कुल कारोबार ₹283.3 लाख करोड़ — पिछले वर्ष से 12.8% अधिक।
प्रत्येक PSB ने 90% से अधिक प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो बनाए रखा।

देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने 29 जुलाई 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹12,207 करोड़ का डिविडेंड चेक सौंपा। यह चेक LIC के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर. दोराईस्वामी द्वारा नई दिल्ली में वित्त मंत्री को प्रदान किया गया। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से सरकार को मिलने वाले इस लाभांश भुगतान को राजकोषीय प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अन्य संस्थानों से भी मिले डिविडेंड चेक

LIC के अतिरिक्त, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष पांडे से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹2,853 करोड़ का डिविडेंड चेक प्राप्त किया। इसी क्रम में, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गिरिजा सुब्रमणियन ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹211 करोड़ का लाभांश चेक सौंपा। इस प्रकार इन तीन प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों से सरकार को कुल मिलाकर ₹15,271 करोड़ से अधिक का लाभांश प्राप्त हुआ।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का रिकॉर्ड प्रदर्शन

वित्त मंत्री की एक्स पोस्ट में साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) का शुद्ध मुनाफा 11.1 प्रतिशत बढ़कर अब तक के सर्वाधिक ₹1.98 लाख करोड़ पर पहुँच गया। यह लगातार चौथा वर्ष है जब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक मुनाफे में रहे। 31 मार्च 2026 तक इन बैंकों का कुल कारोबार बढ़कर ₹283.3 लाख करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.8 प्रतिशत अधिक है।

एनपीए में ऐतिहासिक गिरावट

परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया। 31 मार्च 2026 तक सकल एनपीए (Gross NPA) अनुपात घटकर 1.93 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए (Net NPA) अनुपात घटकर 0.39 प्रतिशत रह गया — जो तनावग्रस्त परिसंपत्तियों का ऐतिहासिक रूप से सबसे निचला स्तर है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने 90 प्रतिशत से अधिक का प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो बनाए रखा, जो मजबूत जोखिम प्रबंधन और सुदृढ़ बैलेंस शीट का संकेत है।

सुधारों का व्यापक असर

वित्त मंत्रालय के अनुसार, बेहतर एसेट क्वालिटी, मजबूत ऋण वृद्धि और आय में वृद्धि ने PSB की लाभप्रदता को सुदृढ़ किया है। सुधारों और प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था के कारण बैंकों की परिचालन क्षमता और पूँजी पर्याप्तता (Capital Adequacy) भी मजबूत हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब एक दशक पहले तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भारी एनपीए के बोझ तले दबे थे और सरकार को उनके पुनर्पूँजीकरण पर बड़ी राशि खर्च करनी पड़ी थी। आगे चलकर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या बैंक इस प्रदर्शन को बनाए रखते हुए ऋण वृद्धि को गति दे सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे पूरे संदर्भ में देखना ज़रूरी है — एक दशक पहले इन्हीं बैंकों के पुनर्पूँजीकरण पर करदाताओं के लाखों करोड़ रुपए लगाए गए थे। असली कसौटी यह है कि क्या यह लाभप्रदता टिकाऊ ऋण वृद्धि में तब्दील हो रही है या केवल कड़े प्रोविजनिंग और ब्याज मार्जिन का परिणाम है। गौरतलब है कि PSB की बाज़ार हिस्सेदारी निजी बैंकों के मुकाबले लगातार सिकुड़ रही है, और मजबूत बैलेंस शीट के बावजूद नवाचार और डिजिटल बैंकिंग में अंतर बना हुआ है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

LIC ने वित्त मंत्री को कितने रुपए का डिविडेंड दिया?
LIC ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹12,207 करोड़ का डिविडेंड चेक सौंपा। यह चेक 29 जुलाई 2026 को LIC के MD एवं CEO आर. दोराईस्वामी द्वारा प्रदान किया गया।
वित्त वर्ष 2025-26 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का शुद्ध मुनाफा कितना रहा?
वित्त वर्ष 2025-26 में PSB का शुद्ध मुनाफा 11.1% बढ़कर अब तक के सर्वाधिक ₹1.98 लाख करोड़ पर पहुँच गया। यह लगातार चौथा वर्ष है जब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक मुनाफे में रहे।
PSB का एनपीए अभी किस स्तर पर है?
31 मार्च 2026 तक PSB का सकल एनपीए अनुपात घटकर 1.93% और शुद्ध एनपीए अनुपात 0.39% पर आ गया, जो ऐतिहासिक रूप से सबसे निचला स्तर है। प्रत्येक PSB ने 90% से अधिक का प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो भी बनाए रखा।
यूनियन बैंक और न्यू इंडिया एश्योरेंस ने कितना डिविडेंड दिया?
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹2,853 करोड़ और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने ₹211 करोड़ का डिविडेंड चेक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपा।
PSB के कुल कारोबार में कितनी वृद्धि हुई?
31 मार्च 2026 तक PSB का कुल कारोबार बढ़कर ₹283.3 लाख करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.8% अधिक है। बेहतर एसेट क्वालिटी, मजबूत ऋण वृद्धि और आय में वृद्धि को इस सुधार का प्रमुख कारण बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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