वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान: 57.78 करोड़ जन धन खाते खोले गए, 55.8% महिलाओं के हैं

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान: 57.78 करोड़ जन धन खाते खोले गए, 55.8% महिलाओं के हैं

सारांश

प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 57.78 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं, जिनमें 55.8% खाते महिलाओं के नाम पर हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस महत्वपूर्ण जानकारी को साझा किया है। जानें इस योजना के लाभ और प्रभाव।

मुख्य बातें

57.78 करोड़ जन धन खाते खोले गए हैं।
55.8% खाते महिलाओं के नाम पर हैं।
वित्तीय सेवाओं की पहुँच गांवों तक बढ़ी है।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 2 लाख रुपए का बीमा कवर।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का लाभ।

नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में जानकारी दी कि प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत 25 फरवरी 2026 तक देश में कुल 57.78 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों में कुल जमा राशि लगभग 2,94,702 करोड़ रुपए है।

वित्त मंत्री ने बताया कि इनमें से 32.21 करोड़ यानी लगभग 55.8 प्रतिशत जन धन खाते महिलाओं के नाम पर हैं। वहीं करीब 45.17 करोड़ खाते (78.2 प्रतिशत) ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं, जिससे वित्तीय सेवाओं की पहुंच गांवों तक बढ़ी है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) के तहत 25 फरवरी तक कुल 26.88 करोड़ लोगों ने नामांकन कराया है। इस योजना के अंतर्गत किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपए का जीवन बीमा कवर मिलता है।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के तहत 57.11 करोड़ नामांकन किए जा चुके हैं (25 फरवरी 2026 तक)। इस योजना में एक वर्ष के लिए दुर्घटना बीमा कवर दिया जाता है, जिसमें मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रुपए और आंशिक स्थायी विकलांगता पर 1 लाख रुपए की सहायता मिलती है।

अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के तहत 25 फरवरी 2026 तक कुल 8.84 करोड़ लोगों ने नामांकन कराया है, जिसके जरिए पात्र व्यक्तियों को हर महीने पेंशन प्रदान की जाती है।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत 57.26 करोड़ लोन मंजूर किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि 39.48 लाख करोड़ रुपए है। इस योजना के माध्यम से छोटे और सूक्ष्म कारोबारों को बिना गारंटी के 20 लाख रुपए तक का कर्ज दिया जाता है, ताकि वे विनिर्माण, व्यापार, सेवा क्षेत्र और कृषि से जुड़े कार्यों में अपनी आय बढ़ा सकें।

स्टैंड-अप इंडिया योजना (एसयूपीआई) के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों को 2.75 लाख लोन प्रदान किए गए हैं, जिनकी कुल राशि 62,790 करोड़ रुपए है (31 मार्च 2025 तक)। इन ऋणों के माध्यम से मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग, सर्विस और कृषि से संबंधित नए प्रोजेक्ट शुरू करने में सहायता की जाती है।

वित्त मंत्री ने बताया कि वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के लिए जेएएम प्लेटफॉर्म (जन धन-आधार-मोबाइल) विकसित किया गया है, जिसके जरिए जन धन खाते को आधार और मोबाइल नंबर से जोड़ा जाता है।

इस प्लेटफॉर्म का उपयोग विभिन्न मंत्रालय और विभाग कई कल्याणकारी योजनाओं के लाभ सीधे लोगों के खातों में पहुंचाने के लिए करते हैं, जिसे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) कहा जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं की पहुंच को भी बढ़ाता है। यह योजना समाज के कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान करने में सहायक साबित हो रही है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री जन धन योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
प्रधानमंत्री जन धन योजना का मुख्य उद्देश्य वित्तीय समावेशन को बढ़ाना और गरीबों तथा महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं का लाभ पहुंचाना है।
इस योजना के तहत कितने खाते खोले जा चुके हैं?
इस योजना के तहत अब तक 57.78 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं।
क्या महिलाओं के लिए विशेष लाभ हैं?
हाँ, इस योजना के अंतर्गत 55.8% जन धन खाते महिलाओं के नाम पर हैं, जिससे उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण का लाभ मिलता है।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत क्या लाभ है?
इस योजना के तहत मृत्यु होने पर 2 लाख रुपए का जीवन बीमा कवर मिलता है।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) क्या है?
डीबीटी एक व्यवस्था है जिसके तहत कल्याणकारी योजनाओं के लाभ सीधे लोगों के बैंक खातों में भेजे जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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