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जन धन खातों की संख्या 58.15 करोड़ पहुंची, जमा राशि ₹3 लाख करोड़ के पार — सरकारी फैक्टशीट

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जन धन खातों की संख्या 58.15 करोड़ पहुंची, जमा राशि ₹3 लाख करोड़ के पार — सरकारी फैक्टशीट

सारांश

वित्त मंत्रालय की फैक्टशीट में 12 साल की कल्याण योजनाओं का हिसाब — 58.15 करोड़ जन धन खाते, ₹3 लाख करोड़ जमा, 44 करोड़ आयुष्मान कार्ड और ₹8.69 लाख करोड़ का जल जीवन मिशन। आँकड़े बड़े हैं, पर असली सवाल सेवा की गुणवत्ता और ज़मीनी पहुँच का है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खातों की संख्या 58.15 करोड़ और कुल जमा राशि ₹3 लाख करोड़ पार।
जन धन खातों में 56% खाते महिलाओं के नाम — RBI के आँकड़ों के अनुसार।
आयुष्मान भारत (AB-PMJAY) के तहत 44 करोड़ कार्ड जारी; 12 करोड़ परिवारों को सालाना ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा।
70 वर्ष या अधिक आयु के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान योजना में शामिल किया गया।
जल जीवन मिशन की कुल लागत ₹8.69 लाख करोड़ ; केंद्र की हिस्सेदारी ₹3.59 लाख करोड़ ।
4 करोड़ पक्के मकान , 10 करोड़ एलपीजी कनेक्शन , 2.9 करोड़ बिजली कनेक्शन और 12 करोड़ शौचालय निर्मित।

प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत देशभर में खोले गए बैंक खातों की कुल संख्या बढ़कर 58.15 करोड़ हो गई है और इन खातों में जमा राशि ₹3 लाख करोड़ का आँकड़ा पार कर चुकी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय द्वारा 8 जून 2026 को जारी एक सरकारी फैक्टशीट में यह जानकारी दी गई, जिसमें पिछले 12 वर्षों की कल्याणकारी पहलों का लेखा-जोखा पेश किया गया है।

जन धन योजना: वित्तीय समावेशन का विस्तार

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के आँकड़ों के अनुसार, जन धन खातों में से 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के नाम पर हैं, जो योजना की लैंगिक समावेशिता को रेखांकित करता है। खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए ये खाते दुनिया के सबसे बड़े वित्तीय समावेशन अभियान के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाते हैं।

फैक्टशीट में कहा गया है कि जन धन, आधार और मोबाइल को मिलाकर बनी 'जेएएम ट्रिनिटी' ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) को सशक्त किया है। इस व्यवस्था के जरिए सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिए या रिसाव (लीकेज) के सीधे पात्र लाभार्थियों के खातों में पहुँचाया जा रहा है।

आयुष्मान भारत: 44 करोड़ कार्ड, 40% आबादी को कवर

स्वास्थ्य सेवा के मोर्चे पर, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत जारी आयुष्मान भारत कार्डों की संख्या 44 करोड़ तक पहुँच गई है। यह योजना 12 करोड़ परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करती है, जो देश की लगभग 40 प्रतिशत आबादी को कवर करती है।

मार्च 2024 में लगभग 37 लाख आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के परिवारों को इस योजना में शामिल किया गया। बाद में योजना का विस्तार करते हुए 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को भी — जो लगभग 4.5 करोड़ परिवारों से आते हैं — उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना इसमें शामिल किया गया।

जल जीवन मिशन और बुनियादी सुविधाएँ

फैक्टशीट के अनुसार, गरीब परिवारों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 15.7 करोड़ नल जल कनेक्शन दिए गए हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन को केवल बुनियादी ढाँचा निर्माण से आगे बढ़ाकर सेवा वितरण आधारित बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इस मिशन की कुल लागत बढ़ाकर ₹8.69 लाख करोड़ कर दी गई है। इसमें केंद्र सरकार की कुल सहायता ₹3.59 लाख करोड़ होगी, जो 2019-20 में स्वीकृत ₹2.08 लाख करोड़ से काफी अधिक है — केंद्र की अतिरिक्त हिस्सेदारी ₹1.51 लाख करोड़ है।

आवास, स्वच्छता और ऊर्जा

सामाजिक बुनियादी ढाँचे की दृष्टि से, जीवन स्तर सुधारने के लिए 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। सौभाग्य योजना के तहत 2.9 करोड़ घरों को बिजली कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गरीब परिवारों को रसोई गैस उपलब्ध कराने के लिए 10 करोड़ एलपीजी कनेक्शन जारी किए गए हैं।

इसके अलावा, आवास योजना के तहत गरीब परिवारों के लिए 4 करोड़ पक्के मकानों का निर्माण किया गया है। यह फैक्टशीट ऐसे समय में आई है जब सरकार अपने 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को व्यापक रूप से रेखांकित कर रही है। आने वाले महीनों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता और लाभार्थियों तक वास्तविक पहुँच पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वित्तीय समावेशन की असली कसौटी खाता खोलना नहीं, बल्कि उसका नियमित उपयोग है — और इस पर फैक्टशीट मौन है। स्वतंत्र शोध बताते हैं कि एक बड़ी संख्या में जन धन खाते निष्क्रिय या न्यूनतम लेन-देन वाले हैं। आयुष्मान भारत के 44 करोड़ कार्डों की तुलना में वास्तविक अस्पताल दावों की संख्या और अस्वीकृति दर का खुलासा नहीं किया गया है। जल जीवन मिशन की बढ़ी हुई लागत ₹8.69 लाख करोड़ — गुणवत्ता और स्थायित्व की जवाबदेही के बिना — बुनियादी ढाँचे की राजनीति का पुराना पैटर्न दोहराती है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री जन धन योजना में अब तक कितने खाते खुले हैं?
सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, देशभर में जन धन खातों की कुल संख्या 58.15 करोड़ हो गई है और इन खातों में जमा राशि ₹3 लाख करोड़ पार कर चुकी है। इनमें से 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के नाम पर हैं।
जेएएम ट्रिनिटी क्या है और यह कैसे काम करती है?
जेएएम ट्रिनिटी — जन धन, आधार और मोबाइल — का संयोजन है जो सरकारी कल्याणकारी लाभों को सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुँचाता है। इससे बिचौलियों और लीकेज को समाप्त कर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) को सुनिश्चित किया जाता है।
आयुष्मान भारत योजना से कितने लोगों को फायदा मिल रहा है?
आयुष्मान भारत (AB-PMJAY) के तहत 44 करोड़ कार्ड जारी किए जा चुके हैं और 12 करोड़ परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा मिलता है। यह देश की लगभग 40 प्रतिशत आबादी को कवर करती है, जिसमें 70 वर्ष या अधिक आयु के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं।
जल जीवन मिशन की नई लागत क्या है और इसमें क्या बदला है?
जल जीवन मिशन की कुल लागत बढ़ाकर ₹8.69 लाख करोड़ कर दी गई है, जिसमें केंद्र की हिस्सेदारी ₹3.59 लाख करोड़ है। अब मिशन का ध्यान केवल पाइपलाइन निर्माण से हटकर सेवा वितरण, पेयजल प्रबंधन और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आपूर्ति पर केंद्रित किया जा रहा है।
सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों की फैक्टशीट किसने जारी की?
यह फैक्टशीट 8 जून 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय द्वारा जारी की गई। इसमें वित्तीय समावेशन, स्वास्थ्य सेवा, आवास, पेयजल, स्वच्छता और स्वच्छ ईंधन जैसे क्षेत्रों में पिछले 12 वर्षों की प्रगति का विवरण दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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