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चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल: इंडिया ब्लॉक सड़क पर उतरेगा, राष्ट्रपति से मिलने का समय माँगा

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चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल: इंडिया ब्लॉक सड़क पर उतरेगा, राष्ट्रपति से मिलने का समय माँगा

सारांश

इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सीधे सवाल उठाए — सड़क आंदोलन और राष्ट्रपति से मुलाकात का ऐलान किया। यह विपक्ष की उस रणनीति का हिस्सा है जो 2027 के यूपी चुनाव से पहले चुनाव आयोग को केंद्रीय मुद्दा बनाना चाहती है।

मुख्य बातें

सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने 30 सितंबर 2026 को इंडिया ब्लॉक बैठक के बाद चुनाव आयोग (ECI) की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए।
विपक्षी दल चुनाव आयोग के मुद्दे पर सड़क आंदोलन करने की रणनीति पर सहमत हुए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के लिए समय माँगा गया है ताकि उन्हें स्थिति से अवगत कराया जाए।
सरोज ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अधीन काम करने वाले अधिकारियों को भी कथित फैसलों की जानकारी नहीं दी जा रही।
उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराना और सपा-कांग्रेस सीट बंटवारे के सभी फॉर्मूलों पर विचार करना इंडिया ब्लॉक की प्राथमिकता बताई गई।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर सरोज ने जिले की सड़क और कथित वसूली का मुद्दा उठाते हुए जवाबदेही माँगी।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद स्पष्ट किया कि विपक्षी दल चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों को लेकर अब सड़क पर आंदोलन करेंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के लिए समय माँगा गया है, ताकि उन्हें मौजूदा स्थिति से अवगत कराया जा सके।

चुनाव आयोग पर आरोप और मुख्य बातें

पुष्पेंद्र सरोज ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अधीन काम करने वाले अधिकारियों को भी कथित तौर पर लिए जा रहे फैसलों की जानकारी नहीं है। उनके अनुसार, सत्तारूढ़ दल के बड़े नेताओं का चुनाव आयुक्त पर दबाव है। सरोज ने कहा कि यदि मौजूदा चुनाव आयुक्त अपने पद पर बने रहते हैं, तो भविष्य में निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद नहीं की जा सकती।

सरोज ने जोर देकर कहा, 'चुनाव आयोग जैसी संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठना लोकतंत्र के लिए गंभीर विषय है।' गौरतलब है कि इंडिया ब्लॉक की इस बैठक में लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया को लेकर गहरी चिंता जताई गई।

केंद्रीय मंत्री मांझी और नोटबंदी पर पलटवार

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के इंडिया ब्लॉक की बैठक पर दिए गए बयान पर सरोज ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नोटबंदी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश में नोटबंदी किसने की और इसका फायदा किसे मिला, यह सभी जानते हैं। उन्होंने कहा कि काले धन को वापस लाने की बात कही गई थी, लेकिन अंततः देश का पैसा वापस व्यवस्था में ही आ गया।

सपा-कांग्रेस गठबंधन और उत्तर प्रदेश की राजनीति

सपा-कांग्रेस गठबंधन पर बृजभूषण सिंह के बयान को लेकर सरोज ने कहा कि उन्होंने अपने मन की बात कही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में सपा को भाजपा के खिलाफ मुख्य राजनीतिक लड़ाई लड़ने वाली पार्टी बताया और कहा कि उत्तर प्रदेश में होने वाला चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण है।

बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए सरोज ने कहा कि अखिलेश यादव वहाँ स्वतंत्र रूप से गए और कांग्रेस के समर्थन में रैली की, लेकिन सपा ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा। उनका कहना था कि जहाँ जिस पार्टी की स्थिति मजबूत हो, वहाँ दूसरी पार्टी को उदार रवैया अपनाना चाहिए। सीट बंटवारे के सभी संभावित फॉर्मूलों पर विचार किया जा सकता है।

डिप्टी सीएम मौर्य पर सरोज का हमला

उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा सपा, बसपा और कांग्रेस पर साधे निशाने के जवाब में सरोज ने कहा कि मौर्य उनके ही जिले से आते हैं और उन्हें पहले जिले के विकास पर जवाब देना चाहिए। सरोज ने आरोप लगाया कि जिले की एक सड़क उद्घाटन से पहले ही टूट गई, लेकिन इस पर कोई जवाबदेही नहीं ली गई। उन्होंने जिले में लेखपाल, तहसील और पुलिस स्तर पर कथित वसूली का भी आरोप लगाया।

आगे की रणनीति

इंडिया ब्लॉक का मुख्य लक्ष्य उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराना और लोकतंत्र के मुद्दे पर सभी विपक्षी दलों को एकजुट करना है। यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ने लगी हैं और गठबंधन समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। राष्ट्रपति से मुलाकात और सड़क आंदोलन की रणनीति यह बताती है कि विपक्ष चुनाव आयोग के मुद्दे को दीर्घकालिक राजनीतिक अभियान में बदलने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या केवल दिल्ली की प्रेस वार्ताओं तक सीमित रहेगा। ज्ञानेश कुमार पर सीधे उँगली उठाना संस्थागत टकराव को नई ऊँचाई देता है — जिसके राजनीतिक परिणाम दोनों पक्षों के लिए अनिश्चित हैं।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक ने चुनाव आयोग के खिलाफ क्या कदम उठाने का ऐलान किया है?
इंडिया ब्लॉक ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता के मुद्दे पर सड़क आंदोलन करने और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलकर स्थिति से अवगत कराने का फैसला किया है। सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने 30 सितंबर 2026 को बैठक के बाद यह जानकारी दी।
पुष्पेंद्र सरोज ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर क्या आरोप लगाए?
सरोज ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के अधीन काम करने वाले अधिकारियों को भी कथित तौर पर लिए जा रहे फैसलों की जानकारी नहीं दी जा रही। उनका यह भी कहना है कि सत्तारूढ़ दल के बड़े नेताओं का चुनाव आयुक्त पर दबाव है।
सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर पुष्पेंद्र सरोज का क्या रुख है?
सरोज ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सभी सीट बंटवारे के संभावित फॉर्मूलों पर विचार किया जा सकता है। उनका मानना है कि जहाँ जिस पार्टी की स्थिति मजबूत हो, वहाँ दूसरी पार्टी को उदारता दिखानी चाहिए।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर सरोज ने क्या कहा?
सरोज ने कहा कि मौर्य उनके ही जिले से आते हैं और उन्हें पहले जिले के विकास का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने जिले की एक सड़क के उद्घाटन से पहले ही टूटने और लेखपाल, तहसील व पुलिस स्तर पर कथित वसूली का मुद्दा उठाया।
इंडिया ब्लॉक की यह रणनीति 2027 के यूपी चुनाव से कैसे जुड़ी है?
सरोज ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराना और लोकतंत्र के मुद्दे पर एकजुट होकर काम करना इंडिया ब्लॉक का मुख्य लक्ष्य है। चुनाव आयोग पर सवाल उठाना और सड़क आंदोलन की रणनीति 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी का हिस्सा मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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