चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल: इंडिया ब्लॉक सड़क पर उतरेगा, राष्ट्रपति से मुलाकात की माँग
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद कहा कि चुनाव आयोग (ECI) की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे हैं, और विपक्षी दल अब इस मुद्दे पर सड़क पर आंदोलन करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का समय माँगा गया है, ताकि उन्हें मौजूदा संवैधानिक स्थिति से अवगत कराया जा सके।
चुनाव आयोग पर आरोप
पुष्पेंद्र सरोज ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अधीन काम करने वाले अधिकारियों को भी कथित तौर पर लिए जा रहे फैसलों की जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि सत्तारूढ़ दल के बड़े नेताओं का चुनाव आयुक्त पर दबाव है। सरोज के अनुसार, यदि मौजूदा चुनाव आयुक्त अपने पद पर बने रहते हैं तो भविष्य में निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद नहीं की जा सकती।
यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक के विभिन्न घटक दल चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने ECI की कार्यप्रणाली पर सार्वजनिक रूप से चिंता जताई हो।
केंद्रीय मंत्री मांझी के बयान पर पलटवार
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के इंडिया ब्लॉक की बैठक पर दिए गए बयान का जवाब देते हुए सरोज ने नोटबंदी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश में नोटबंदी किसने की और उसका फायदा किसे मिला, यह सभी जानते हैं। उनके अनुसार, काला धन वापस लाने का वादा किया गया था, लेकिन देश का पैसा केवल वापस व्यवस्था में आ गया।
सपा-कांग्रेस गठबंधन और उत्तर प्रदेश चुनाव
बृजभूषण सिंह के सपा-कांग्रेस गठबंधन पर दिए बयान पर सरोज ने कहा कि उन्होंने अपने मन की सही बात कही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (SP) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विरुद्ध प्रमुख राजनीतिक शक्ति बताया। बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव वहाँ कांग्रेस के समर्थन में स्वतंत्र रूप से गए और रैली की, जबकि सपा ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा।
सरोज ने कहा कि जहाँ जिस पार्टी की स्थिति मजबूत हो, वहाँ दूसरी पार्टी को उदारता दिखानी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे के सभी संभावित फार्मूलों पर विचार की संभावना भी खुली रखी।
डिप्टी सीएम मौर्य पर स्थानीय मुद्दों पर निशाना
उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के सपा, बसपा और कांग्रेस पर निशाने वाले बयान का जवाब देते हुए सरोज ने कहा कि मौर्य उनके जिले से ही आते हैं और उन्हें पहले वहाँ के विकास का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले की एक सड़क उद्घाटन से पहले ही टूट गई, और इस पर कोई जवाब नहीं मिला।
सरोज ने कथित तौर पर लेखपाल, तहसील और पुलिस स्तर पर वसूली का भी आरोप लगाया, और कहा कि स्थानीय जनता की समस्याओं की अनदेखी नहीं की जा सकती। आगे विपक्ष की रणनीति पर नज़र रहेगी, खासकर राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद।