क्या मध्य प्रदेश में पंचायत सचिव योजना और विकास की धुरी हैं: सीएम मोहन यादव?
सारांश
Key Takeaways
- पंचायत सचिव जनकल्याण की धुरी हैं।
- सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष कर दी गई है।
- पंचायत सचिवों को 7वां वेतनमान मिलेगा।
- वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया गया है।
- पंचायत सचिवों का ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान है।
भोपाल, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पंचायत सचिव जनकल्याण की योजनाओं और विकास का मुख्य आधार हैं। अब पंचायत सचिवों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष कर दी गई है और उन्हें सातवां वेतनमान भी प्रदान किया जाएगा।
राजधानी के भेल दशहरा मैदान पर आयोजित प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पंचायत सचिवों की सेवाकाल की आयु सीमा 62 वर्ष निर्धारित की गई है। उनके लिए 7वें वेतनमान के आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही उन्हें विशेष भत्ते का भी लाभ दिया जाएगा। यदि पंचायत सचिव की सेवाकाल में मृत्यु होती है, तो उनके परिवार को दी जाने वाली डेढ़ लाख रुपए की आकस्मिक सहायता राशि अनुकंपा नियुक्ति के बाद वापस नहीं ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों के वेतनमान और अन्य सेवा शर्तों के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा गांवों में बसती है। अगर देश का विकास करना है, तो गांवों को विकसित करना होगा, तभी देश अपने आप आगे बढ़ेगा। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में उद्योग स्थापित करने का संकल्प लिया है।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि हमारे गाँव ही स्वावलंबी भारत की नींव हैं। राज्य सरकार पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से सभी क्षेत्रों में कार्य कर रही है। प्रदेश के किसानों की समृद्धि और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है। इसमें 16 अलग-अलग विभागों को शामिल किया गया है। कृषि कल्याण वर्ष में खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन और लघु-कुटीर उद्योग सहित सभी विभागों की योजनाओं का लाभ पंचायत हितग्राहियों को मिलेगा। ग्रामीण विकास में पंचायत सचिवों की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री यादव ने पंचायत सचिवों की ग्राम विकास में भूमिका की चर्चा करते हुए कहा कि हमारी पंचायती राज व्यवस्था में पंचायत सचिव जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की धुरी हैं। वे सरकारी नीति-निर्णयों और योजनाओं को क्रियान्वित कर धरातल पर उतारते हैं। राज्य सरकार, पंचायत, पंचायत सचिव और पंच परमेश्वर के सहयोग से जनकल्याण के साथ विकास के पैमाने पर आगे बढ़ रही है। यदि हम रामराज की कल्पना करें तो पंचायत सचिव एक प्रकार से पंचायती राज में हनुमान की भूमिका में काम करते हैं। प्रधानमंत्री आवास हो या आर्थिक सहायता का लाभ, सभी जनकल्याणकारी कार्य पंचायत सचिव ही पूर्ण कराते हैं।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायत को सम्मान, संसाधन और आधुनिकता देने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। पंचायत के लिए सुसज्जित कार्यालय अटल भवन सामुदायिक भवनों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण से केवल कौशल नहीं, अपितु प्रशासकीय व्यवस्था की संस्कृति को बदलने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय और वाहन भत्तों में वृद्धि की है। इसके साथ ही सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के कार्य करने का अधिकार दिया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि ग्राम सभा से लेकर विकास कार्यों के क्रियान्वयन तक हर प्रक्रिया की धुरी पंचायत सचिव हैं। उनका दायित्व केवल नौकरी नहीं, जन सेवा का पवित्र अवसर है।