मध्य प्रदेश में MSP पर धान, ज्वार, बाजरा खरीद: 3 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन, 10 अक्टूबर अंतिम तिथि
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य (MSP) पर धान, ज्वार और बाजरा की सरकारी खरीद के लिए पंजीयन प्रक्रिया जारी है। राज्य में अब तक 3 लाख 5 हजार 82 किसान पंजीयन करा चुके हैं और पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने किसानों से समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की अपील
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि वे 10 अक्टूबर की अंतिम तिथि से पहले पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि उपार्जन प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने बताया कि पंजीयन व्यवस्था को अधिकतम सहज और सुलभ बनाया गया है। इसके लिए प्रदेशभर में 1100 से अधिक पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं।
संभागवार पंजीयन की स्थिति
पंजीयन के आँकड़े बताते हैं कि जबलपुर संभाग में सर्वाधिक 1 लाख 47 हजार 824 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसके बाद रीवा संभाग में 94 हजार 384, शहडोल संभाग में 21 हजार 456, नर्मदापुरम संभाग में 16 हजार 398, सागर संभाग में 16 हजार 155 और भोपाल संभाग में 8 हजार 599 किसान पंजीकृत हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार खरीफ सीजन में कृषि उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दे रही है।
निःशुल्क और सशुल्क पंजीयन व्यवस्था
मंत्री के अनुसार, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों तथा सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं के पंजीयन केंद्रों पर यह सेवा निःशुल्क उपलब्ध है। वहीं एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे पर सशुल्क पंजीयन की सुविधा दी गई है, जहाँ प्रति पंजीयन शुल्क 50 रुपए से अधिक नहीं लिया जाएगा।
आवश्यक दस्तावेज़ और विशेष श्रेणियाँ
पंजीयन के लिए किसानों को भूमि संबंधी दस्तावेज़, आधार कार्ड और अन्य फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करने होंगे। बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समिति या सहकारी विपणन संस्था के केंद्रों पर ही होगा, और इस श्रेणी के सभी किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।
आधार और बैंक खाता लिंकिंग की अनिवार्यता
गौरतलब है कि किसानों के आधार नंबर से बैंक खाता लिंक होना अनिवार्य है। खाते के सत्यापन के लिए पंजीयन के दौरान ही मध्य प्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन, JIT पोर्टल के माध्यम से ₹1 का ट्रांजेक्शन कराया जाएगा। इसके साथ ही सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं कि ज़िला और तहसील स्तर पर आधार पंजीयन केंद्र क्रियाशील रखे जाएँ, ताकि किसान मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक आसानी से अपडेट करा सकें। पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केंद्रों का भी इस हेतु उपयोग किया जा सकता है। पंजीयन की समय-सीमा करीब आने के साथ, किसानों के लिए यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि वे 10 अक्टूबर से पहले अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें।