5 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मध्य प्रदेश में MSP पर धान, ज्वार, बाजरा खरीद: 3 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन, 10 अक्टूबर अंतिम तिथि

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मध्य प्रदेश में MSP पर धान, ज्वार, बाजरा खरीद: 3 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन, 10 अक्टूबर अंतिम तिथि

सारांश

मध्य प्रदेश में खरीफ 2026-27 के लिए MSP पर धान, ज्वार और बाजरा खरीद हेतु 3 लाख 5 हजार से अधिक किसान पंजीकृत हो चुके हैं। पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर है। राज्यभर में 1100 से अधिक केंद्र बनाए गए हैं और निःशुल्क सुविधा भी उपलब्ध है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में MSP पर धान, ज्वार और बाजरा खरीद के लिए पंजीयन जारी है।
अब तक 3 लाख 5 हजार 82 किसान पंजीयन करा चुके हैं; अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 ।
प्रदेश में 1100 से अधिक पंजीयन केंद्र स्थापित; ग्राम पंचायत और सहकारी केंद्रों पर निःशुल्क सेवा उपलब्ध।
सशुल्क पंजीयन के लिए अधिकतम शुल्क ₹50 प्रति पंजीयन निर्धारित।
जबलपुर संभाग में सर्वाधिक 1 लाख 47 हजार 824 किसान पंजीकृत।
आधार-बैंक खाता लिंकिंग अनिवार्य; सत्यापन के लिए ₹1 ट्रांजेक्शन ई-उपार्जन पोर्टल से किया जाएगा।

मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य (MSP) पर धान, ज्वार और बाजरा की सरकारी खरीद के लिए पंजीयन प्रक्रिया जारी है। राज्य में अब तक 3 लाख 5 हजार 82 किसान पंजीयन करा चुके हैं और पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने किसानों से समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की अपील

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि वे 10 अक्टूबर की अंतिम तिथि से पहले पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि उपार्जन प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने बताया कि पंजीयन व्यवस्था को अधिकतम सहज और सुलभ बनाया गया है। इसके लिए प्रदेशभर में 1100 से अधिक पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं।

संभागवार पंजीयन की स्थिति

पंजीयन के आँकड़े बताते हैं कि जबलपुर संभाग में सर्वाधिक 1 लाख 47 हजार 824 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसके बाद रीवा संभाग में 94 हजार 384, शहडोल संभाग में 21 हजार 456, नर्मदापुरम संभाग में 16 हजार 398, सागर संभाग में 16 हजार 155 और भोपाल संभाग में 8 हजार 599 किसान पंजीकृत हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार खरीफ सीजन में कृषि उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दे रही है।

निःशुल्क और सशुल्क पंजीयन व्यवस्था

मंत्री के अनुसार, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों तथा सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं के पंजीयन केंद्रों पर यह सेवा निःशुल्क उपलब्ध है। वहीं एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे पर सशुल्क पंजीयन की सुविधा दी गई है, जहाँ प्रति पंजीयन शुल्क 50 रुपए से अधिक नहीं लिया जाएगा।

आवश्यक दस्तावेज़ और विशेष श्रेणियाँ

पंजीयन के लिए किसानों को भूमि संबंधी दस्तावेज़, आधार कार्ड और अन्य फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करने होंगे। बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समिति या सहकारी विपणन संस्था के केंद्रों पर ही होगा, और इस श्रेणी के सभी किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।

आधार और बैंक खाता लिंकिंग की अनिवार्यता

गौरतलब है कि किसानों के आधार नंबर से बैंक खाता लिंक होना अनिवार्य है। खाते के सत्यापन के लिए पंजीयन के दौरान ही मध्य प्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन, JIT पोर्टल के माध्यम से ₹1 का ट्रांजेक्शन कराया जाएगा। इसके साथ ही सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं कि ज़िला और तहसील स्तर पर आधार पंजीयन केंद्र क्रियाशील रखे जाएँ, ताकि किसान मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक आसानी से अपडेट करा सकें। पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केंद्रों का भी इस हेतु उपयोग किया जा सकता है। पंजीयन की समय-सीमा करीब आने के साथ, किसानों के लिए यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि वे 10 अक्टूबर से पहले अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या इस बार उपार्जन केंद्रों पर वास्तविक खरीद सुचारू रूप से होती है — क्योंकि पिछले वर्षों में पंजीयन और वास्तविक खरीद के बीच व्यापक अंतर देखा गया है। बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए केंद्र-सीमित व्यवस्था और राजस्व विभाग का शत-प्रतिशत सत्यापन एक सकारात्मक कदम है, फिर भी छोटे एवं सीमांत किसानों तक डिजिटल और बायोमेट्रिक आवश्यकताओं की पहुँच बड़ी चुनौती बनी हुई है। राज्य को यह सुनिश्चित करना होगा कि 10 अक्टूबर की समय-सीमा एक बाधा न बने, खासकर उन किसानों के लिए जिनका आधार अभी तक बैंक खाते से लिंक नहीं है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में MSP पर धान, ज्वार और बाजरा खरीद के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि क्या है?
पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। इस तिथि तक पंजीयन न कराने वाले किसान MSP पर सरकारी खरीद का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
किसान पंजीयन कहाँ और कैसे करा सकते हैं?
किसान ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय और सहकारी समिति केंद्रों पर निःशुल्क पंजीयन करा सकते हैं। एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर और साइबर कैफे पर अधिकतम ₹50 शुल्क देकर भी पंजीयन कराया जा सकता है।
पंजीयन के लिए कौन-से दस्तावेज़ आवश्यक हैं?
पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़, आधार कार्ड और अन्य फोटो पहचान पत्र अनिवार्य हैं। इसके अलावा, किसान का आधार नंबर उनके बैंक खाते से लिंक होना जरूरी है, जिसका सत्यापन ₹1 के ट्रांजेक्शन से किया जाएगा।
बटाईदार और वन पट्टाधारी किसान कहाँ पंजीयन करा सकते हैं?
बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसान केवल सहकारी समिति या सहकारी विपणन संस्था के पंजीयन केंद्रों पर ही पंजीयन करा सकते हैं। इस श्रेणी के सभी किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।
अब तक कितने किसानों ने खरीफ 2026-27 के लिए पंजीयन कराया है?
5 अक्टूबर 2026 तक कुल 3 लाख 5 हजार 82 किसान पंजीयन करा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक 1 लाख 47 हजार 824 किसान जबलपुर संभाग से हैं, इसके बाद रीवा संभाग में 94 हजार 384 किसान पंजीकृत हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले