मध्य प्रदेश में धान खरीदी पंजीयन की अंतिम तिथि 4 नवंबर तक बढ़ाई, CM मोहन यादव का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में धान उत्पादक किसानों के लिए समर्थन मूल्य पर उपज बिक्री हेतु पंजीयन की अंतिम तिथि अब 4 नवंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। यह घोषणा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार, 2 नवंबर को सिवनी जिले की सिमरिया मंडी प्रांगण में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को भोपाल मंत्रालय से वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए की। इस विस्तार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रह जाए।
धान उपार्जन पंजीयन में विस्तार
मुख्यमंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि धान उपार्जन के पंजीयन की अंतिम तिथि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बढ़ाई गई है, ताकि अधिक से अधिक पात्र किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी फसल बेचने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे पंजीयन प्रक्रिया निर्बाध और सुलभ रहे।
बिजली आपूर्ति और रबी सीजन की तैयारी
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि प्रदेश में इस समय किसानों को खेती-किसानी के कार्यों के लिए दिन में 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा रही है। रबी फसलों की सिंचाई के लिए दिन के समय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होने से किसानों को रात में सिंचाई की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी। यह कदम सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का हिस्सा बताया गया है।
सिवनी की कृषि विशेषताएँ और फूड पार्क की योजना
मुख्यमंत्री यादव ने सिवनी जिले की कृषि विशिष्टताओं का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जीराशंकर चावल अपनी विशिष्ट सुगंध और स्वाद के लिए अलग पहचान रखता है, जबकि सिवनी का जंबो सीताफल बड़े आकार और मिठास के लिए ख्याति प्राप्त कर रहा है। इसके अलावा टमाटर, मिर्च, अलसी, सरसों और सूरजमुखी जैसी फसलें भी इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण संभावनाएँ प्रस्तुत करती हैं।
उन्होंने घोषणा की कि कृषि उत्पादों के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के उद्देश्य से सिवनी में शीघ्र ही एक फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। इससे कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोज़गार व उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे।
किसान कल्याण वर्ष 2026 और विविधीकरण की रणनीति
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पारंपरिक फसलों के साथ-साथ दलहन, तिलहन, उद्यानिकी और नकदी फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि किसान बाज़ार की माँग के अनुसार उत्पादन कर सकें और कृषि जोखिम को कम कर सकें। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण को किसानों की आय बढ़ाने के प्रमुख माध्यम बताया।
आगे क्या होगा
4 नवंबर की अंतिम तिथि के बाद धान उपार्जन की खरीद प्रक्रिया विधिवत आरंभ होने की संभावना है। मध्य प्रदेश सरकार का दावा है कि राज्य कृषि क्षेत्र में निरंतर नई उपलब्धियाँ हासिल कर रहा है और आने वाले समय में फूड पार्क जैसी बुनियादी सुविधाओं से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।