मध्य प्रदेश का समर कैंप 'आरोह-2026': व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक गतिविधियों का होगा समावेश
सारांश
Key Takeaways
- समर कैंप 'आरोह-2026' एक मई से शुरू होगा।
- रजिस्ट्रेशन के लिए 18 अप्रैल से आवेदन कर सकते हैं।
- कैंप में व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक गतिविधियां शामिल हैं।
- युवाओं का समग्र विकास सुनिश्चित करना इसका लक्ष्य है।
- यह कैंप शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आयोजित होगा।
भोपाल, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में एक मई से समर कैंप 'आरोह-2026' की शुरुआत होने जा रही है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने जानकारी दी है कि इस बार के समर कैंप में व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक गतिविधियां भी शामिल की जाएंगी।
राजधानी भोपाल में तात्या टोपे खेल स्टेडियम में गुरुवार को आयोजित सभी खेल अधिकारियों की बैठक में मंत्री सारंग ने कहा कि समर कैंप एक मई से सभी स्थानों पर प्रारंभ होगा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और क्यूआर कोड के माध्यम से इच्छुक लोग 18 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
उन्होंने सभी खेल अधिकारियों से इस आयोजन को युवा समन्वयकों के साथ मिलकर ब्लॉक और ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने का आग्रह किया। मंत्री सारंग ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल विभाग के इस समर कैंप 'आरोह-26' की जानकारी फैलाना आवश्यक है ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें। यह समर कैंप एक मूवमेंट के रूप में उभरना चाहिए, जैसे कि फिट इंडिया मूवमेंट और स्वच्छता अभियान। इस प्रकार, यह समर कैंप केवल गतिविधियों का केंद्र नहीं होगा, बल्कि बच्चों और परिवारों को जोड़ने का सकारात्मक संदेश भी देगा। हमारा उद्देश्य केवल प्रतिभा का विकास नहीं, बल्कि एक सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण करना भी है जो परिवार का गौरव और राष्ट्र एवं समाज का आधार बने।
मंत्री सारंग ने कहा कि खेल अधोसंरचना का विकास, प्रतिभाओं को निखारने वाले कोचों की पहचान और खिलाड़ियों को उत्कृष्टता की ओर ले जाना हमारा मुख्य उद्देश्य है। साथ ही, युवाओं को खिलाड़ी बनाने में कोचों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। युवाओं का शारीरिक और मानसिक विकास खेल के माध्यम से ही संभव है।
विभाग का मुख्य कार्य युवाओं को खेल से जोड़ना और उनका कल्याण करना है, जो मानसिक एवं बौद्धिक विकास के जरिए संभव है। इसके लिए जागरूकता और काउंसलिंग जैसे कार्यक्रम भी शामिल किए जा सकते हैं। बैठक में खेल संचालक अंशुमान यादव और संयुक्त संचालक बी.एस. यादव सहित प्रदेश के सभी खेल अधिकारी उपस्थित थे।